बीएचयू साउथ कैंपस में टेलीमेडिसिन ओपीडी शुरू, एसएस अस्पताल के विशेषज्ञों से मिलेगी ऑनलाइन चिकित्सा सलाह

वाराणसी : बरकछा स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर (RGSC) में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। परिसर के हेल्थ सेंटर में ‘सेतु-केयर बीएचयू टेलीमेडिसिन ओपीडी’ की शुरुआत की गई। कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने मंगलवार को इसका उद्घाटन किया। सुविधा के माध्यम से दक्षिणी परिसर के मरीज वाराणसी स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल (SSH) के विशेषज्ञ चिकित्सकों से टेलीमेडिसिन के जरिए परामर्श ले सकेंगे।
यह सुविधा ई-संजीवनी राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से संचालित होगी। मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के साथ ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा भी मिलेगी। उद्घाटन के तुरंत बाद पहली टेलीमेडिसिन ओपीडी का डेमो भी किया गया। आरजीएससी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ऋषभ मिश्रा ने मरीज को IMS-BHU के जनरल मेडिसिन विभाग के डॉ. निलेश कुमार से जोड़ा। परामर्श पूरा होने के बाद कुलपति ने पहली टेलीमेडिसिन ओपीडी का प्रिस्क्रिप्शन मरीज को सौंपा।
इस अवसर पर IMS-BHU के निदेशक प्रो. एसएन सांखवार, चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. संजय गुप्ता, सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत और आरजीएससी के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. बीएमएन कुमार मौजूद रहे। कुलपति ने टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू होने पर दक्षिणी परिसर को बधाई देते हुए इसे बेहतर समन्वित टीमवर्क का उदाहरण बताया।

सीएचएस में नए भवन की पहली मंजिल का उद्घाटन
कुलपति ने अपने दिनभर के दक्षिणी परिसर दौरे के दौरान सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) के नए भवन की पहली मंजिल का भी उद्घाटन किया। नए निर्माण में पांच कक्षाएं, एक कंप्यूटर लैब और एक हॉल बनाया गया है। इससे स्कूल की क्षमता में वृद्धि होगी। कुलपति ने स्कूल की सुविधाओं का निरीक्षण करने के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद भी किया।
छात्रों को मिलेगी ई-बाइक की सुविधा
परिसर में आवागमन को सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ई-बाइसिकल सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। छात्र परिसर के भीतर आने-जाने के लिए ई-साइकिल किराये पर ले सकेंगे। इससे दक्षिणी परिसर में टिकाऊ और सुविधाजनक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
नए पीजी छात्रों से बोले कुलपति- अपनी ‘इनर कॉलिंग’ पहचानें
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कुलपति ने नवनियुक्त परास्नातक छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों से अकादमिक यात्रा के दौरान अपनी ‘इनर कॉलिंग’ यानी अपनी रुचि और उद्देश्य को पहचानने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेहतर अकादमिक प्रदर्शन आत्मविश्वास बढ़ाता है और मेहनत, धैर्य तथा निरंतरता से आत्मविश्वास विकसित होता है।
मानसिक तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में कठिन दौर आते हैं। ऐसे समय में मदद और सहयोग मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को बीएचयू के वेल-बीइंग सर्विसेज सेल (WBSC) की सेवाओं का लाभ लेने और एक-दूसरे के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। साथ ही छात्रों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने को कहा।
मांग घट रहे पाठ्यक्रमों की समीक्षा पर जोर
कुलपति ने दक्षिणी परिसर और पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के शिक्षकों के साथ भी संवाद किया। उन्होंने कम मांग वाले पाठ्यक्रमों को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर गंभीर समीक्षा की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इसके पीछे पुराना पाठ्यक्रम, प्लेसमेंट पर पर्याप्त ध्यान न देना और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप कार्यक्रमों का विकसित न होना जैसे कारणों की पड़ताल की जानी चाहिए।
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उन्होंने उभरते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों में बदलाव और नए कार्यक्रमों को विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही उत्तर परिसर के विशेषज्ञ शिक्षकों को विशिष्ट पाठ्यक्रमों के लिए अतिथि शिक्षक के रूप में जोड़ने का सुझाव दिया।
आरजीएससी के प्रो. बीएमएन कुमार ने बताया कि दक्षिणी परिसर की स्थापना ग्रामीण समृद्धि में योगदान देने की दृष्टि से की गई है। उन्होंने परिसर के हरित एवं स्वस्थ वातावरण को शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि यह पूर्णतः आवासीय परिसर है और हाल के समय में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है। पार्किंग और पुस्तकालय सुविधाओं को भी आगे और बेहतर किए जाने की बात कही।
वहीं, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के डीन प्रो. अमित राज गुप्ता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर दक्षिणी परिसर के विद्यार्थी संकाय में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।



