'सरके चुनर' गाने पर महिला आयोग सख्त, नोरा फतेही संग पांच लोगों को भेजा समन

भारत सरकार ने कन्नड़ फिल्म 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर तेरी' पर आधिकारिक रूप से बैन लगा दिया है. ये मामला सिर्फ बैन तक ही सीमित नहीं रहा. जी हां, इस गाने की अश्लीलता संसद में भी घूमता नजर आया. केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन को बताया कि, गाने पर बैन लगा दिया है. गाने पर बैन लगा दिया गया है। साथ ही सेंसर बोर्ड से कहा गया है कि वह नोरा फतेही और संजय दत्त के इस गाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे.

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विवाद के बीच मेकर्स ने पहले ही यह गाना यूट्यूब से हटा लिया था, इस मामले में फिल्मी दुनिया से लेकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से भी काफी रिएक्शंस सामने आ रहे है, जहां लोगों की नारजागी इस वक्त सातवें आसमान पर है. सिंगर अरमान मलिक से लेकर कंगना रनौत तक इस गाने के बोल पर अपना गुस्सा जता चुकी हैं. वहीं मामला अब संसद के सदन में भी गूंजा और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पूरे मामले में अपनी बात रखी है.

राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम
आपको बता दें कि इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग यानि (NCW) ने राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने में अश्लीलता और अभद्रता के आरोपों से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने इस मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही, रकीब आलम, अभिनेता संजय दत्त, वेंकट के. नारायण (निर्माता, केवीएन समूह) और किरण कुमार (निर्देशक) को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है.

जाने किस-किस को भेजा गया समन
सरके चुनर सरके’ गाने में अश्लीलता और अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं. आयोग ने अपने द्वारा विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उक्त सामग्री प्रथम दृष्टया यौन संकेतात्मक, आपत्तिजनक तथा भारतीय न्याय संहिता,आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है. इस मामले को आयोग ने गंभीरता से लिया है. बता दें आयोग ने अभिनेत्री नोरा फतेही, गीतकार रकीब आलम, अभिनेता संजय दत्त, निमार्ता वेंकट के नारायण और निर्देशक किरण कुमार के खिलाफ समन जारी किया है. जहां उन्हें ये निर्देश दिया गया है कि वे 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे आयोग के समक्ष उपस्थित हों और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें. निर्धारित तिथि पर उपस्थित न होने की स्थिति में कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सकती है.


