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विपक्ष मचाता रहा हल्ला, फिर भी पास होने से रूका नहीं 'जी राम जी' बिल

विपक्ष मचाता रहा हल्ला, फिर भी पास होने से रूका नहीं 'जी राम जी' बिल
Dec 18, 2025, 12:35 PM
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Posted By Preeti Kumari

संसद में चल रहे मॉनसून सत्र के बीच आज विपक्ष ने जोरदार हंगामा काटा. इसकी वजह सदन में 'जी राम जी' बिल पेश किया गया है. जहां लोकसभा में आज 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी (VB-G RAM G) बिल पास हो गया है. इसी के चलते विपक्षी सांसदों ने बवाल काटते हुए केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी का अपमान करने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम यानि (MGNREGA) के प्रावधानों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया है. जहां केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने विपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने योजनाओं के नाम महात्मा गांधी के ऊपर नहीं बल्कि नेहरू परिवार के नाम पर रखा है. इतना ही नहीं, सरकार के इस फैसले का बचाव करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि "NREGA में महात्मा गांधी का नाम '2009 के चुनावों को ध्यान में रखकर' जोड़ा गया था." जिसके बाद महात्मा गांधी का नाम 2009 के चुनावों को देखते हुए NREGA में जोड़ दिया गया था.


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विपक्ष ने लगाए नारे


वहीं विपक्षी सदस्यों ने 'जी राम जी योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए 'महात्मा गांधी का अपमान नहीं सहेगा' जैसे नारे लगाए. साथ ही इस बिल की कॉपियां तक फाड़ीं. जहां कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस कानून को गांधी का अपमान और रोजगार के अधिकार पर हमला बताया है. हालांकि, विपक्ष इससे पहले यह बिल वापस लेने की मांग करते हुए संसद परिसर के अंदर विरोध मार्च निकाला था, हैरानी इस बात की है कि विपक्ष के इतना हंगामा करने के बाद भी सरकार का कहना है कि यह बिल 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देने के साथ ही गांवों का पूरा विकास भी करेगा.


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केंद्र सरकार ने 'जी राम जी' बिल को लेकर बताया कि यह योजना हर ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य बिना किसी खास हुनर ​​वाले शारीरिक काम के लिए भी स्वेच्छा से काम करते हैं, साथ ही यह बिल हर साल 125 दिनों के रोज़गार की कानूनी गारंटी देता है. इस बिल के तहत राज्यों को कानून लागू होने के छह महीने के अंदर अपनी योजनाओं को नए कानून के प्रावधानों के हिसाब से बनाना होगा. नए विधेयक के बारे में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, "हम बताना चाहेंगे कि इस नए विधेयक को लाने की जरूरत क्यों पड़ी. दरअसल, अपेक्षाकृत राज्यों के बीच फंड का बटवारा नहीं हो पा रहा था. मनरेगा में इस तरह की कई समस्याएं आ रही थीं. इस योजना में 60 प्रतिशत पैसा मजदूरी के लिए था और 40 प्रतिशत मैटेरियल के लिए था. मैटेरियल पर तो सिर्फ 26 प्रतिशत पैसा खर्च किया गया.


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भष्टाचार के हवाले मनरेगा


ऐसे में ये साफ होता है कि मनरेगा को पूरी तरह से भष्टाचार के हवाले कर दिया गया था" जिसमें बदलाव करना काफी जरूरी हो गया था. मगर सच तो यह है कि मनरेगा योजना का मकसद ग्रामीणों को रोजगार देना है, पर इसमें भ्रष्टाचार और काम की गुणवत्ता पर हमेशा ही सवाल उठते रहे हैं, कई बार तो मजदूरों को अपने घर से ही फावड़ा, कुदाल जैसे औजार लाने पड़ते हैं, हालाँकि, मनरेगा के काम-काज वाले औजार भत्ता की मांग हमेशा उठती रही, जिसके चलते कुछ राज्यों में पुरी तो कही अधूरी ही रह गई. फिलहाल, सरकार कोई भी हो हर कोई मनरेगा योजना को अपने हिसाब से चलाना चाहता है पर कोई इस योजना से जुड़ने वाले ग्रामीणों के हक को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार करे तो काफी बेहतर होगा. पर अफसोस हमारे देश की सरकारे रोजगार में भी अपना फायदा चाहती है.

Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake in Iran: ईरान में आज मंगलवार को भूकंप के तेज झटके देखने को मिले है. इसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.3 रही है. भूकंप के ये तेज झटके ईरान के अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच आया है. जिसका कारण मिसाइल का अटैक माना जा रहा है. ईरान के गेराश प्रांत में यह भूकंप आया है, हालांकि इसमें जानमाल के नुकसान की खबरें अभी तक सामने नहीं आई हैं. ⁠USGS यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, ईरान के गेराश इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. यह 10 किलोमीटर की गहराई में था. हालांकि ऐसी किसी परमाणु परीक्षण की वजह से हुआ है, इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं. अभी तक के संकेतों के अनुसार, ये टेक्टोनिक प्लेट के बीच टकराहट से होने वाली प्राकृतिक घटना लग रही है.विशेषज्ञों का कहना है कि अगर परमाणु बम का परीक्षण किया जाता है तो अलग तरह की तरंगें और सिग्नल आते हैं.चार दिनों से चल रहा ईरान-इजरायल के बीच युद्धआपको बता दें कि, ईरान और इजरायल के बीच युद्ध करीब चार दिनों से चल रहा है. इजरायल और अमेरिकी वायुसेना लगातार ईरान पर मिसाइलें दाग रही हैं. ईरान के कई परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. तेहरान, इस्फहान, कौम जैसे शहरों में भी भयंकर बमबारी की गई है. वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स उन मध्य पूर्व देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी बेस हैं. इसमें इराक, कुवैत, बहरीन, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं. ईरान अपनी मिसाइलों और शाहेद ड्रोन से लगातार हमले कर रहा है.गेराश शहर में भूकंप यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे यानि (USGS) ने बताया कि इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच आज मंगलवार को दक्षिणी ईरान के गेराश शहर में 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. जिसे लेकर यूएसजीएस ने कहा कि भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर नीचे आया और झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई. हालांकि, इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए कुछ लोगों ने अंदाजा लगाया कि क्या ईरान ने न्यूक्लियर टेस्ट किया है. हालांकि, ऐसे दावों का समर्थन करने वाली कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.ये भूकंप 3 मार्च, 2026 को लोकल टाइम के हिसाब से दोपहर 12:24 बजे ईरान के गेराश से 52 किमी. उत्तर-पश्चिम में आया, इसका सेंटर लैटीट्यूड 28.036°N और लॉन्गीट्यूड 53.789°E पर था और भूकंप धरती की सतह से 10 किमी. नीचे आया. सीस्मोलॉजिस्ट बताते हैं कि ईरान के एक्टिव फॉल्ट जोन में इतने बड़े झटके आम हैं और कुदरती भूकंपों से होने वाले सीस्मिक पैटर्न जमीन के नीचे न्यूक्लियर धमाकों से होने वाले पैटर्न से बहुत अलग होते हैं.
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
वाराणसी: होली के दिन चार मार्च को जिले भर की देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें बंद रहेंगी. आबकारी विभाग की ओर से बताया गया है कि इसका कडाई से अनुपालन कराया जाएगा. इस बीच होलिका दहन के दिन से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली. दोपहर से ही देसी, विदेशी और बीयर की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए.होली पर्व को लेकर शराब दुकानों पर बढ़ी भीड़वहीं, कई स्थानों पर देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा. त्योहार को देखते हुए कई लोगों ने पहले से ही खरीदारी करने का मन बनाया था. जैसे-जैसे शाम नजदीक आई, दुकानों पर भीड़ और बढ़ती गई. स्थिति यह रही कि कई स्थानों पर ग्राहकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. कुछ दुकानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी.ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे. गांवों के आसपास स्थित ठेकों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कई स्थानों पर लोग सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े दिखे. भीड़ अधिक होने के कारण कुछ जगहों पर हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता से व्यवस्था सामान्य रही.होली पर्व ने बाजारों में बढ़ाई रौनकगौरतलब है कि होली के मौके पर रंग-गुलाल के साथ-साथ खान-पान और अन्य तैयारियों में भी बाजारों में रौनक बढ़ गई है. वहीं शराब की दुकानों पर उमड़ी भीड़ ने त्योहार की तैयारियों की एक अलग तस्वीर भी पेश की. वहीं शराब पीकर हुडदंग मचाने वालों की खैर नहीं है. इसके लिए भी पुलिस प्रशासन की ओर पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. शराब के खुफिया ठिकानों पर भी पुलिस छापेमारी कर रही है. कच्‍ची शराब बनाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर है.
होली पर एहतियात-वाराणसी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, चौबीस घंटे मुस्तैद एंबुलेंस सेवाएं
होली पर एहतियात-वाराणसी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, चौबीस घंटे मुस्तैद एंबुलेंस सेवाएं
वाराणसी: होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. किसी भी आकस्मिक परिस्थितियों के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. सार्वजनिक अवकाश की वजह से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे की जगह केवल दोपहर 12 बजे तक चलेगी. वहीं, इमरजेंसी में मरीजों का बेहतर इलाज हो सके, इसके लिए डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है. इधर, होली के दिन किसी तरह की घटना पर लोगों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके, इसके लिए चौराहों पर 108 एंबुलेंस खड़ी रहेगी. प्रभारी सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात कर दी गई है.एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी विकास तिवारी का कहना है कि आम लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी एंबुलेंस चालक, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की काउंसिलिंग की गई है। होली वाले दिन प्रमुख चौराहों पर जहां एंबुलेंस मौजूद रहेगी, वहीं फोन आने पर निर्धारित समय के भीतर सेवा का लाभ पहुंचाया जाएगा.होली पर छह घंटे बंद रहेंगे बीएचयू के पांच गेटहोली के दिन बीएचयू के मुख्य द्वार के अलावा बाहर जाने वाले रास्तों पर आवागमन बंद रहेगा. यानी, पांच गेट, सीर, छित्तूपुर, नरिया, केंद्रीय विद्यालय और हैदराबाद गेट, बंद रहेंगे. बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संदीप पोखरिया द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि बुधवार को लंका स्थित मुख्य गेट को छोड़कर परिसर के अन्य सभी गेट सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे.सुबह से शाम तक नाव संचालन बंद होली पर गंगा में इस बार नाव नहीं चलेंगी. चार मार्च की भोर 4 बजे से शाम 4 बजे तक पूरी तरह से संचालन पर प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन ने इसके लिए सोमवार को निर्देश जारी किए. होली में घाटों पर भारी भीड़ होती है. होली की हुड़दंगई में कुछ लोग नावों की सवारी करते हैं. लापरवाही के कारण कोई हादसा न हो, इसे देखते हुए प्रशासन ने सख्ती की है. प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर बार की तरह ही इस बार भी होली धूमधाम से मनाई जाएगी.शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पिछली बार की तरह ही इस बार भी 4 मार्च को सुबह 4 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सभी प्रकार के नावों का संचालन बंद रहेगा. शाम 4 बजे से माहौल शांत होने के बाद नावों का संचालन शुरू होगा. रात 8 बजे तक ही नावें चलेंगी, इसके बाद फिर से संचालन बंद रहेगा.