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काशी में रजत सिंहासन पर भगवान धन्वंंतरि की मूर्ति के होंगे दर्शन, छलकेगा आरोग्य अमृत कलश

काशी में रजत सिंहासन पर भगवान धन्वंंतरि की मूर्ति के होंगे दर्शन, छलकेगा आरोग्य अमृत कलश
Oct 17, 2025, 09:39 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी – धर्म और संस्कृमति की नगरी काशी में कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी पर शनिवार को भगवान धन्वंतरि की जयंती मनाई जाएगी. इसी दिन आरोग्य का अमृत कलश भी छलकेगा. भगवान विष्णु के अवतार एवं त्रिदेवों में से एक आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि आरोग्य आशीष का कलश लिए स्वयं अवतरित होंगे.

सुड़िया बुलानाला स्थित धन्वंतरि भवन में उनकी अनूठी अष्टधातु की मूर्ति सार्वजनिक रूप से दर्शनार्थ रखी जाएगी. रजत सिंहासन पर विराजमान लगभग ढाई फीट ऊंची, 25 किलोग्राम वजन की रत्न जड़ित मूर्ति साक्षात हरि के सामने उपस्थित होने का आभास कराएगी.


file photo


327 वर्ष पहले धन्वंतरि जयंती की हुई थी शुरुआत


एक हाथ में अमृत कलश, दूसरे में शंख, तीसरे में चक्र और चौथे हाथ में जोंक लिए भगवान धन्वंतरि दर्शन देंगे तो दोनों ओर सेविकाएं चंवर डोलाएंगी. दिव्य झांकी के दर्शन कर भक्त मंडली जयकार लगाएंगी. राजवैद्य स्व. शिवकुमार शास्त्री का परिवार पांच पीढ़ियों से प्रभु की सेवा में रत है. उनके बाबा पं. बाबूनंदन ने 327 वर्ष पूर्व धन्वंतरि जयंती का शंभारंभ किया था. यहां से ही अन्यत्र इसका प्रसार हुआ. वैद्यराज के पुत्र रामकुमार शास्त्री, नंद कुमार शास्त्री व समीर कुमार शास्त्री पूरे विधान से परंपरा निभा रहे हैं.


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औषधीय पौधों से किया गया शृंगार


शुक्रवार को ही प्रभु धन्वंतरि के विग्रह की साज-सज्जा की गई, उनका औषधीय पौधों से शृंगार किया गया. तिथि विशेष पर प्रात:काल षोडशोपचार पूजन-अर्चन होगा. दोपहर में विशिष्ट दर्शन और शाम पांच बजे एकदिनी विशेष परंपरा अनुसार पट आम श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे. पूर्व के वर्षों में दर्शन रात्रि पर्यंत और अगले दिन तक चलता था लेकिन अब इसे तेरस की रात 10 बजे तक सीमित कर दिया गया है.


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देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के थे प्रवर्तक


मान्यता है, प्रभु धन्वंतरि के दर्शन से वर्ष भर परिवार में रोग-व्याधि नहीं आती. श्रीमद्भागवत में उल्लेख है कि विष्णु के 24 अवतारों में धन्वंतरि भी एक थे. उन्हेंं सनातन धर्म में आयुर्वेद का प्रवर्तक और देवताओं का भी वैद्य माना जाता है. वे समुद्र मंथन के समय हाथों में अमृत कलश लिए पृथ्वी लोक पर अवतरित हुए थे. उनके कलश से छलकी अमृत बूंदे जहां गिरीं, वहां महाकुंभ का उत्सव होता है.

स्वच्छता की सारथी बनीं काशी की बेटियां, 82 महिलाएं  हुई सम्मानित
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वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत शुक्रवार को नगर निगम सभागार में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. नारी लीड्स स्वच्छता (8 से 14 मार्च) अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में होम कंपोस्टिंग और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 82 महिलाओं को सम्मानित किया गया.बड़ी संख्या में गृहणियां रहीं शामिल​सम्मानित होने वाली महिलाओं में महिला सफाई निरीक्षक, महिला सफाई कर्मचारी और बड़ी संख्या में गृहणियां शामिल रहीं. इन महिलाओं ने अपने घरों और कार्यक्षेत्र में गीले कचरे से खाद बनाने (होम कंपोस्टिंग) की तकनीक को न केवल अपनाया, बल्कि अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया. इन महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने कहा कि स्वच्छता के अभियान में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम है. जब एक महिला जागरूक होती है, तो पूरा परिवार और समाज जागरूक होता है.यह भी पढ़ें: मार्च में ही बरसने लगी आग: वाराणसी में पारा 37 डिग्री पार, गर्म हवाओं से लोग बेहालअपर नगर आयुक्त ने बताया कि शहर को डंपिंग यार्ड के बोझ से बचाने के लिए जीरो वेस्ट मॉडल जरूरी है. होम कंपोस्टिंग इसमें मील का पत्थर साबित हो रही है. संचालन सरिता तिवारी व धन्यवाद ज्ञापन डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने किया.घर पर ऐसे तैयार करें खाद​ इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त ने महिलाओं को होम कंपोस्टिंग के सरल तरीके भी साझा किया. उन्होंने बताया कि खाद बनाने के लिए एक पुराने गमले या बाल्टी में हवा के लिए छोटे छेद करें. नीचे सूखी पत्तियां या टहनियां (ब्राउन्स) रखें, फिर उसके ऊपर रसोई का गीला कचरा (ग्रीन्स) डालें. कचरे को हल्का नम रखें और सप्ताह में एक बार पलटें. 2-3 महीने में बेहतरीन जैविक खाद तैयार हो जाएगी.
मार्च में ही बरसने लगी आग: वाराणसी में पारा 37 डिग्री पार, गर्म हवाओं से लोग बेहाल
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वाराणसी: मार्च की शुरुआत में ही काशी में आसमान से आग बरसनी शुरू हो गई है. गर्मी का असर बढ़ने लगा है. शुक्रवार को तेज धूप और गर्म हवा के झोंकों ने लोगों को परेशान कर दिया. मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक है.गर्म हवाओं ने लोगों को किया तंगमौसम के आंकड़ों के मुताबिक वाराणसी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.9 डिग्री अधिक है. दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को लू जैसे हालात का एहसास हुआ.हद से ज्यादा महसूस हो रहा गर्मी का असरपिछले कुछ दिनों की तुलना में दिन और रात के तापमान के अंतर में भी कमी आई है, जिससे गर्मी का प्रभाव और ज्यादा महसूस किया जा रहा है. दोपहर के समय सड़कों पर कम आवाजाही देखने को मिली और लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडे स्थानों का सहारा लेते नजर आए. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को धूप से बचाव, पर्याप्त पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.यह भी पढ़ें: वाराणसी कैंट स्‍टेशन पर करोड़ों का सोना बरामद, अफ्रीका से बांग्‍लादेश के रास्‍ते तस्‍करीपूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में मौसम का रुख अब जल्‍द ही बदल सकता है. इस बाबत मौसम व‍िभाग ने भी नए स‍िरे से अलर्ट जारी क‍िया है. आरेंज अलर्ट जारी करने के साथ ही मौसम व‍िभाग ने एक द‍िन पूर्व से ही बादलों की आवाजाही का संकेत द‍ि‍या है. फ‍िलहाल वातावरण में नमी में कमी है और न्‍यूनतम तापमान में कुछ कमी के साथ द‍िन में चढ़ी धूप ने अध‍िकतम तापमान में भी इजाफा क‍िया है. माना जा रहा है क‍ि मौसम का रुख अब जल्‍द ही बदला हुआ नजर आएगा.
वाराणसी कैंट स्‍टेशन पर करोड़ों का सोना बरामद, अफ्रीका से बांग्‍लादेश के रास्‍ते तस्‍करी
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वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएएफ, जीआरपी और सीआईबी की टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. टीम ने राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन से 3 करोड़ रुपये से अधिक का सोना बरामद किया है. इस संबंध में दो तस्करों को भी गिरफ्त में लिया गया है. इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए जीआरपी आईजी ने बताया कि यह सोना अफ्रीका से लाया गया है और बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल से भारत में पहुंचा. इसकी डिलीवरी दिल्ली में करनी थी.दो किलो से अधिक सोना बरामदजानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 20503 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में जांच के दौरान आरपीएफ, सीआईबी और जीआरपी की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. टीम की संयुक्त कार्रवाई में प्लेटफार्म नंबर 5 पर खड़ी राजधानी एक्सप्रेस से दो लोगों को 2.215 किलोग्राम सोने के साथ दबोचा गया है. मामले का खुलासा करते हुए आईजी जीआरपी एन कोलांची ने बताया कि यह सोना अफ्रीका का है, जिसे बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल में तस्करी कर लाया गया था.गिरफ्तार हुए तेजस बालासाहेब पवारउन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के रहने वाले बालासोर और तेजस बालासाहेब पवार को गिरफ्तार किया गया है. दोनों के पास से 116 ग्राम के 19 सोने के बिस्कुट बरामद हुए हैं, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3.54 करोड़ रुपये है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तस्करों में से एक छात्र है और उनकी तस्करी का तरीका भी अनोखा था. इन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती थी कि माल की डिलीवरी किसे देनी है.ऐसे होती थी तस्करीआईजी जीआरपी ने बताया कि आरोपी पश्चिम बंगाल से सोने की तस्करी कर दिल्ली डिलीवरी करने वाले थे. हालांकि, इन्हे इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह सोना दिल्ली में किसे देना है. उन्होंने बताया कि इन्हें एक फोन दिया जाता था और उसी के जरिए उनसे कोऑर्डिनेशन होता था. दिल्ली में पहुंचने से पहले इनका फोन आता और बताया जाता है कि यह सोना किसे देना था। इसके साथ ही फोन को भी उसी व्यक्ति को सौंप देना होता है.