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जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन रोपवे परियोजना की तैयारियों की जांच कर व्यवस्थाओं को परखा

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन रोपवे परियोजना की तैयारियों की जांच कर व्यवस्थाओं को परखा
Feb 13, 2026, 12:10 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : ज़िलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शुक्रवार को रोपवे परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति जानी और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए. उन्होंने रथयात्रा स्टेशन की प्रगति का आकलन किया तथा सिविल और फिनिशिंग गतिविधियों को बारीकी से देखा. इसके अलावा उन्होंने रोपवे परिचालन तैयारियों की जांच कर व्यवस्थाओं को परखा. नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंता ने बताया कि वाराणसी रोपवे 3.85 किलोमीटर लंबा है और वाराणसी कैंट स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ता है. इसकी अधिकतम क्षमता 3,000 यात्रियों की है और यह प्रतिदिन 16 घंटे चलता है. यह पूरी यात्रा 15 मिनट में पूरी करता है. निरीक्षण के दौरान रिपोर्ट की गई भौतिक प्रगति 91.40% है.


DM VARANASI


जिलाधिकारी ने नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंताओं से स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों की आवाजाही के साथ-साथ प्रवेश और निकास व्यवस्था पर चर्चा की.


NAGAR


इसके अलावा डीएम द्वारा यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएमडी) के माध्यम से तलाशी लेना और टर्नस्टाइल के माध्यम से विनियमित प्रवेश और निकास शामिल हैं. स्टेशन परिसर के भीतर फूड कोर्ट सुविधा और वाणिज्यिक स्थानों की उपलब्धता और योजना पर चर्चा की गई. स्टेशन पर मौजूदा पार्किंग सुविधाओं की भी समीक्षा की गई.


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जिलाधिकारी ने भविष्य में चार पहिया वाहनों की पार्किंग के किसी भी प्रस्ताव के बारे में जानकारी ली. स्टेशन पर उपलब्ध सौर ऊर्जा क्षमता पर चर्चा की गई और यह जानकारी दी गई कि स्थापित सौर पैनलों की क्षमता 120 किलोवाट है. जिलाधिकारी ने रथयात्रा स्टेशन पर अंतिम रूप देने के कार्यों के पूरा होने के बारे में पूछताछ की,तो कार्यदायी संस्था ने बताया किया कि अंतिम रूप देने का काम 15 मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है. जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों को मानक और गुणवत्ता के साथ ससमय पूर्ण कराने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने गोंडोला की आवाजाही और यात्रियों के चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ की, जिसके बारे में नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंता ने विस्तार से जानकारी दी.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।