तिरंगा केवल ध्वज नहीं, राष्ट्र की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है- प्रो. शैलेश कुमार मिश्र

वाराणसी: हर घर तिरंगा कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी द्वारा अपराह्न 3 बजे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ मैदान से सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई. यात्रा में विश्वविद्यालय के आचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के साथ एनसीसी, एनएसएस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की.

यात्रा का उद्देश्य केवल हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर चलना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति गौरव, संविधान के प्रति निष्ठा, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, सामाजिक समरसता और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा. विद्यार्थियों ने तिरंगा हाथ में लेकर देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया.
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इस अवसर पर प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने कहा कि तिरंगा भारत की अस्मिता, स्वतंत्रता-संग्राम के संघर्ष और करोड़ों देशवासियों के त्याग एवं बलिदान का प्रतीक है. तिरंगा यात्रा का वास्तविक संदेश तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे, और अनुशासन, संस्कार, ज्ञान, कर्तव्यबोध और राष्ट्रसेवा की भावना से ही विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार किया जा सकता है.
यात्रा में डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. दिव्यचेतन ब्रह्मचारी, डॉ सत्येन्द्र कुमार यादव सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के आचार्य, अधिकारी, कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए.



