अमेरिका के आसमान में उड़ने लगा 'डूम्सडे प्लेन', देखने वाले रह गए हैरान

वेनेजुएला पर हमले के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के तेवर बदले नजर आ रहे हैं. ग्रीनलैंड से लेकर ईरान तक दुनिया के कई देश ट्रंप की रडार पर हैं, हालांकि, ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख किसी से छिपा नहीं है. वह पहले भी रणनीतिक रूप से अहम और खनिज संसाधनों से भरपूर इस द्वीप को छीनने के लिए अपनी इच्छा जता चुके हैं. ये वहीं ग्रीनलैंड है जो डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र और नाटो का हिस्सा है. जिस पर कब्जा करने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की संभावना से इंकार तो दूर की बात है, उन्होंने बार-बार ये कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को किसी भी हाल में ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करना ही चाहिए.

वहीं अमेरिका के आसमान में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं, 51 (इक्यावन) साल बाद अमेरिका का टॉप सीक्रेट 'डूम्सडे प्लेन' लॉस एंजलिस में लैंड हुआ है. लैंड हुआ अमेरिकी सैन्य विमान E-4B नाइटवॉच को 'डूम्सडे प्लेन' या 'फ्लाइंग पेंटागन' भी कहा जाता है. आमतौर पर ये विमान अमेरिकी सैन्य अड्डों पर उड़ान भरता है और इसे देखना बेहद ही दुर्लभ है. लेकिन अमेरिकी इतिहास में पहली बार इस 'डूम्सडे प्लेन' को अमेरिका के हवाई अड्डे लॉस एंजलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'डूम्सडे प्लेन' का वीडियो
बता दें, 'डूम्सडे प्लेन' ने बीते 6 जनवरी को नेब्रास्का के ओमाहा में स्थित ऑफट वायु सेना अड्डे से उड़ान भरी थी, ये प्लेन पहले अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में लैंड हुआ और फिर 8 जनवरी को वाशिंगटन से लॉस एंजलिस के लिए 'डूम्सडे प्लेन' रवाना हो गया. इस प्लेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दिलचस्प बात तो यह है कि इस वीडियो के सामने आते ही कुछ लोग ईरान पर हमले की आशंका तक जताने लगे हैं. हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस मामले पर किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है.
जाने इस एयरक्राफ्ट को क्यों कहा गया 'डूम्सडे प्लेन'
इस एयरक्राफ्ट को 'डूम्सडे प्लेन' कहने के पीछे का कारण काफी खास है, क्योंकि यह कोई मामूली सा विमान नहीं, पूरा का पूरा 'फ्लाइंग पेंटागन' है, इसलिए इसे फ्लाइंग पेंटागन' के नाम से भी जाना जाता है. यह बोइंग 747-800 का मिलिट्री वर्जन है, इसकी खासियत की बात करें तो यह जमीन पर परमाणु हमले होने की स्थिति में ये प्लेन अमेरिका के टॉप लीडर्स को लेकर आसमान से सुरक्षित रूप से उड़ान भरने की क्षमता रखता है, 112 लोगों के साथ उड़ान भरने में कामयाब है, साथ ही 67 सैटेलाइट डिश और एंटेना से युक्त ये 'डूम्सडे प्लेन' मिंटों में किसी दूसरे देश तक पहुंचाने की कामयाब है.

ये वहीं 'डूम्सडे प्लेन' है जिसने आखिरी बार 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए एक बड़े आतंकी हमले के बाद उड़ान भरी थी. इसी हमले में 3 हजार लोगों ने अपनी जान गवाई थी, उस दौरान अमेरिका में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश थे, जिन्होंने 'डूम्सडे प्लेन' का इस्तेमाल किया था.



