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कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू के छात्रों ने कैंसर अस्पताल के लिए रक्त व प्लाज्मा किया दान

कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू के छात्रों ने कैंसर अस्पताल के लिए रक्त व प्लाज्मा किया दान
Apr 22, 2026, 12:01 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के छात्रों ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के मरीजों के लिए रक्त और प्लाज्मा दान किया. इस सराहनीय पहल में बीएससी एग्रीकल्चर यूजी के छात्र वीर कुमार, आयुष हीरा, महेंद्र, प्रिंस कुमार,भूपेंद्र और श्वेताभ शामिल रहे. इन छात्रों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद कैंसर मरीजों की सहायता की और समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई.

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कैंसर के उपचार के दौरान कई मरीजों को नियमित रूप से रक्त और प्लाज्मा की आवश्यकता होती है. एक व्यक्ति के प्लाज्मा से दो बच्चों की जान बचाई जा सकती है. बहुत सारे बच्चे इसके आभाव में अपनी जिंदगी खो बैठते है जो कि प्लाज्मा के उपलब्धता से बचाई जा सकती थी. ऐसे में इन छात्रों का यह योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय है और समाज के लोगो को भी इसमें अपनी भागीदारी दिखानी चाहिए.


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छात्रों ने बताया कि वे भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहेंगे और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेंगे. यह पहल कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. यू. पी. सिंह के प्रेरणा अंतर्गत वाराणसी हेल्प ग्रुप द्वारा आयोजित किया गया था. जिसमें डिपार्टमेंट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ तरुन वर्मा, वाराणसी हेल्प ग्रुप के तरफ से हिमांशु गुप्ता और टाटा कैंसर अस्पताल की कर्मचारी खुशबु कुमारी ने बच्चों कों लगातार प्रोत्साहित किया. आज के इस मानवीय प्रयास के माध्यम से छात्रों ने विश्वविद्यालय के मूलमंत्र “विद्या धर्मेण शोभते” को चरितार्थ करते हुए यह सिद्ध किया है कि सच्ची शिक्षा वही है जो समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए.

यह पहल न केवल वर्तमान समय की सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप है, बल्कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूती प्रदान करती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी.

व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...
व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...
वाराणसी : किराना व्यापार समिति की ओर से बुधवार को विशेश्वरगंज स्थित एक होटल में व्यापारी गौरव महोत्सव का आयोजन किया गया.इस अवसर पर नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत, शपथ ग्रहण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया.कार्यक्रम में व्यापार जगत से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही.समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रम मंत्री अनिल राजभर, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी शामिल हुए.अतिथियों की मौजूदगी में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली.समिति के नव-निर्वाचित अध्यक्ष अनूप जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष संतोष सैनी, महामंत्री नारायण केसरी और कोषाध्यक्ष राजू जागिड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया.कार्यक्रम के दौरान समिति से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया.संरक्षक मंडल में सुनील चौरसिया, ओंकारनाथ माहेश्वरी, राजू जायसवाल, हरि लड्डू, बसंत सिंह, संतोष अग्रवाल और महेश्वर जायसवाल को शामिल किया गया.अपने संबोधन में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि संगठित व्यापारी समाज किसी भी क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण ताकत होता है.वहीं आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि किसी भी पद के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है और पदाधिकारियों को समाज तथा व्यापारियों के हित में कार्य करना चाहिए.कार्यकारी अध्यक्ष संतोष सैनी ने कहा कि समिति व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी.कार्यक्रम का संचालन सचिन अग्रवाल ने किया.इस दौरान प्रमोद अग्रहरी, सुधीर त्रिपाठी, गौरव राठी, संजय चौरसिया, दिनेश कुमार सिंह सहित कई व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.ALSO READ : बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...यह आयोजन व्यापारियों के सम्मान, संगठन की मजबूती और नए नेतृत्व के स्वागत का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ.
बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...
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वाराणसी : बीएचयू स्थित आईएमएस के आयुर्वेद संकाय में संचालित डीएसीपी (डिस्टिंग्विश्ड स्पेशलिटी क्लिनिकल प्रोफेसर) योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है.आयोग का आरोप है कि डीएससीपी योजना को लागू करने में उसके निर्धारित नियमों और विनियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. एनसीआइएसएम द्वारा 23 जून को जारी पत्र में कहा गया कि योजना के तहत नियुक्त किए गए चिकित्सकों और शिक्षकों को कई तरह के अनुचित लाभ दिए गए हैं. आयोग का मानना है कि योजना लागू करने से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं और मानकों का पालन किया जाना चाहिए था.नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोग ने पहले भी 10 जून को बीएचयू को पत्र भेजकर डीएसीपी योजना से संबंधित विज्ञापन वापस लेने और योजना पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था. हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा योजना को जारी रखा गया, जिसके बाद आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है.एनसीआइएसएम ने बीएचयू प्रशासन को निर्देश दिया है कि डीएसीपी योजना से जुड़े सभी दस्तावेज, विज्ञापन और नियुक्ति प्रक्रिया का पूरा विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों के विपरीत किसी प्रकार की नियुक्ति या पदोन्नति पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक, शिक्षक कोड और संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.ALSO READ : ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव में विरासत को संजोने के साथ ही सतत भविष्य के निर्माण पर होगा मंथन...आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संस्थानों में किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन अनिवार्य है. मामले की सुनवाई के लिए बीएचयू के कुलपति अथवा कुलसचिव को 25 जून को आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है. इस नोटिस के बाद आयुर्वेद संकाय की डीएसीपी योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय के जवाब तथा आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं.
ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव में विरासत को संजोने के साथ ही सतत भविष्य के निर्माण पर होगा मंथन...
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वाराणसी : शहर में व‍िरासत सहेजने और सतत भविष्‍य के ल‍िए नए स‍िरे से प्रयास के क्रम में ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन आगामी सात अगस्‍त को क‍िया जा रहा है. इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) "ग्रीन वाराणसी: विरासत को बचाना, टिकाऊ भविष्य बनाना" थीम के साथ ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन कर रहा है.यह कॉन्क्लेव नीति-निर्माताओं, उद्योग के नेताओं, डेवलपर्स, आर्किटेक्ट्स, हॉस्पिटैलिटी से जुड़े व्यक्तियों और सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वाराणसी को एक मॉडल ग्रीन सिटी में परिवर्तित करने के तरीकों पर चर्चा करना है, साथ ही शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और आर्किटेक्चरल विरासत को सुरक्षित रखना भी है. इस कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी वाराणसी की ग्रीन सिटी पहल को साकार करने के लिए अपने विचार साझा करेंगे. IGBC, जो कि Confederation of Indian Industry का हिस्सा है, भारत में ग्रीन बिल्डिंग मूवमेंट का नेतृत्व करता है और ग्रीन सर्टिफ‍िकेशन के लिए प्रमुख संस्था है.यह कॉन्क्लेव न केवल वाराणसी के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा कि कैसे एक शहर अपनी विरासत को संरक्षित करते हुए टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ सकता है. कॉन्क्लेव में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ अपने अनुभव और ज्ञान साझा करेंगे. इसके अलावा, वाराणसी की विशेषताओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी. यह आयोजन न केवल वाराणसी के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह टिकाऊ विकास के सिद्धांतों को लागू करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है.ALSO READ : वाराणसी में डीआरएम कार्यालय के पास ट्रेन चालकों ने किया धरना प्रदर्शन, जताया आक्रोश...इस कॉन्क्लेव के माध्यम से, IGBC और अन्य भागीदार मिलकर वाराणसी को एक ऐसा शहर बनाने का प्रयास करेंगे, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हो, बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोए रखे. यह आयोजन वाराणसी के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगा और इसे एक मॉडल ग्रीन सिटी के रूप में स्थापित करेगा. ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव 2026 एक महत्वपूर्ण मंच होगा, जहां विचारों का आदान-प्रदान होगा और वाराणसी के विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.