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काशी व गंगा की थीम पर बनेगा सदन भवन, प्रधानमंत्री रखेंगे आधारशिला

काशी व गंगा की थीम पर बनेगा सदन भवन, प्रधानमंत्री रखेंगे आधारशिला
Feb 18, 2026, 12:38 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : नगर निगम मुख्यालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने वाला है. सिगरा स्थित मुख्यालय परिसर में जर्जर हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्त यहां भव्य और हाईटेक नगर निगम सदन भवन का निर्माण किया जाएगा. करीब 97 करोड़ (9699.65 लाख) रुपये की लागत से बनने वाला इस अत्याधुनिक भवन का मॉडल विशेष रूप से काशी और गंगा की थीम पर आधारित है, जिसकी बाहरी बनावट शिवलिंग की आकृति जैसी नजर आएगी. वर्तमान में इसे जी-प्लस फोर (चार मंजिला) स्तर पर निर्मित किया जा रहा है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र 21,858.01 वर्ग मीटर है. आवश्यकता पड़ने पर इसे भविष्य में सात मंजिला (जी-प्लस सेवन) तक विस्तार देने का भी विकल्प रखा गया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों रखे जाने की तैयारी है, जिसके लिए नगर निगम ने प्रक्रिया तेज कर दी है.


15 माह में पूरा करने का लक्ष्‍य


इसका निर्माण कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस, उप्र जल निगम द्वारा ईपीसी मोड पर 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में यह न केवल प्रशासनिक कामकाज को सुगम बनाएगा, बल्कि अपनी स्थापत्य कला से काशी की संस्कृति की झलक भी पेश करेगा. ​भवन के भूतल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आम जनता को एक ही परिसर में सभी बुनियादी सुविधाएं मिल सके. यहां तीन अलग-अलग प्रभागों में पुलिस चौकी, बैंक, पोस्ट ऑफिस, पीआरओ कार्यालय, डाटा सेंटर, कंप्यूटर सेल, कैंटीन और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष प्रस्तावित हैं. वहीं प्रथम प्रभाग में रिकार्ड रूम, कैश काउंटर, वॉल्ट रूम, मिटिंग रूम, ग्रीन रूम, जेसीओ रूम, शौचालय तथा द्वितीय प्रभाग में लिफ्ट, सर्विस एरिया, शौचालय, यूनियन हॉल एवं तृतीय प्रभाग में पुलिस चौकी, बैंक/ पोस्ट आफिस, कैंटिन, सर्वर रूम, जन्म/मृत्यु पंजीयन कक्ष, रिकार्ड रूम, टैक्स कलेक्शन रूम आदि प्रस्तावित है. इसी प्रकार प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला भव्य सदन हॉल होगा, जहां लोकतांत्रिक चर्चाओं के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी.


हर तल पर विभागों का व्यवस्थित बंटवारा


प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भवन के ऊपरी तलों पर विभागों का व्यवस्थित बंटवारा किया गया है. द्वितीय तल पर पार्षदों के लिए विशेष कक्ष और वीवीआईपी रूम होंगे, जबकि चतुर्थ तल पर महापौर, नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्तों के कार्यालय के साथ-साथ एक बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल बनाया जाएगा. तृतीय तल पर मीटिंग रूम और टैक्स विभाग संचालित होंगे. पूरे भवन में आवागमन के लिए दो-दो लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और सर्वर रूम जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे यह पूर्वांचल ही नहीं सूबे का सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालय बन सके.


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क्‍या बोले महापौर


"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प से काशी का चहुंमुखी कायाकल्प हो रहा है. सिगरा स्थित नगर निगम का यह नया सदन भवन न केवल अधिकारियों और पार्षदों के लिए एक आधुनिक कार्यस्थल बनेगा, बल्कि अपनी भव्य 'काशी-गंगा' सांस्कृतिक थीम के कारण यह वैश्विक पटल पर बनारस की नई पहचान और विकास का 'मील का पत्थर' साबित होगा. यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सुशासन का प्रतीक बनेगा, जहां।एक ही छत के नीचे डिजिटल तकनीक और पौराणिक परंपराओं का संगम दिखेगा, जिससे जनसामान्य को मिलने वाली सुविधाओं में अभूतपूर्व सुगमता आएगी." -अशोक कुमार तिवारी, महापौर

सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
वाराणसी: केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान (सीआईएचटीएस), सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी ऐतिहासिक स्थल को मिला सम्मान नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को पूरी दुनिया द्वारा स्वीकार किए जाने का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि धम्मचक्कप्पवत्तन दिवस के 2605वें आयोजन से ठीक पहले मिली यह उपलब्धि सारनाथ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करती है। यही वह पावन स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र का प्रवर्तन किया था। आज भी यह स्थान विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।प्रो. नेगी ने कहा कि भारत की पहचान केवल अपनी प्राचीन सभ्यता से नहीं, बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों से है जिन्हें भगवान बुद्ध ने मानवता के सामने रखा। सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का उनका संदेश वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है।ALSO READ : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुलपति ने देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सारनाथ अब केवल इतिहास का साक्षी नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता के साझा भविष्य का भी प्रेरणा-स्थल बनकर उभरेगा। उन्होंने अंत में कामना की कि भगवान बुद्ध का करुणा और मैत्री का संदेश संपूर्ण विश्व में सद्भाव, शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहे।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।