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बुनकरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाजार तक पहुंचना : उपनिदेशक अशोक कुमार वर्मा

बुनकरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाजार तक पहुंचना : उपनिदेशक अशोक कुमार वर्मा
Sep 25, 2025, 08:54 AM
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Posted By Gaandiv


वाराणसी:चौकाघाट स्थित बुनकर सेवा केंद्र के नवनियुक्त उपनिदेशक अशोक कुमार वर्मा का गुरुवार को उनके कार्यालय में बुनकरों ने अभिनंदन किया. इस अवसर पर बजरडीहा हथकरघा क्लस्टर विकास संस्थान के अध्यक्ष मोहम्मद स्वलेह अंसारी के नेतृत्व में बुनकरों ने उपनिदेशक को पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वाबगत किया. इस दौरान श्री वर्मा ने कहा कि आज बुनकरों के सामने सबसे बड़ी समस्या मार्केटिंग की है. सरकार को इसका ठोस समाधान निकालना होगा. बनारस की हथकरघा पर बनी साड़ियाँ और वस्त्र बेहद ख़ूबसूरत व अद्वितीय हैं, लेकिन इन्हें सही बाज़ार तक पहुँचाना सबसे ज़रूरी है.


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बुनकरों की मेहनत और कौशल शहर की पहचान


उन्होंने आगे कहा कि बनारस की बनी साड़ियाँ आज अमेरिका, यूरोप, जापान और अफ़्रीका के अनेक देशों में निर्यात की जाती हैं. यदि बुनकर अपने उत्पादन की गुणवत्ता और उसकी विविधता पर और अधिक ध्यान देंगे तो निश्चित रूप से बनारस की साड़ी का बाज़ार पहले की तरह सशक्त बना रहेगा.

इस अवसर पर उपनिदेशक वर्मा ने वाराणसी की ऐतिहासिक परंपराओं और बुनकरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “वाराणसी की पहचान बुनकरों की मेहनत और उनके अद्भुत कौशल से है. यही कला और परंपरा बनारस को दुनिया के नक्शे पर अलग स्थान दिलाती है. विभाग की ओर से बुनकरों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे.”


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बुनकरों को मिलेगी नई ऊर्जा


संस्थान के अध्यक्ष मोहम्मद स्वलेह अंसारी ने कहा कि “उपनिदेशक के मार्गदर्शन से बुनकर समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी. उनके सहयोग से बुनकरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परंपरागत कलाओं को नई पहचान मिलेगी.” स्वागत करने वालों में हाजी अब्दुल अहद, ज़ुल्फ़िकार आलम, सगीर अहमद, बाबू भाई, मुमताज़ अहमद, नूर आलम, मोहम्मद असलम, रियाजुद्दीन, डब्लू, अरशद, अनिल गोस्वामी और सरफ़राज़ ख़ान सहित कई लोग उपस्थित रहे.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल की सप्लाई रोकने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होरमुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश या फिर किसी भी तरह की साजिश की तो उसे बख्शा नहीं बल्कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये कार्रवाई अब तक की हुए हमलों से भी कई गुना खतरनाक होगी, जिसका अंदाजा भी ईरान नहीं लगा सकता है. अगर मेरी इन बातों का जरा भी अनसुना कर ईरान ने कुछ भी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं, क्योंकि कुछ भी हो जाए होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकनी नहीं चाहिए. फिलहाल, मैं दुआ करता हूं, कि ईरान मुझे ऐसा करने पर मजबूर ना करें.ट्रंप ने कहा- तबाही का कहर बरपेगावहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर जारी पोस्ट में कहा, "अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकी तो हम ऐसे ठिकानों को आसानी से तबाह कर देंगे कि ईरान के लिए एक देश के तौर पर दोबारा खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. उन पर मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा. लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं दुआ करता हूं, कि ऐसा न हो!”यह भी पढ़ें: काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमणइसी के आगे उन्होंने इस चेतावनी को इंटरनेशनल कॉमर्स को बचाने के कदम के तौर पर बताया, खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि ऐसी स्टेबिलिटी बीजिंग समेत बड़ी ग्लोबल इकॉनमी के हितों को कैसे पूरा करेगी. "यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की तरफ से चीन और उन सभी देशों को एक तोहफा है जो होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. उम्मीद है, यह एक ऐसा इशारा है जिसकी बहुत तारीफ की जाएगी."लड़ाई खत्म होने का दावाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ छिड़ी जंग को लेकर कहा कि, ईरान के साथ चल रही ये "लड़ाई पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और तेहरान की डिफेंसिव और अटैकिंग क्षमताएँ पूरी तरह से खत्म हो गई हैं. इसकी वजह ये है कि ईरान की ताकत अब अमेरिका से लड़ने के लिए पूरी खत्म हो चुकी है, इतना ही नहीं, अमेरिका का सामना करने के लिए अब उसके पास कोई नेवी नहीं बची है, यहां तक की उसके पास कोई कम्युनिकेशन नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका ने ईरान को अब मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसे कंगाल बना दिया है, ताकि वो दुबारा से अमेरिका और कई देशों का सामना करने से पहले दस बार अपनी गरीबी के बारे में सोचेगा.
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR
का किया भ्रमण
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमण
वाराणसी: त्रिपुरा के पत्रकारों का एक दल, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अगरतला की पहल पर वाराणसी भ्रमण के दौरान आज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) पहुँचा और संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार से संवाद किया. पत्रकारों के इस दल का नेतृत्व श्री कृपाशंकर यादव, अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी (उत्तर-पूर्व) ने किया. इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, विशेषकर त्रिपुरा में सब्जी क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला.उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और विविध कृषि परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं. उन्नत किस्मों, जलवायु-सहिष्णु तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रबंधन को अपनाकर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है.यह भी पढ़ें: IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनामनिदेशक ने यह भी बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सब्जी किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों एवं हितधारकों के क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. एनइएच क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को संस्थान की ओर से संचालित किए जाने के प्रभारी डॉ राकेश कुमार दुबे ने पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की.इस दौरान पत्रकारों ने बड़ी उत्सुकता के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया तथा त्रिपुरा में सब्जी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा इस क्षेत्र के विकास में आईआईवीआर की भूमिका से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे. अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिनमें अनुसंधान फार्म, हाई-टेक नर्सरी तथा ब्रिमेटो/पोमेटो की प्रायोगिक फसलें शामिल थीं. इन नवाचारों में पत्रकारों ने विशेष रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से इनके संभावित उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष डॉ ए एन सिंह, डॉ अनंत बहादुर, पीएमई के अध्यक्ष डॉ एस के सिंह एवं अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे.
IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनाम
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वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट टेक्नेक्स-26 का आयोजन 13 से 15 मार्च तक किया जा रहा है. इस आयोजन की प्रतियोगिताओं के लिए इनाम की घोषणा कर दी गई है. टेक्नेक्स में मालवेयर, साइबर सिक्योरिटी और हैक इन आउट प्रतियोगिताओं में इंटरनेशनल कोडिंग मैराथन के 20 हजार से लेकर रोबोवार्स में 3.5 लाख तक के इनाम होंगे. इसमें मालवेयर, हैक इट आउट, सीटीएफ कंप्टीशन, गेम जेम, ड्रोन वार, स्काई ग्लाइड, एयरो वर्स, ड्रोन टेक, फिनकल इनोवेशन हैकाथॉन सहित 30 प्रतियोगिताएं होंगी. इसके अलावा प्रोडक्ट मैनेजमेंट कार्यशाला और दो दिन की जेनरेटिव एआई कार्यशाला होगी. ये सभी छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क है.सीटीएफ कंप्टीशन साइबर सिक्योरिटी हंट विषय पर प्रतियोगिता के विजेताओं को 50 हजार रुपये व अन्य इनाम दिए जाएंगे. यह इवेंट 15 मार्च को ऑनलाइन होगा. हर टीम में 3-3 सदस्य होंगे.यह भी पढ़ें: भारतीय संस्‍कृति से आकर्षित होकर काशी में विदेशी जोड़े ने रचाई शादी, कहा- सपना हुआ पूराइंटरनेशनल कोडिंग मैराथनपूरी दुनिया से कोई भी छात्र या छात्रा इसमें हिस्सा ले सकता है. यह एक सॉफ्टवेयर विकास और नवाचार हैकथॉन होगा. टीमें वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करेंगी और एक प्रोटोटाइप भी तैयार करेंगी.मालवेयर इसकी पात्रता व्यक्तिगत या अधिकतम तीन सदस्यों की है. यह एक मशीन लर्निंग प्रतियोगिता है जिसमें प्रतिभागी बेहतर सटीकता के साथ डेटा के साथ समस्याओं को हल करने के लिए मॉडल बनाएंगे.हैक इट आउटइसमें 1 से 4 सदस्यों की टीमें भाग लेंगी। यह एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और नवाचार हैकाथॉन है.गेम जेमपंजीकरण पूरा करने और नियमों का पालन करने वाले सभी पात्र प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकते हैं. प्रतिभागियों को टेक्नेक्स 2026 के दौरान एक ऑनलाइन पिच इवेंट के लिए उपलब्ध रहना होगा.