Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बिना गंगा स्‍नान के काशी पहुंचे स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद ने बीजेपी पर कसा तंज, पुलिस अलर्ट

बिना गंगा स्‍नान के काशी पहुंचे स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद ने बीजेपी पर कसा तंज, पुलिस अलर्ट
Jan 29, 2026, 09:30 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : माधी पूर्णिमा पर बिना गंगा स्‍नान किए आखिरकार शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे वाराणसी स्थित श्रीविद्या मठ पहुंच गए. उनके आने की सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई. सुरक्षा को लेकर मठ के आसपास सुरक्षा और खुफिया तंत्र का जाल बिछाया गया है. उधर, शाम ढलने के बाद मौन धारण करने वाले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दर्शन के लिए उनके भक्त श्रीविद्या मठ पहुंचे लेकिन निजी सुरक्षा कर्मियों ने किसी से भी मुलाकात नहीं होने दी. इस दौरान स्वामी सीधे अपने कक्ष में रात्रि विश्राम को पहुंचे.


SWAMI


बता दें कि प्रयागराज में माघ मेले में बसंत पंचमी पर पालकी शोभायात्रा निकाल संगम स्नान करने की परंपरा को निभाने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तैयार हुए थे लेकिन मेला प्रशासन ने शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी थी. इससे शंकराचार्य समेत संत समाज क्षुब्ध रहा और शंकराचार्य ने प्रदेश सरकार को खूब कोसा. इस दौरान हुए विवाद के बीच शंकराचार्य सुबह प्रयागराज से काशी के लिए कूच किए. प्रयागराज से काशी के बीच जगह-जगह भक्तों ने शंकराचार्य का स्वागत और अभिनंदन किया. भदोही स्थित अजोरा आश्रम में ठहरने के दौरान स्वागत हुआ. देर शाम स्वामी अपने भक्तों के साथ काशी रवाना हुए.


बार्डर पर पुलिस फोर्स भी सतर्क रही. वायरलेस सेट पर स्वामी के गुजरने की लोकेशन पाकर संबंधित थाने की पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात रही. रात लगभग 9.30 बजे शंकराचार्य भेलूपुर थाना क्षेत्र के केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ में प्रवेश किए. हालांकि उनके आने की सूचना पर दिन में ही चहल पहल बनी रही. अनुयायियों और शिष्यों के आने का सिलसिला लगा रहा और हर कोई पल-पल की खबर लेता रहा. स्वामी के आने पर बटुकों ने भी स्वागत किया. भेलूपुर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रात में शंकराचार्य सुरक्षित अपने मठ पहुंच गए. आगमन पर पुलिस फोर्स सतर्क रही.


भाजपा पर कसा तंज, कहा न्‍याय की आशा न करें


शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी पहुंचकर गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरे देश में लोगों ने वीडियो में देखा कि बटुकों को उनकी चोटी पकड़कर उन्हें अपमानित किया जा रहा है. अपनी गलती को गलती न मानना और अपने अपराध को न स्वीकार करना ये उन पर निर्भर करता है. जो अपराध किया वो सबके सामने आ ही गया है. अपने लोगों ने तो संयम से 11 दिन प्रयागराज में रहकर उनको मौका दिया कि आपसे जो अपराध हुआ है चाहे तो आप सुधार सकते हैं, लेकिन उन्होंने नहीं सुधारा. इसके बाद काशी वापस लौट गए हैं. इस पार्टी की सरकार में न्याय की कोई आशा न करे यही संदेश मिला है.


ALSO READ : वाराणसी में सुबह कोहरे ने किया चकित, जानिए मौसम में होने वाला बदलाव


यूजीसी के नए नियमों का किया विरोध


यूजीसी के नए नियमों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह नियम इसी लिए लाया गया है कि उनकी कमियां जो हैं उसकी चर्चा कोई न करे. सवाल ये है कि यूजीसी जैसा नियम जो सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ा खतरा है. सनातन धर्म में जातियां हैं, जातियां इसलिए नहीं हैं कि एक दूसरे से लड़ें, ये इसलिए है कि सभी लोगों की आजीविका सुरक्षित रहे. ये पुराने लोगों की बनाई गई परंपरा है. अब यूजीसी के सहारे इन लोगों ने एक जाति को दूसरे जाति के सामने लाकर खड़ा कर दिया है. इससे आपस में लड़कर उनको मरना ही मरना है. पूरे सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए एक मशीन ले आए हैं. यूजीसी के नियम हिंदू समाज के लिए घातक हैं. इसलिए हम इसका विरोध करते हैं.

350 रुपए के पार पहुचा पेट्रोल, इस देश में मचा हाहाकार
350 रुपए के पार पहुचा पेट्रोल, इस देश में मचा हाहाकार
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की है. मतलब साफ है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है. इन बढ़ते दामों की वजह कुछ और नहीं बल्कि अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के साथ-साथ मिडिल ईस्ट का बढ़ता तनाव है. जिसकी वजह से पाकिस्तान में पेट्रोल- डीजल के तेलों की कीमतों में आग लग गई है. इन दामों को देख सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वो है पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहक जिनकी जेब पर अब हद से ज्यादा बोझ पड़ने लगा है. यहीं कारण है कि ईरान-इजरायल युद्ध से चिंतित लोगों को अब इस बात की चिंता सताने लगी है कि आखिर कब तक इस बढ़ती महंगाई का दिन देखना पड़ेगा.फ्यूल खरीदने वालों को डराने लगे पेट्रोल-डीजल के दामदरअसल, पाकिस्तान में बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दाम अब रिटेल फ्यूल खरीदने वाले लोगों को डराने लगे है. इन बढ़ते दामों से पहले पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 266 (दो सौ छियासठ).17 रुपये थी, जो अब बढ़कर 321.17 रुपये (105.62) प्रति लीटर हो गई है. वहीं हाई स्पीड वाला डीजल जो अब लोगों के लिए लो होने का एहसास कराने लगा है, इसके दाम पहले 280.86 रुपये बेचा जा रहा था, जो अब बढ़कर 335.86 (छियासी) (110) रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. इन दामों को देख रिटेल फ्यूल खरीदने वाले लोग इसलिए टेंशन में आ गये है क्योंकि भारत की तुलना में अब ये कीमतें तीन गुना से ज्यादा रफ्तार पकड़ चुकी हैं. दिल्ली में पेट्रोल 94 चौरानबे.72 बहत्तर रुपये और डीजल 87सत्तासी.62 बासठ रुपये बेचा जा रहा है. ऐसे में अब आलम ये है कि, खरीदने से पहले लोग ये तक सोचने लगे है कि अगर इतने का पेट्रोल और डीजल खरीदेंगे तो खाएंगे क्या.पाक पीएम ने लोगों को दी चेतावनीअमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है. जहां ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की वजह से तेल की इन बढ़ती कीमतों ने लोगों के रातों की नींद उड़ा दी है. पाक पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर रिटेल फ्यूल कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की जानकारी दी है, जहां उन्होंने बताया कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस तरह का फैसला मजबूरी में लेना पड़ा है, क्योंकि, वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है. हालांकि, पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान को मिडिल ईस्ट ने और भी मुश्किलों बढ़ा दी है. जिससे गरीब आवाम को सबसे ज्यादा जूझना पड़ेगा. मगर हमारी पाकिस्तान सरकार के पास इसके सिवा और कोई चारा नहीं बचा है.यह भी पढ़ें: क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, जिसमें 24 साल बाद बरी हुए राम रहीम...गजब की बात तो यह रही कि, पाक सरकार की तरफ से फ्यूल के रेट बढ़ाए जाने के ऐलान से पहले लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. इस स्थिति को देखते हुए पीएम शहबाज शरीफ ने लोगों को फ्यूल की जमाखोरी के खिलाफ पहले ही चेतावनी दे दी है. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, सरकार कह रही है कि उनके पास पर्याप्त पेट्रोल है. लेकिन वह चाहती है कि फ्यूल का इस्तेमाल ज्यादा समय तक किया जा सके. क्योंकि मिडिल ईस्ट का संकट कब तक चलेगा, ये किसी को भी नहीं पता.
क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, जिसमें 24 साल बाद बरी हुए राम रहीम...
क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, जिसमें 24 साल बाद बरी हुए राम रहीम...
रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आज डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को 24 साल पुराने हत्याकांड में बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले में बदलाव करते हुए राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया. हालांकि हाईकोर्ट ने इस केस में दोषी ठहराए गए तीन अन्य आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है.अक्टूबर 2002 में हुई थी हत्या...बता दें कि, सिरसा में एक स्थानीय समाचार पत्र चलाने वाले रामचंद्र छत्रपति की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा क्यूंकि, पत्रकार ने डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ सम्बंधित आरोपों के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इन रिपोर्ट में पत्रकार ने डेरा प्रमुख के खिलाफ यौन संबंध के मामले में आरोप लगाए थे. मामले में जांच शुरू हुई और मामले को CBI को दे दिया गया.यह भी पढ़ें: UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिकाहाईकोर्ट ने राम रहीम को किया बरीबता दें कि आरोपियों ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दायर की थीं. हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुनने के बाद यह निर्णय दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले. इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है. वहीं बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ मौजूद साक्ष्यों को अदालत ने पर्याप्त माना. कोर्ट ने इन दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा.
UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिका
UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिका
वाराणसी: उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है. सरकार अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तदनुरूप नीतियों का अनुगमन कर रही है. प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने मेें कृषि क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी. आइसार्क में आरंभ धान नीतियों पर उच्च स्तरीय नीति संवाद के निष्कर्षों को प्रदेश सरकार कृषि व किसान हित में लागू करेगी.ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थििक सलाहकार केवी राजू ने कही. वह शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क व भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद के सहयोग से, आइसार्क में आरंभ दो दिवसीय उच्च स्तरीय नीति संवाद के दो दिवसीय आयोजन में प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे.यह भी पढ़े: संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारणकार्यक्रम का मुख्य विषय “भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतियों का पुनर्गठन : सीख एवं प्राथमिकताएं’ है. इस दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंंध भारतीय अनुसंधान परिषद के डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर डा. अशोक गुलाटी, विश्व बैंक की कृषि विशेषज्ञ डा. सौम्या श्रीवास्तव, फेडरेशन आफ सीड इंडस्ट्री आफ इंडिया के महानिदेशक डा. परेश वर्मा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक कृषि प्रसार डा. राजबीर सिंह आदि ने अपने विचार रखे. आयोजन में विभिन्न सरकारी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, शोधकर्ता, विकास सहयोगी संस्थाएं, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा किसान भाग ले रहे हैं.इसमें भारत की वर्तमान धान नीति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इस संवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग ले रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री के सलाहकार, कृषि उत्पादन आयुक्त तथा प्रमुख सचिव प्रमुख हैं. इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों, विकास संगठनों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं व उनके प्रतिनिधि भी इस संवाद में सहभागिता करेंगे.