वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की अपराध शाखा अब CBI की तर्ज पर करेगी काम, सीपी ने कसे पेंच

वाराणसी : कमिश्नरेट पुलिस में अपराध नियंत्रण और विवेचना की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं. वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बुधवार को अपराध शाखा एवं एएचटी थाना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए. उन्होंने ने स्पष्ट किया कि अब अपराध शाखा सीबीआई की तर्ज पर कार्य करेगी. यह केवल पुराने मामलों की फाइलों का डंपिंग यार्ड नहीं रहेगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध विवेचना का प्रमुख केंद्र बनेगी. विवेचना का दायित्व केवल उन्हीं विवेचकों को सौंपा जाएगा, जिन्हें तकनीक और कानून की गहरी समझ हो.
उन्होंने कहा कि अपराध शाखा में विवेचना स्थानांतरित होने पर वादी को यह विश्वास होना चाहिए कि उसे न्याय मिलेगा और अभियुक्तों के मन में यह भय रहे कि अब सच्चाई सामने आकर रहेगी. समीक्षा बैठक के दौरान थाना एएचटी द्वारा विगत तीन वर्षों से लापता 06 बालिकाओं की सफल बरामदगी पर पुलिस आयुक्त ने टीम की प्रशंसा की और इसे सराहनीय कार्य बताया. पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में विगत वर्ष 49 विवेचनाओं और जनवरी 2026 में 06 मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया है. लंबित विवेचनाओं को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
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सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) को निर्देशित किया गया कि लंबित विवेचनाओं की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें. किसी भी स्तर पर विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.
पुलिस कमिश्नर ने मानव तस्करी, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने पर बल दिया. साथ ही आधुनिक विवेचना के लिए डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच, तकनीकी विशेषज्ञता के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए.



