नवांकुर कार्यशाला 15 मई से होगी प्रारंभ, 29वें वर्ष में प्रवेश; रंगमंच, संगीत व नृत्य का मिलेगा प्रशिक्षण...

वाराणसी: श्री नागरी नाटक मंडली न्यास की बहुप्रतीक्षित “नवांकुर कार्यशाला” इस वर्ष अपने 29वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित होने वाली यह कार्यशाला 15 मई से शुरू होगी. न्यास अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में कला, रंगमंच एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करना है.
न्यास सचिव डॉ. अजीत सैगल ने जानकारी दी कि इस वर्ष भी भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इसमें कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग के प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है. वरिष्ठ वर्ग का प्रशिक्षण राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हेमा सिंह द्वारा दिया जाएगा, जबकि कनिष्ठ वर्ग को वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन पाठक मार्गदर्शन देंगी. उन्होंने बताया कि कार्यशाला पूर्णतः निःशुल्क रहेगी, हालांकि प्रतिभागियों से 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा.
ALSO READ :बिजली उपभोक्ताओं के लिए मेगा कैंप आज से, बिल सुधार से लेकर नए कनेक्शन तक मौके पर होंगे काम...
कार्यशाला के समापन के बाद जून के चौथे सप्ताह में एक सप्ताह तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसमें 21 जून को कनिष्ठ वर्ग द्वारा नाटक प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि 22 जून को नृत्य नाटिका का मंचन होगा. 23 जून को विशेष एक्सपेरिमेंटल भारतनाट्यम कार्यक्रम, 24 जून को आर्ट एवं पेंटिंग कार्यशाला, 25 जून को क्राफ्ट कार्यशाला तथा 26 जून को “बदला-बदला सा बनारस” विषय पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी. इसके बाद 28 जून को वरिष्ठ वर्ग के नाटक का मंचन किया जाएगा.
डॉ. मेहता ने यह भी बताया कि इस कार्यशाला में परंपरा के अनुसार इस बार भी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा. गायन का प्रशिक्षण गुरु मां सुचारिता गुप्ता, कथक का प्रशिक्षण विशाल कृष्ण तथा भारतनाट्यम का प्रशिक्षण दिव्या श्रीवास्तव द्वारा दिया जाएगा. पत्रकार वार्ता में सुमन पाठक सहित न्यास से जुड़े अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अंत में डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.



