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अमेरिका के आसमान में उड़ने लगा 'डूम्सडे प्लेन', देखने वाले रह गए हैरान

अमेरिका के आसमान में उड़ने लगा 'डूम्सडे प्लेन', देखने वाले रह गए हैरान
Jan 11, 2026, 09:34 AM
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Posted By Preeti Kumari

वेनेजुएला पर हमले के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के तेवर बदले नजर आ रहे हैं. ग्रीनलैंड से लेकर ईरान तक दुनिया के कई देश ट्रंप की रडार पर हैं, हालांकि, ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख किसी से छिपा नहीं है. वह पहले भी रणनीतिक रूप से अहम और खनिज संसाधनों से भरपूर इस द्वीप को छीनने के लिए अपनी इच्छा जता चुके हैं. ये वहीं ग्रीनलैंड है जो डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र और नाटो का हिस्सा है. जिस पर कब्जा करने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की संभावना से इंकार तो दूर की बात है, उन्होंने बार-बार ये कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को किसी भी हाल में ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करना ही चाहिए.


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वहीं अमेरिका के आसमान में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं, 51 (इक्यावन) साल बाद अमेरिका का टॉप सीक्रेट 'डूम्सडे प्लेन' लॉस एंजलिस में लैंड हुआ है. लैंड हुआ अमेरिकी सैन्य विमान E-4B नाइटवॉच को 'डूम्सडे प्लेन' या 'फ्लाइंग पेंटागन' भी कहा जाता है. आमतौर पर ये विमान अमेरिकी सैन्य अड्डों पर उड़ान भरता है और इसे देखना बेहद ही दुर्लभ है. लेकिन अमेरिकी इतिहास में पहली बार इस 'डूम्सडे प्लेन' को अमेरिका के हवाई अड्डे लॉस एंजलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है.


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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'डूम्सडे प्लेन' का वीडियो


बता दें, 'डूम्सडे प्लेन' ने बीते 6 जनवरी को नेब्रास्का के ओमाहा में स्थित ऑफट वायु सेना अड्डे से उड़ान भरी थी, ये प्लेन पहले अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में लैंड हुआ और फिर 8 जनवरी को वाशिंगटन से लॉस एंजलिस के लिए 'डूम्सडे प्लेन' रवाना हो गया. इस प्लेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दिलचस्प बात तो यह है कि इस वीडियो के सामने आते ही कुछ लोग ईरान पर हमले की आशंका तक जताने लगे हैं. हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस मामले पर किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है.


जाने इस एयरक्राफ्ट को क्यों कहा गया 'डूम्सडे प्लेन'


इस एयरक्राफ्ट को 'डूम्सडे प्लेन' कहने के पीछे का कारण काफी खास है, क्योंकि यह कोई मामूली सा विमान नहीं, पूरा का पूरा 'फ्लाइंग पेंटागन' है, इसलिए इसे फ्लाइंग पेंटागन' के नाम से भी जाना जाता है. यह बोइंग 747-800 का मिलिट्री वर्जन है, इसकी खासियत की बात करें तो यह जमीन पर परमाणु हमले होने की स्थिति में ये प्लेन अमेरिका के टॉप लीडर्स को लेकर आसमान से सुरक्षित रूप से उड़ान भरने की क्षमता रखता है, 112 लोगों के साथ उड़ान भरने में कामयाब है, साथ ही 67 सैटेलाइट डिश और एंटेना से युक्त ये 'डूम्सडे प्लेन' मिंटों में किसी दूसरे देश तक पहुंचाने की कामयाब है.


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ये वहीं 'डूम्सडे प्लेन' है जिसने आखिरी बार 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए एक बड़े आतंकी हमले के बाद उड़ान भरी थी. इसी हमले में 3 हजार लोगों ने अपनी जान गवाई थी, उस दौरान अमेरिका में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश थे, जिन्होंने 'डूम्सडे प्लेन' का इस्तेमाल किया था.

झूलनोत्‍सव : बाबा विश्वनाथ झूले पर बैठ छह घंटे देंगे दर्शन, टेढ़ी नीम से निकलेगी रजत प्रतिमा की शोभायात्रा
झूलनोत्‍सव : बाबा विश्वनाथ झूले पर बैठ छह घंटे देंगे दर्शन, टेढ़ी नीम से निकलेगी रजत प्रतिमा की शोभायात्रा
वाराणसी : श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर करीब छह घंटे तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे. परंपरा के मुताबिक बाबा की पंचबदन चल रजत प्रतिमा का महंत आवास में शृंगार किया जाएगा. इसके बाद प्रतिमा नगर भ्रमण पर निकलेगी और भक्तों को दर्शन देते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां बाबा का झूलनोत्सव मनाया जाएगा.बाबा का पारंपरिक झूलनोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं. इसे रक्षाबंधन के दिन मनाया जाएगा. इसके लिए महंत आवास टेढ़ीनीम में बाबा के झूले की साफ-सफाई की जा रही है. रक्षाबंधन की पूर्व संध्या यानी 27 अगस्त को बाबा की चल प्रतिमा का महंत आवास में परंपरागत रूप से विशेष हरियाली शृंगार किया जाएगा. इसके बाद पूजा-अर्चना होगी. संयोजक वाचस्पति तिवारी ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा पर बाबा की चल प्रतिमा का राजसी शृंगार किया जाएगा. इसके बाद शाम को गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा. मार्ग में भक्तों को बाबा के दर्शन होंगे.ALSO READ : चौबेपुर में आकाशीय बिजली गिरने से टीन शेड ढहा, लाखों की क्षतिउन्होंने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में बाबा सपरिवार की चल प्रतिमा प्रतिष्ठित की जाएगी. नाटकोट क्षेत्र के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और डमरू वादन के बीच बाबा की चल रजत प्रतिमा को विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा. वहां प्रतिमा स्थापित कर बाबा का पूजन किया जाएगा और झूलनोत्सव मनाया जाएगा. श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभूशरण ने बताया कि रक्षाबंधन पर बाबा की सप्तऋषि आरती से पहले चल रजत प्रतिमा का झूलनोत्सव मनाया जाएगा. शयन आरती तक बाबा भक्तों को दर्शन देंगे. इसके बाद प्रतिमा को महंत आवास ले जाया जाएगा.
चौबेपुर में आकाशीय बिजली गिरने से टीन शेड ढहा, लाखों की क्षति
चौबेपुर में आकाशीय बिजली गिरने से टीन शेड ढहा, लाखों की क्षति
वाराणसी : जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के आराजी चंद्रावती गांव में मंगलवार की मध्य रात्रि बारिश के बीच तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरने से रामधारी यादव का टीन शेड ढह गया. हादसे में टीन शेड में रखी मोटरसाइकिल, घरेलू सामान और चार साइकिलें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके अलावा पड़ोसी की एक दीवार भी गिर गई. हालांकि घटना में जनहानि की सूचना नहीं है वहीं, लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.जानकारी के अनुसार, रामधारी यादव का गांव में पैतृक मकान है. वह मुंबई में रहकर एक निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि घर पर उनकी पत्नी, बच्चे और भाइयों के परिवार के सदस्य रहते हैं. परिजनों ने बताया कि मंगलवार की मध्य रात्रि तेज बारिश के दौरान अचानक जोरदार आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी. आवाज सुनकर परिजन सहम गए. बारिश कम होने के बाद जब वे मकान से बाहर निकले तो देखा कि घर के बगल में लगा टीन शेड गिरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था. वहीं, पड़ोसी की एक दीवार भी गिर गई थी.ALSO READ : 150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहरपरिजनों के मुताबिक, टीन शेड में एक मोटरसाइकिल, घरेलू उपयोग का सामान और चार साइकिलें रखी थीं. शेड गिरने से सभी सामान क्षतिग्रस्त हो गया. टीन शेड में पशु भी बांधे जाते हैं, लेकिन संयोग से मंगलवार को वहां कोई पशु नहीं बांधा गया था. इससे एक बड़ा हादसा टल गया. बुधवार सुबह घटना की जानकारी परिजनों ने ग्राम प्रधान और लेखपाल को दी है. विभागीय कर्मियों ने मौका मुआयना किया.
150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
वाराणसी. ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को शहर में मदहे सहाबा का जुलूस निकाला गया। करीब 150 वाहनों के काफिले के साथ रेवड़ी तालाब से शुरू हुआ जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ा, रास्ते में अकीदतमंदों की भीड़ जुड़ती गई। जुलूस में शामिल लोगों ने नात और धार्मिक नारों के जरिए अपनी आस्था का इजहार किया। ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से शहर की सड़कें गूंजती रहीं।जुलूस में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। वाहनों को झंडों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। रास्ते में जगह-जगह लोग जुलूस को देखने के लिए खड़े नजर आए। ईद मिलादुन्नबी को लेकर पहले से की गई सजावट ने भी माहौल को खास बना दिया है।रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक जाएगा काफिलामदहे सहाबा का जुलूस रेवड़ी तालाब से शुरू होकर भेलूपुर, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, लोहटिया, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचेगा। आयोजकों के अनुसार जुलूस के करीब 10 बजे तक बेनियाबाग पहुंचने की संभावना है।शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों से जुलूस गुजरने के कारण रास्ते में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। हालांकि, पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों और जुलूस के मार्ग पर व्यवस्था संभाल रहे हैं।एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से निगरानीजुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि जुलूस के पूरे रास्ते में करीब एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है।उन्होंने बताया कि जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार पूरे रूट पर नजर बनाए हुए हैं। जुलूस के आयोजकों से भी प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।ALSO READ : भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वागदलमंडी से पीलीकोठी तक रोशनी से सजी सड़केंईद मिलादुन्नबी को लेकर दलमंडी, नई सड़क, बेनिया, लोहता, सरैया, ककरमत्ता, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब और पीलीकोठी समेत कई इलाकों में आकर्षक सजावट की गई है। नई सड़क पर रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से की गई सजावट लोगों का ध्यान खींच रही है।बारिश के बाद जुलूस देर से रवाना हुआ, लेकिन मौसम की चुनौती भी अकीदतमंदों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। जुलूस में शामिल लोग पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों की मौजूदगी ने आयोजन को नई पीढ़ी की भागीदारी का भी रंग दिया। धार्मिक नारों, सजी हुई गलियों और वाहनों के काफिले के बीच शहर में ईद मिलादुन्नबी की रौनक नजर आ रही है।