स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रवचन में मधुमक्खियों का हमला, कार्यक्रम बीच में ही समाप्त

Bees attack Swami Avimukteshwarananda's sermon, programme ends midway
वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा गोरक्षा के लिए 81 दिन की यात्रा निकाली गई है. इस दौरान बुधवार को रोहनिया क्षेत्र के दरेखूं स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा का स्वागत कार्यक्रम रखा गया था. जहां गांव के ही गोपाल यादव और सुभाष राजभर ने प्राचीन शिव मंदिर पर स्वामी जी की यात्रा का स्वागत और प्रवचन का कार्यक्रम रखा था.

गौरक्षा के बारे में जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बोलना शुरू किया तो मधुमक्खियों ने अचानक लोगों को डंक मारना शुरू कर दिया. जिसके बाद उन्होंने सभी लोगों से अपील भी किया कि शांति पूर्वक पत्थर की मूरत बनकर बैठे रहें. लेकिन मधुमक्खियों का झुंड कई लोगों को डंक मारने लगी. जिसके कारण प्रवचन सुन रहे लोग भागने लगे और अफरा तफरी का माहौल हो गया.

बीच में समाप्त हुआ अविमुक्तेश्वरानंद का कार्यक्रम
मधुमक्खियों के आतंक को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपना कार्यक्रम बीच में ही समाप्त करके जाना पड़ा. प्रवचन के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सत्ता मिलने के पहले बहुत बड़े गोभक्त थे और सत्ता मिलने के बाद. इसी दौरान मधुमक्खियों का झुंड आया तो कहने लगे कि कुछ लोग होते हैं जिन्हें अच्छे काम पसंद नहीं आते. वो देखते हैं इसमें क्या कर सकते हैं विघ्न बाधा के लिए. उन्होंने पहले से अंदाजा लगा लिया होगा कि जब सभा जमने लगेगी तब हम मधुमक्खियों को कुरेद देंगे.

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बतादें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में गोरखपुर से निकली 81 दिवसीय गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा आज मिर्जापुर से होते हुए काशी पहुंची. शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि यह 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा प्रदेश के समस्त 403 विधानसभाओं में जाएगी. गर्मी के इस मौसम में गौभक्त शंकराचार्य जी महाराज द्वारा गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु एवं उनको राष्ट्र एवं राज्यमाता घोषित कराने हेतु निकाली जा रही इस यात्रा को सभी विधानसभाओं में काफी व्यापक जन समर्थन प्राप्त हो रहा है.



