नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइट
वाराणसी: शहर को जाम के जंजाल से मुक्त कराने के लिए नगर निगम पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है. इस क्रम में 12 मार्च गुरुवार को स्मार्ट सिटी बैठक सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति की अहम बैठक हुई. बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए निजी और सार्वजनिक पार्किंग संचालकों को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया गया. इसके लिए निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से एक सप्ताह के भीतर अपने यहां पार्क होने वाले वाहनों की औसत संख्या, उपलब्ध खाली स्पेस और संचालन पर होने वाले खर्च का विस्तृत विवरण तलब किया है.

दरअसल, पार्किंग शुल्क को लेकर लगातार आपत्तियां मिल रही थीं. इन आपत्तियों के तार्किक निस्तारण के लिए निगम ने यह डेटा मांगा है ताकि शुल्क का निर्धारण सही ढंग से किया जा सके. वहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम को देखते हुए निगम ने पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था पर बल दिया है. नगर आयुक्त द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा के लिए ऐसे स्थल चिह्नित करने के सुझाव मांगे गए हैं जहां चालक सिर्फ सवारी उतारेंगे और तुरंत वहां से निकल जाएंगे. इन स्थलों पर ऑटो खड़ा करने की सख्त मनाही होगी.

यह भी पढ़ें: मजबूत इच्छाशक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम- प्रो. मंगला कपूर
इस नई व्यवस्था पर विचार करने के लिए ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों ने निगम से 15 दिन का समय मांगा है. बैठक में मुख्य रूप से सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, निजी पार्किंग संचालक, सार्वजनिक पार्किंग के ठेकेदार और ऑटो यूनियन के पदाधिकारी शामिल रहे. नगर आयुक्त ने दो-टूक कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी पक्षों का सहयोग अनिवार्य है.



