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वक़्फ़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कुछ प्रावधानों पर लगी रोक...

वक़्फ़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कुछ प्रावधानों पर लगी रोक...
Sep 15, 2025, 09:02 AM
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Posted By Gaandiv



Waqf Bill: सुप्रीम कोर्ट में चल रही वक़्फ़ बिल संसोधन को लेकर सुनवाई में आज सुप्रीम कोर्ट ने बिल के कुछ प्रावधानों में रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा की पूरे कानून रोकने का अधिकार उसके पास नहीं है लेकिन सुनवाई के दौरान उसने तीन धाराओं पर रोक जरूर लगाई है. कोर्ट ने कहा कि बोर्ड में तीन से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं होने चाहिए. इसके अलावा वक़्फ़ एक्ट के अनुच्छेद 3 (74) पर भी रोक लगा दी है.


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वक़्फ़ कानून में इन प्रावधानों में रोक...


वक़्फ़ कानून के तहत पहले वही मुस्लिम अपनी प्रॉपर्टी को वक़्फ़ घोषित कर सकता है जो पांच सालों से मुस्लिम धर्म का पालन कर रहा होगा. कानून के इस प्रावधान पर भी कोर्ट ने अभी रोक लगा दी है.तर्क दिया गया है कि, राज्यों को पहले अपने स्तर पर कानून बनाने की जरूरत है जिससे यह तय हो सके कि, किसे मुस्लिम माना जाए और किसे नहीं.


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वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को राष्ट्रपति ने दी है मंजूरी


गौरतलब है केंद्र सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को 5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित किया था. लोकसभा ने इस विधेयक को 3 अप्रैल को 288 सदस्यों के समर्थन से पारित कर दिया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया. विधेयक के पक्ष में राज्यसभा में 128 और विपक्ष में 95 सदस्यों ने मतदान किया था.


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इन 2 बड़ी धाराओं पर लगाई गई है रोक


सुप्रीम कोर्ट ने खासकर 5 साल की जरूरत वाले प्रावधान पर रोक लगाई है. अनुच्छेद 374 के साथ राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित धारा पर रोक लगा दी है. साथ ही कहा है कि बोर्ड में 3 से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं होने चाहिए. बोर्ड का CEO भी मुस्लिम होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर को व्यक्तिगत नागरिकों के अधिकारों का निर्णय करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. यह सेपरेशन ऑफ पावर्स (शक्तियों के पृथक्करण) के सिद्धांत का उल्लंघन होगा.


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इन मुद्दों को लेकर दायर की थी याचिका


बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने वक्फ कानून में तीन मुद्दों को उठाते हुए इसकी वैधता को चुनौती दी थी, लेकिन लगातार 3 दिन याचिका पर सुनवाई करने के बाद बेंच ने गत 22 मई को अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया था. बेंच की अध्यक्षता खुद जस्टिस बीआर गवई ने की. याचिकाकर्ताओं ने स्टेट वक्फ बोर्ड और सेंट्रल वक्फ काउंसिल की संरचना पर भी सवाल उठाए. उन्होंने मांग की थी कि वक्फ बोर्ड में केवल मुसलमानों को ही शामिल किया जाना चाहिए. बता दें कि केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद अधिसूचित किया गया था.

25 लाख रंगदारी मांगने पर मुकदमा दर्ज, पुराने विवाद में सुलह का बना रहे थे दबाव...
25 लाख रंगदारी मांगने पर मुकदमा दर्ज, पुराने विवाद में सुलह का बना रहे थे दबाव...
वाराणसी : कमिश्‍नरेट के चितईपुर थाना क्षेत्र की महामनापुरी कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला पुराने विवाद में सुलह का दबाव बनाने से जुडा बताया जा रहा है.पीड़ित सोमनाथ पांडेय ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि गाजीपुर जनपद के रेवतीपुर थाना क्षेत्र स्थित उधरनपुर निवासी सुभाष राय उर्फ चिंटू, विजय सिंह तथा उनके अन्य सहयोगियों ने घर पहुंचकर धमकी दी. आरोपियों ने पूर्व में दर्ज एक मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाते हुए 25 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की.सोमनाथ पांडेय के अनुसार, सुभाष राय के खिलाफ करीब दो वर्ष पूर्व 17 लाख 50 हजार रुपये हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था. मामले की जांच के बाद पुलिस चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल कर चुकी है. आरोप है कि इसी प्रकरण को लेकर अब आरोपित लगातार दबाव बना रहे हैं और मुकदमा वापस लेने अथवा समझौता करने के लिए धमकी दे रहे हैं.पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने घर पर पहुंचकर अभद्र व्यवहार किया तथा गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है. मामले को गंभीरता से लेते हुए चितईपुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुभाष राय उर्फ चिंटू, विजय सिंह समेत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रंगदारी, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.ALSO READ : वाराणसी के अमृत सरोवर में स्‍नान करते समय डूबने से युवक की मौत, परिवार में कोहराम...इस संबंध में चितईपुर थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
वाराणसी के अमृत सरोवर में स्‍नान करते समय डूबने से युवक की मौत, परिवार में कोहराम...
वाराणसी के अमृत सरोवर में स्‍नान करते समय डूबने से युवक की मौत, परिवार में कोहराम...
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के औरा गांव स्थित अमृत सरोवर (तालाब) में स्‍नान करते समय डूबने से युवक की मौत हो गई. हादसे की खबर लगते ही युवक के परिवार में कोहराम मच गया. ग्रामीणाें की मदद से पुलिस ने शव निकलवा कर कब्‍जे में ले लिया. पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है. वहीं गांव में घटना को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. युवक अविवाहित होने के साथ मजदूरी करता था.औरा गांव निवासी युवक के भाई रामनंचद्र अग्रहरि ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका छोटा भाई प्रेमचंद्र अग्रहरि 26 वर्ष मंगलवार की सुबह अमृत सरोवर में नहाने गया था. उसी दौरान गहरे पानी में जाने के कारण वह डूब गया. थोडी देर बाद जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनाें को चिंता हुई.बाद में ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. युवक मजदूरी करके जीवन यापन करता रहा. उसकी मौत के बाद गांव में चूल्‍हे नहीं जले. गांव में शोक का माहौल है.कार ने ली वृद्धा की जानचौबेपुर थाना क्षेत्र के बरियासनपुर ड्योढ़ापर गांव में आयोजित एक पारिवारिक समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब चार पहिया वाहन की चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की मौत हो गई. हादसे के बाद परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई.जानकारी के अनुसार शिवपुर थाना क्षेत्र के सरसवां निवासी 70 वर्षीय श्याम प्यारी पत्नी बुल्लू रविवार शाम करीब पांच बजे बरियासनपुर ड्योढ़ापर गांव में आयोजित एक लड़की की छेकाई रस्म में शामिल होने पहुंची थीं.ALSO READ : विधायक ने 51 बटुकों संग किया गंगा का दुग्‍धाभिषेक, हर हर गंगे की गूंज से वातावरण हुआ भक्तिमय...समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और खुशियों का माहौल था. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान वहां खड़ी एक कार की चाबी कुछ लोगों ने चालक से लेकर वाहन चलाना शुरू कर दिया. इसी दौरान कार अचानक अनियंत्रित हो गई और वहां मौजूद श्याम प्यारी को जोरदार टक्कर मार दी. परिजन आनन-फानन में घायल महिला को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई. इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई.
विधायक ने 51 बटुकों संग किया गंगा का दुग्‍धाभिषेक, हर हर गंगे की गूंज से वातावरण हुआ भक्तिमय...
विधायक ने 51 बटुकों संग किया गंगा का दुग्‍धाभिषेक, हर हर गंगे की गूंज से वातावरण हुआ भक्तिमय...
वाराणसी : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को काशी के घाट धार्मिक अनुष्‍ठानों से सराबोर रहे. इस दौरान पूर्व मंत्री एवं शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी ने 51 बटुकों के साथ मां गंगा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुग्धाभिषेक कर विधिवत पूजन-अर्चन किया. घाट पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और स्थानीय लोग शामिल हुए. गंगा तट पर हर-हर महादेव और गंगा मैया के जयघोष के बीच हुए इस आयोजन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. 51 बटुकों द्वारा एक साथ मां गंगा का पूजन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा. वैदिक मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था ने घाट क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया.पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक नीलकंठ तिवारी ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को लेकर बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में बांधने वाली जीवन शैली है. काशी सदियों से आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रही है, जहां की परंपराएं पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती हैं.उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत हैं. आधुनिकता के इस दौर में भी लोगों को अपनी जड़ों, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए. काशी की पहचान उसके घाट, मंदिरों, धार्मिक आयोजनों और आध्यात्मिक वातावरण से है.ALSO READ : दो दिन बाद बदलेगा मौसम का रुख, लोकल हीटिंग से हो सकती है बादलों की सक्रियता...विधायक ने युवाओं से भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी यदि अपनी परंपराओं से जुड़ी रहेगी तो भारतीय संस्कृति आने वाले समय में भी सुरक्षित और जीवंत बनी रहेगी. काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन सभ्यता और भारतीय संस्कृति की आत्मा है. गंगा दशहरा पर बडी संख्‍या में भक्‍तों ने गंगा में पुण्‍य की डुबकी लगाई और आशीर्वाद मांगा.