जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में फरियादियों की सुनी समस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

Nov 10, 2025, 07:28 AM
|Posted By Gaandiv
वाराणसी - जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने सोमवार को जनता दर्शन में जन सुनवाई की. जिसमें जन सामान्य की समस्याओं को सुनकर उनके शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए. जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं यथाशीघ्र निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पीड़ित व्यक्ति के समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान देते हुए समयबद्ध कराये निस्तारण कराए.

सभी अधिकारी कार्यालय में समस्त कार्यदिवसों में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक स्वयं जनसुनवाई करें एवं उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराना भी सुनिश्चित करें।जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई व आईजीआरएस व सीएम हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों व समस्याओं का निस्तारण करना सरकार की प्राथमिकताओं में है. सभी अधिकारी इसे गम्भीरता से लें.

बुजुर्ग समेत दो लोगों ने लगाई फांसी, वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान
वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र के बेनीपुर में पंकज पाठक (63) ने बीते मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है. बुजुर्ग ने सुसाइड नोट में भाइयों और भतीजों को संपत्ति बांटने का जिक्र किया है. किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. पंकज के भाई प्रीतम चंद पाठक चौक में रहते हैं. सारनाथ के बेनीपुर में उनका चायपत्ती का गोदाम है. सुबह 10 बजे बेनीपुर पहुंचे तो गेट नहीं खुला. कई बार आवाज देने के बाद गेट नहीं खुलने पर चहारदीवारी फांदकर खिड़की से देखा.पोस्टमार्टम रिपोर्ट करेगी मामले का खुलासा थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सुबह बड़े भाई प्रीतम चंद ने पुलिस को सूचना दी कि पंकज ने कमरे में पंखे की कुंडी में रस्सी और गमछे के सहारे फंदे पर लटक कर जान दे दी है. सुसाइड नोट में जमीन से संबंधित बातें लिखी थीं कि अब मैं नहीं रहूंगा, जिस जमीन का सट्टा किया है उसे अब निरस्त माना जाए और उस जमीन को भाइयों और भतीजों में बांट दिया जाए. थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ सकेगी.पारिवारिक कलेश ने ली युवक की जानउधर, सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा जयप्रकाश नगर में अरविंद कुमार (25) ने मंगलवार दोपहर पंखे की कुंडी में रस्सी के सहारे लटक कर जान दे दी. होली पर पत्नी से विवाद के बाद से अरविंद तनाव ग्रस्त था. सिगरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. लंका निवासी अरविंद कुमार बचपन से ही शिवपुरवा के जयप्रकाश नगर में मामा के घर रहता था. अन्य परिवार के लोग लंका में रहते हैं.यह भी पढे़ें: इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देशदोपहर में अरविंद कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजन पहुंचे. परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे. सिगरा पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने भी छानबीन की है. सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि होली पर पत्नी से अरविंद का किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, तभी से पत्नी मायके चली गई थी. तनाव में आकर अरविंद ने यह कदम उठाया.

इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देश
वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती (सब-इंस्पेक्टर) और प्रोन्नति बोर्ड की 14-15 मार्च को होने वाली परीक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है. इसके लिए जिले में 46 केंद्र बनाए गए हैं और सभी केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है. मंगलवार की शाम डीएम सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में जोनल, सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक व सह केंद्र व्यवस्थापकों की ब्रीफिंग यातायात पुलिस लाइन सभागार में हुई. डीएम ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए.इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर डीएम का बड़ा बयान डीएम ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की जिम्मेदारी सभी की है. इसके लिए जिले में 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. हर परीक्षा केंद्र के लिए सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है. उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटो को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान वे हर हाल में अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहें. इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए.उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने परीक्षा केंद्रों को सैनेटाइज करा लें और अपने अधीनस्थों/कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग अवश्य करा लें और उन्हें परीक्षा के नियम, प्रक्रिया व अनुशासन संबंधी जिम्मेदारियों को समझा दें. स्कूलों में संचालित सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग अच्छे ढंग से होनी चाहिए.परीक्षा के दौरान फोटो कॉपी की दुकानें रहेंगी बंद डीएम ने कहा कि परीक्षा केंद्र के आसपास की फोटो कॉपी की दुकानें परीक्षा के समय बंद रहेंगी. प्रवेश के समय चेकिंग जरूर की जाए. परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वर्जित वस्तुएं कोई भी अभ्यर्थी न ले जाने पाएं.डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) से लगातार निगरानी होती रहे. अभ्यर्थियों को क्लॉक रूम में मोबाइल फोन रखने की सुविधा उपलब्ध हो. उन्होंने परीक्षा के दौरान सील बुकलेट के खोलने से लेकर वितरण सहित एब्सेंट कैंडिडेट के संबंध में, वेरिफिकेशन सीट भरने की प्रक्रिया, वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य सभी जानकारी देते हुए सभी प्रक्रियाओं से अवगत कराया.सबसे अधिक बिहार के युवाउत्तर प्रदेश में दारोगा बनने का सपना संजोए सबसे ज्यादा बिहार के 54,468 युवाओं ने फार्म भरा है, जबकि झारखंड के 5,478 और पश्चिम बंगाल के 1,298 अभ्यर्थियों ने फार्म भरे हैं. पूर्वांचल के 10 जिलों का आंकड़ा देखें तो आजमगढ़ के सबसे ज्यादा 43,311 व सोनभद्र के सबसे कम 5,239 युवाओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने के लिए फार्म भरे हैं.यह भी पढ़ें: वाराणसी कचहरी के 10 साल पुराने हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में कोर्ट सख्त, 13 तक मांगी रिपोर्टवाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि परीक्षा की शुचिता के लिए कड़ी चौकसी रहेगी. वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने कहा कि स्टेशन के पास होल्डिंग एरिया है, जिसका लाभ यहां पहुंचने वाले को मिल सकेगा. राजकीय रेल पुलिस के सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि बिहार, पश्चिम बंगाल व झारखंड से कुल 61,242 युवाओं ने फार्म भरे हैं.

काशी में संतों की बैठक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान का विरोध
वाराणसी : धर्मनगरी काशी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को लेकर संत समाज में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है. वाराणसी स्थित पातालपुरी मठ में बुधवार को काशी के कई संतों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें रामानंदी संप्रदाय के खिलाफ की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की गई.बैठक की अध्यक्षता जगद्गुरु बालकदेवाचार्य ने की. इस दौरान संतों ने कहा कि रामानंदी संप्रदाय सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है और उसके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी संत समाज को स्वीकार नहीं है.संतों का कहना था कि धर्म और परंपरा से जुड़े विषयों पर विवादित बयान देना उचित नहीं है, क्योंकि इससे समाज में भ्रम और मतभेद पैदा होते हैं. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं और मर्यादाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए.ALSO READ : क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime ...बैठक में मौजूद संतों ने यह भी कहा कि संत समाज किसी भी तरह से सनातन धर्म को बांटने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करेगा. संतों ने अपील की कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बयान देते समय संयम और जिम्मेदारी का पालन किया जाना चाहिए. संत समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इस तरह के बयान आगे भी सामने आते हैं तो देशभर के संतों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी. साथ ही सभी संतों ने सनातन धर्म की एकता और परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दोहराया.
