BHU में छात्रों का विरोध प्रदर्शन, इस नोटिफिकेशन पर जताया एतराज

वाराणसी - बीएचयू से संबद्ध सेंट्र्रल हिंदू स्कूल की वर्ष 2026 की प्रवेश प्रक्रिया और बुलेटिन में गडबडी को लेकर छात्रों ने मधुवन में धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने स्कूल से संबंधित नोटिफिकेशन पर एतराज किया है. कहा कि जब तक इसे वापस नहीं लेगा वे चुप नहीं बैठेंगे. धरने में मौजूद छात्रों ने इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी माँगों को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजने की बात कही.

किस मामले को लेकर है आक्रोश
प्रदर्शन का मुख्य मसला सीएचएस में कक्षा 9 में बालिकाओं के लिए सीटों की संख्या शून्य होना बताया गया. छात्रों का कहना है कि यह निर्णय न केवल प्रतिभाशाली छात्राओं के साथ अन्याय है, बल्कि विश्वविद्यालय की गरिमा पर भी सवाल खडे करता है. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि या तो कक्षा 9 में अतिरिक्त सेक्शन बनाए जाएँ या फिर पूरे सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के आधार पर पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई जाए.

कक्षा 6 में प्रवेश परीक्षा बहाल करने की मांग
छात्रों का कहना है कि कोरोना काल से कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा स्थगित है, जिसे अब तक बहाल नहीं किया गया है. उन्होंने मेरिट-आधारित, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा प्रणाली पुनः लागू करने की मांग उठाई. यदि किसी असाधारण परिस्थिति में लॉटरी प्रणाली अपनाई गई हो, तो उसका विस्तृत औचित्य सार्वजनिक करने और उसकी वैधानिक समीक्षा कराने की भी मांग की गई. उन्होंने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान, आरक्षित सीटें या छात्रवृत्ति योजना लागू करने की मांग की. साथ ही अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए नियमित संवाद मंच (पब्लिक हियरिंग/ग्रीवेंस रिड्रेसल फोरम) स्थापित करने की बात कही.

प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी सभी मांगों को संकलित कर प्रधानमंत्री को पत्र प्रेषित किया है, जिसमें बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, सुरक्षित एवं समान शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने तथा वाराणसी जैसे सांस्कृतिक नगर में स्थित इस राष्ट्रीय संस्थान की गरिमा की रक्षा हेतु दीर्घकालिक नीति दस्तावेज तैयार करने की अपील की गई है.



