नगर आयुक्त ने परखी सफाई व्यवस्था, खामियां पर दी चेतावनी

वाराणसी : शहर की सूरत संवारने और सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बुधवार तड़के शहर के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया. सुबह-सुबह अचानक अधिकारियों के साथ सड़कों पर निकले नगर आयुक्त ने पुलिस लाइन चौराहे से लेकर मैदागिन तक का हाल जाना. इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई, हॉर्टिकल्चर और सीवर-पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए.

पैदल गश्त कर लिया साफ-सफाई का लिया जायजा
नगर आयुक्त का काफिला सुबह होते ही पुलिस लाइन चौराहे पर पहुंचा. यहां से वह मकबूल आलम रोड, हुकुलगंज तिराहा और चौका घाट होते हुए पैदल लहुराबीर तक गए. निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़कों पर कूड़ा उठान की स्थिति देखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य मार्गों पर कूड़ा दिखने पर संबंधित सफाई एवं खाद्य निरीक्षक की जवाबदेही तय की जाएगी. कबीर चौरा और मैदागिन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उन्होंने रात्रि सफाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया ताकि सुबह शहर वासियों को स्वच्छ वातावरण मिले. निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने डिवाइडरों पर किए जा रहे हॉर्टिकल्चर (बागवानी) कार्यों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि शहर के सुंदरीकरण में डिवाइडर की अहम भूमिका है, इसलिए यहां लगे पौधों की नियमित कटाई-छंटाई और सिंचाई सुनिश्चित की जाए. डिवाइडर पर कहीं भी मिट्टी या धूल नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही, सड़कों के किनारे हो रहे सुंदरीकरण कार्यों की प्रगति देखते हुए उन्होंने इन्हें गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया.
सीवर ओवरफ्लो व लीकेज पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर जोर
नगर आयुक्त ने जलकल और सिविल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में कहीं भी सीवर ओवरफ्लो या वाटर लीकेज की समस्या नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लीकेज के कारण न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि सड़कों की उम्र भी कम होती है. जहाँ कहीं भी ऐसी शिकायत मिले, उसे 24 घंटे के भीतर ठीक किया जाए. निरीक्षण के दौरान संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, मुख्य अभियंता (सिविल) आरके सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
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पार्कों में गंदगी फैलाई या किया अतिक्रमण तो होगा चालान
नगर निगम अब पार्कों के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाने जा रहा है। नगर निगम ने 'पार्क प्रबंधन एवं संरक्षण उपविधि 2025-26' का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत पार्कों में गंदगी फैलाने, अवैध कब्जा करने या पेड़ों को नुकसान पहुंचाने पर अब केवल चेतावनी नहीं मिलेगी, बल्कि आपकी जेब भी ढीली होगी. नगर निगम द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, पार्कों के भीतर निम्नलिखित कार्यों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसमें किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण या दुकान/ठेला लगाना।बिना अनुमति निर्माण कार्य करना या विज्ञापन सामग्री रखना. पेड़-पौधों को काटना या नुकसान पहुंचाना. पार्क परिसर में शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन. पालतू पशुओं (कुत्तों आदि) को खुला छोड़ना. कचरा फैलाना और पार्क की लाइटिंग या उपकरणों को क्षति पहुंचाना शामिल है. यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उस पर गलत जुर्माना लगाया गया है, तो वह दंड आदेश के विरुद्ध 15 दिनों के भीतर नगर आयुक्त के समक्ष अपनी अपील प्रस्तुत कर सकता है.



