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मुख्‍यमंत्री का आज से दो दिवसीय दौरा, विकास कार्यों की समीक्षा संग कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल ...

मुख्‍यमंत्री का आज से दो दिवसीय दौरा, विकास कार्यों की समीक्षा संग कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल ...
Jun 12, 2026, 07:18 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार की शाम काशी आ रहे हैं. इस व्यस्त दौरे के दौरान विविध आयोजनों में शामिल होंगे. योगी शाम चार बजे के करीब हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंचेंगे. इसके बाद वह सर्किट हाउस पहुंचकर लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्यों और आगामी योजनाओं की गहन समीक्षा करेंगे.

योगी शाम सात बजे सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट जाएंगे. वहां पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाणपत्र वितरण, विभिन्न विभागों के स्टाल का निरीक्षण, बृहद चिकित्सा शिविर का शुभारंभ कर संबोधित करेंगे.


इसके बाद श्रीकालभैरव और बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन कर वापस सर्किट हाउस आ जाएंगे. योगी अगले दिन 13 जून को सुबह नौ बजे बीएचयू में बन रहे नेशनल सेंटर आफ एजिंग परियोजना का निरीक्षण करेंगे और विज्ञान भारती कार्यक्रम में भाग लेंगे. योगी बीएचयू से ही हेलीकाप्टर से आजमगढ़ के लिए प्रस्थान कर जाएंगे.


सीएम के आगमन, भ्रमण एवं प्रस्थान के दृष्टिगत सुगम यातायात व्यवस्था तथा आम जनमानस की सुविधा सुनिश्चित करने के आवश्यकतानुसार यातायात रोक एवं डायवर्जन लागू किए जाने के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है.


- अमर उजाला तिराहा से वीवीआईपी के आगमन से 03 घण्टें पूर्व टेम्पो ट्रेवलर, आर्मेनिया बसें, क्रूजर आदि वाहन को लहुराबीर, मैदागिन की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन वाहनो को लकड़ीमण्डी की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- विशेश्वरगंज तिराहा से वीवीआईपी के आगमन से 02 घण्टें पूर्व चार पहिया वाहनों को मैदागिन की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन वाहनो को गोलगड्डा तिराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- राजघाट पुल सूजाबाद की तरफ से मालवाहक वाहनों का संचालन वीवीआईपी के आगमन से 03 घण्टें पूर्व बन्द रहेगा.


- मैदागिन चौराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के दृष्टिगत किसी भी प्रकार के वाहन को गोदौलिया चौराहा की तरफ नही जाने दिया जायेगा.


- गोदौलिया चौराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के दृष्टिगत किसी भी प्रकार के वाहन को मैदागिन चौराहा की तरफ नही जाने दिया जायेगा.


- मरीमाई तिराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के दृष्टिगत किसी भी प्रकार के वाहन को तेलियाबाग तिराहा की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन्हे अन्ध्रापुल चौराहा / मलदहिया चौराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- लहुराबीर चौराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के दृष्टिगत किसी भी प्रकार के वाहन को मैदागिन की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन्हे मलदहिया चौराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- जंगमबाड़ी से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के दृष्टिगत किसी भी प्रकार के चार पहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन को गोदौलिया चौराहा की तरफ नही जाने दिया जायेगा.


- भोजूबीर तिराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के समय किसी भी प्रकार के वाहन को जेपी मेहता तिराहा की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन्हे अर्दली बाजार तिराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- जेपी मेहता तिराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के समय किसी भी प्रकार के वाहन को भोजूबीर तिराहा की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन्हे सेन्ट्रल जेल तिराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- कचहरी चौराहा से वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान के समय किसी भी प्रकार के वाहन को सर्किट हाउस की तरफ नही जाने दिया जायेगा, इन्हे अम्बेडकर चौराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


- भोजूबीर तिराहा, कचहरी चौराहा से चौकाघाट के बीच आटो ई-रिक्शा का संचालन वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान से 02 घण्टे पूर्व बन्द रहेगा.


- लहुराबीर से मैदागिन के बीच आटो ई-रिक्शा का संचालन वीवीआईपी के आगमन / प्रस्थान से 02 घण्टे पूर्व बन्द रहेगा.


- आटो/ई-रिक्शा का संचालन पुलिस लाइन से चौकाघाट, लहुराबीर से विशेश्वरगंज के बीच बन्द रहेगा.


- भोजूबीर तिराहा, कचहरी चौराहा तथा जे०पी० मेहता तिराहा के बीच आटो ई-रिक्शा का संचालन वीवीआईपी के आगमन /प्रस्थान से 02 घण्टे पूर्व बन्द रहेगा.


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यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने अपील की है कि उपरोक्तानुसार प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें एवं अत्यंत आवश्यकता की दशा में ही वाहन एवं अतिरिक्त समय लेकर वीवीआईपी कार्यक्रम क्षेत्र मार्ग में निकले.

सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्मान
बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्मान
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बरकच्छा (मिर्जापुर) स्थित चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र ने विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उन्हें वर्ष 2025 की एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।डॉ. मिश्र को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचारपूर्ण कार्यों और उच्च स्तरीय शैक्षणिक योगदान के आधार पर प्राप्त हुई है। एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री की यह वैश्विक रैंकिंग शोध की गुणवत्ता, प्रकाशित शोधपत्रों के प्रभाव, उद्धरण (साइटेशन) और अन्य शैक्षणिक मानकों के व्यापक मूल्यांकन पर आधारित होती है। इसमें एससीआई जर्नल और कंट्री रैंक (SCR) जैसे महत्वपूर्ण सूचकांकों का उपयोग किया जाता है, जो स्कोपस डाटा के आधार पर तैयार किए जाते हैं।ALSO READ: नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंतविश्वविद्यालय ने डॉ. मिश्र की इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है। यह सम्मान न केवल बीएचयू की शोध परंपरा को नई पहचान देता है, बल्कि देश के युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. मिश्र की सफलता वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में समर्पण, गुणवत्ता और उत्कृष्टता का उदाहरण मानी जा रही है।
नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंत
नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंत
वाराणसी : सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ नगर निगम का अभियान जारी है. इस क्रम में सोमवार को बीएलडब्ल्यू रोड ( ककरमत्ता ) में करीब एक बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन को निगम ने पूरी अतिक्रमण मुक्त करा लिया है. बाजार दर इस भूमि की कुल कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. दरअसल ​यह प्रकरण मौजा ककरमत्ता (परगना देहात अमानत) स्थित अराजी नंबर 411 का है, जिसके संबंध में रामनरायन पुत्र स्व. गज्जन द्वारा वर्ष 1988 में धारा 229(ख) के तहत उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य को विपक्षी बनाते हुए भूमिधरी अधिकार का दावा योजित किया गया था.वादी पक्ष का कहना था कि उनके दादा पुनवासी वर्ष 1356 व 1359 फसली से उक्त भूमि पर काबिज चले आ रहे हैं, इसलिए उन्हें स्थायी भूमिधर दर्ज किया जाए. लंबे समय से चल रहे इस कानूनी विवाद में कई बार अपील और निगरानी याचिकाएं भी दाखिल की गईं. महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर निगम की ओर से इस प्रकरण की प्रभावी पैरवी की गई. मामले की विस्तृत सुनवाई करते हुए न्यायालय अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सदर (प्रज्ञा सिंह) की पीठ ने वाद संख्या 1987/2025 में पत्रावली व राजस्व अभिलेखों का गहन अवलोकन किया.अदालत ने पाया कि फसली वर्ष 1356 व 1359 खसरे के कॉलम आठ में सिंघाडा तथा कॉलम 19 में 'पोखरी दर्ज है. उप्र जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 132 के अनुसार पोखरी व तालाब सार्वजनिक उपयोग की भूमि की श्रेणी में आते हैं. ​अदालत ने धारा 132 में वर्णित सार्वजनिक उपयोग की पोखरी भूमि पर किसी असामी को पांच वर्ष से अधिक अवधि के लिए पट्टे का अधिकार नहीं दिया जा सकता और न ही उसे संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया जा सकता है. अदालत ने वादी के दावे को बलहीन मानते हुए खारिज कर दिया तथा अराजी संख्या 411 से समस्त खातों के नाम निरस्त कर राजस्व अभिलेखों में पुनः 'पोखरी' दर्ज करने का आदेश सुनाया.ALSO READ: वाराणसी में हवाई फायरिंग करने वाले को पब्लिक ने पुलिस को सौंपा, पिस्‍टल और कारतूस बरामद...तीन जेसीबी लगाकर खुदाई शुरून्यायिक आदेश का पालन कराते हुए महापौर के निर्देश पर निगम सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. जिस तालाब को भू-माफिया द्वारा कूड़े से पाट दिया गया था, वहां निगम ने मौके पर ही तीन जेसीबी लगाकर तालाब खोदवाना शुरू करा दिया है, ताकि पोखरे को पुनः उसके वास्तविक अस्तित्व में लाया जा सके.कब्जामुक्त कराई गई इस जमीन पर स्थित पोखरे को उसके मूल स्वरूप में सौंदर्यीकरण कर आकर्षक ढंग से विकसित किया जाएगा. पोखरे के पुनरुद्धार से क्षेत्र का भू-गर्भ जलस्रोत का स्तर (ग्राउंड वॉटर लेवल) बेहतर होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.