चाेरी और सीना जोरी - वाराणसी में दुकान में किया हाथ साफ और लगा दी आग

वाराणसी - चौक पुलिस ने दुकान में घुसकर चोरी और आगजनी की घटना को खुलासा किया है. बताया कि इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. उसके पास से चोरी के 34 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं. पुलिस के इस उजागर से क्षेत्रीय लोगों ने राहत महसूस की.
प्रभारी निरीक्षक चौक दिलीप कुमार मिश्रा की टीम ने आरोपी राधे यादव, पुत्र भोला नाथ यादव, निवासी ग्राम सतपोखरी, थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली को गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी सुबह ग्राम सतपोखरी से की गई. आरोपी के कब्जे से 34 हजार रुपये और नीले रंग का नारजो कम्पनी का एक मोबाइल बरामद हुआ.
पुलिस के अनुसार इस मामले की शुरुआत 23 दिसंबर 2025 को हुई, जब भुक्तभोगी पुरुषोत्तम दास अग्रवाल ने थाना चौक में लिखित सूचना दी कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने दुकान का ताला तोड़कर 50 हजार रुपये चुरा लिए और दुकान में आग लगा दी. इस सूचना के आधार पर थाना चौक में अभियोग दर्ज किया गया. विवेचना उप निरीक्षक अभिषेक कुमार त्रिपाठी, चौकी प्रभारी ब्रम्हनाल को सौंपी गई.
आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरे, सर्विलांस सेल और अन्य माध्यमों से सुरागरसी की। 27 दिसंबर 2025 को ग्राम सतपोखरी से अभियुक्त राधे यादव को दबोच लिया गया. पूछताछ में राधे यादव ने बताया कि 23 दिसंबर 2025 को रात 1:30 बजे वह अपने फुफेरे भाई जितेन्द्र यादव के साथ पुरुषोत्तम दास अग्रवाल की दुकान में चोरी करने गया था. उसने बताया कि दुकान का ताला तोड़कर 50 हजार रुपये चुराए गए थे और चोरी की घटना को छुपाने के लिए दुकान में आग लगा दी गई थी.
ALSO READ : बरेका की तकनीकी उत्कृष्टता सेबोत्स्वाना के मंत्री नूह सलाके प्रभावित
आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को यह भी बताया कि चोरी किए गए रुपये उसने और उसके फुफेरे भाई ने आपस में बांट लिए हैं. उसने पुलिस को बताया कि रुपये उसके घर पर रखे हुए हैं और यदि पुलिस उसे उसके घर ले जाए तो वह रुपये बरामद करा सकता है. इस घटना में शामिल उसके फुफेरे भाई जितेन्द्र यादव, निवासी ग्राम कटहल गंज, थाना चोलापुर, वाराणसी के बारे में जानकारी दी गई.
पुलिस ने जितेन्द्र यादव के निवास स्थान पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला. उसके खिलाफ वांछित की कार्रवाई की गई है. थाना चौक पुलिस ने एक सफल कार्रवाई करते हुए चोरी और आगजनी की घटना का अनावरण किया है और अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की है.



