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रिंग रोड के 20 मीटर ग्रीन बेल्‍ट में स्‍थायी निर्माण प्रतिबंधित, वीडीए का प्रावधान

रिंग रोड के 20 मीटर ग्रीन बेल्‍ट में स्‍थायी निर्माण प्रतिबंधित, वीडीए का प्रावधान
Feb 04, 2026, 07:07 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : रिंग रोड और प्रमुख मार्गों के प्रस्तावित 20 मीटर ग्रीन बेल्ट में स्थायी निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. यह न केवल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में सहायक होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और स्वच्छ वातावरण भी दिलाएगी. लागू नियमों और मानकों के तहत विशिष्ट उपयोग, सीमित निर्माण को ही अनुमन्य किया गया है.वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का मूल उद्देश्य खुले और हरित क्षेत्रों का संरक्षण करना है. जिससे नगर का सौंदर्य, पर्यावरण संतुलन और नागरिकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके. उन्होंने कहा कि शहर के सुव्यवस्थित, पर्यावरण, अनुकूल, संतुलित विकास के उद्देश्य से रिंग रोड और प्रमुख मार्गों के किनारे ग्रीन बेल्ट का प्रावधान किया गया है. नगर क्षेत्र में रिंग रोड की कुल चौड़ाई 60 मीटर है. दोनों ओर 20–20 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित की जानी है.


ग्रीन बेल्ट में खेल का मैदान और पेट्रोल पंप


ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में जिन निर्माणों, उपयोगों की अनुमति है, उनमें पेट्रोल पंप, खेल का मैदान, स्पोर्ट्स ग्राउंड, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय खुले स्थान, पार्क, रेसकोर्स, स्टेडियम, पिकनिक स्थल, कैंपिंग स्थल, ट्रैफिक पार्क, मनोरंजन पार्क, एक्वेरियम, चिड़ियाघर, संग्रहालय, पक्षी वन्यजीव अभयारण्य जैसे सार्वजनिक एवं पर्यावरण–अनुकूल उपयोग सम्मिलित हैं. इन अनुमन्य उपयोगों के अतिरिक्त निर्माण या व्यावसायिक/आवासीय उपयोग ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.


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बिना स्‍वीकृत के निर्माण अवैध


आजमगढ़ रोड, संदहा मार्ग, जीटी रोड, रिंग रोड के किनारे ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित है. इन मार्गों के पास किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य वीडीए से मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद ही किया जा सकेगा. बिना स्वीकृति कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा. यूपी नियोजन और विकास अधिनियम के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंका, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन...
राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंका, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन...
वाराणसी : पीएम पर अमर्यादित टिपपणी का मामला गरम हो गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध अमर्यादित एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग किए जाने के विरोध में शहर उत्तरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले चारों मंडलों में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन किया गया. बागेश्वरी मंडल अध्यक्ष मनोज सोनकर के नेतृत्व में मलदहिया चौराहा पर, धूपचंडी मंडल अध्यक्ष दिलीप चौहान के नेतृत्व में पंचकोसी मार्ग पर, राजर्षि मंडल अध्यक्ष विवेक पाण्डेय के नेतृत्व में सेंट्रल जेल रोड पर तथा सारनाथ मंडल अध्यक्ष अतुल सिंह के नेतृत्व में पहड़िया चौराहा पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.कार्यकर्ताओं ने “राहुल गांधी माफी मांगो”, “अजय राय शर्म करो”, “कांग्रेस पार्टी का अभिमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद”, “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद”, “वंदे मातरम्” एवं “हर हर महादेव” के नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया. इसके पश्चात कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी एवं अजय राय का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता, तब तक भारतीय जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा.ALSO READ : बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पार्षद सुशील गुप्ता, सिद्धनाथ शर्मा, राजेंद्र यादव, सत्य प्रकाश जायसवाल, दीपक कनोजिया, विशाल चौरसिया, विश्वनाथ गुप्ता, शिवनाथ गुप्ता, अशोक सेठ, अश्वनी गुप्ता, विभा सिंह, मनोज जायसवाल, सूरज राजभर, अरिहंत मौर्य, लल्लू कुशवाहा, बिजेंद्र कुशवाहा, अरविंद सिंह मास्टर, नितेश मौर्य, उमेश पटेल, भूपेंद्र सिंह, राजेश कुमार, पवन जायसवाल, सूरज सेठ, विनोद कुमार, दीपक झा, उर्मिला शर्मा, गुड्डी पटेल, नीलम चौबे, शांति सिंह, हरिश्चंद्र मौर्य, संदीप पटेल, राम सिंह, अजीत सिंह, वीरेंद्र राजभर, बंटी पाठक, विनोद राजभर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...
बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...
वाराणसी : बीएचयू में यूजी छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है. 4000 से ज्यादा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का मौका दिया जाएगा. इस इंटर्नशिप के जरिये छात्र-छात्राओं को शोध और नौकरी पाने की क्षमता विकसित करनी होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस पर दो क्रेडिट और रिजल्ट में 10 अंक दिए जाएंगे. इंटर्नशिप नहीं करने पर एक और मौका दिया जाएगा. उसके बाद नंबर काट लिए जाएंगे और अगले सेमेस्टर में नहीं जा सकेंगे. इंटर्नशिप की अवधि न्यूनतम 30 घंटे की होगी. स्नातक में दूसरे या चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के बाद गर्मियों की छुट्टियों में ही इंटर्नशिप पूरी करनी होगी.10 अंकों का यह मूल्यांकन संस्था के मेंटर (जहां काम किया है) और कॉलेज के सुपरवाइजर दोनों की ओर से किया जाएगा. मेंटर छात्र के अनुशासन, समय की पाबंदी, टीम वर्क और सीखने की लगन के आधार पर अंक देंगे. यदि कोई छात्र इंटर्नशिप में फेल हो जाता है या इसे पूरा नहीं कर पाता है, तो उसे अगली छुट्टियों में इसे दोबारा पूरा करने का एक और मौका दिया जाएगा. छात्रों के लिए इंटर्नशिप के दिशानिर्देश और प्रोफॉर्मा जारी कर दिए जारी किया गया है. इसके तहत वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव, रोजगार के योग्य बनाना और उनमें शोध की क्षमता विकसित करना है. कार्यस्थल पर काम करने का व्यावहारिक कौशल, डेटा विश्लेषण, शोध विधियों और उपकरणों के इस्तेमाल में सशक्त होना होगा.विभाग का रिकमेंडेशन लेटर (सिफारिशी पत्र) संस्थान को सौंपना होगा. छात्रों को इंटर्नशिप शुरू करने से पहले विभाग में निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा. जिस संस्था में छात्र इंटर्नशिप करना चाहते हैं, वहां के मेंटर से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर कॉलेज के सुपरवाइजर को जमा करना होगा. इंटर्नशिप पूरी होने के 15 दिनों के भीतर, छात्रों को विभाग में अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी. रिपोर्ट में संस्था का विवरण, सीखे गए कार्य और अनुभव होने चाहिए.यहां कर सकते हैं इंटर्नशिपसरकारी या निजी संगठन, स्थानीय पंचायत, नगर निगम या मीडिया संस्थान.गैर-सरकारी संगठन, लाइब्रेरी, रिसर्च लैब या स्थानीय उद्योग.भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्किल डेवलपमेंट कोर्स जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, एनएसडीसी आदि के माध्यम से की गई 30 घंटे या उससे अधिक की ट्रेनिंग भी मान्य होगी.ALSO READ : वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...केंद्र या राज्य सरकार के पोर्टल के माध्यम से की गई ऑनलाइन, डिजिटल इंटर्नशिप या अप्रेंटिसशिप को भी मान्यता दी जाएगी.
वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...
वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...
वाराणसी : काशी वासियों के लिए राहत भरी खबर है. करसड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में पिछले एक दशक से जमा कूड़े के पहाड़ से शहर को जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी. नगर निगम ने इसके निस्तारण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी है. महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत 28 अप्रैल को इस परियोजना का सूत्रपात किया गया था, जिसे आज धरातल पर उतारा जा रहा है. अगले डेढ़ वर्ष में यह स्थान कूड़े के ढेर के बजाय एक सघन वन के रूप में नजर आएगा.कहा कि ​करसड़ा डंपिंग ग्राउंड में पिछले दस वर्षों से करीब 12.64 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है, जो आसपास के पर्यावरण और निवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ था. नगर निगम ने इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करने का जिम्मा उठाया है. इसके लिए 53.15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे 'बायोमाइनिंग' प्रक्रिया के माध्यम से कूड़े को छांटकर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा.​कूड़े के पहाड़ के पूरी तरह साफ होने के बाद, खाली होने वाली 25 एकड़ भूमि को बेकार नहीं छोड़ा जाएगा. निगम ने यहां जापान की प्रसिद्ध 'मियावाकी' तकनीक का उपयोग करके सघन जंगल विकसित करने की योजना बनाई है. इससे न केवल शहर का 'कार्बन फुटप्रिंट' कम होगा, बल्कि यह क्षेत्र एक पर्यावरण-अनुकूल हरित पट्टी के रूप में उभरेगा, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा.आज नफरत, कल महसूस होगा सुकून : दयालुआयुष राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार ​डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु'।ने कहा कि जो लोग आज इस कूड़े के पहाड़ से नफरत करते हैं, वही डेढ़ साल बाद यहां बने बगीचे में सुकून महसूस करेंगे. उन्होंने कहा कि आज बनारस में कूड़े से चारकोल और बिजली बनाने का कार्य भी सफलतापूर्वक हो रहा है. जिला पंचायत अध्यक्ष ​पूनम मौर्या ने कहा कि फिलहाल यहां की हवा में दुर्गंध है, लेकिन इस परियोजना से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह स्थान एक सुरक्षित और स्वच्छ धरोहर बनेगा.अतिरिक्‍त आय संग आबोहवा होगी शुद्ध : हिमांशु नागपालनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में प्रतिदिन औसतन 1200 से 1300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका वर्तमान में शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है. करसड़ा का यह प्रयास शहर को 'स्वच्छ काशी-सुंदर काशी' बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा. इको स्टैन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी द्वारा 'बायोमाइनिंग' तकनीक के जरिए कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है. इसके लिए विशेष 'क्लीमैन मशीन' का उपयोग किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जाएगी. कहा कि करसड़ा की यह हरित पट्टी न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय आबोहवा को भी शुद्ध करेगी. इसके अतिरिक्त इस प्रक्रिया से निगम को कार्बन क्रेडिट के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की भी संभावना है.ALSO READ : महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं , कांग्रेस ने खोला मोर्चा...संचालन अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने किया. इस अवसर पर उपसभापति नरसिंह दास, सुरेश चौरसिया, प्रवीन राय, अमरदेव यादव, प्रमोद राय, कुसुम पटेल, सीमा वर्मा, मंजू कन्नौजिया, बेबी कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, अशोक कुमार मोर्या, रविंद्र क्रुमार सिंह, अजय बिंद, विवेक जायसवाल, हनुमान प्रसाद, प्रमोद राय, मदन मोहन दुबे, शुभा वर्मा, मदन मोहन तिवारी, बलराम कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में पार्षद उपस्थित रहे.