यूरोप में युपी के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं, खुलेंगे रोजगार के द्वार

वाराणसी: यूपी के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अपार अवसर हैं. युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित और वैध रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से कैंटोमेंट स्थित एक होटल में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई. इसमें यूरोपीय देशों के कई प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम का उद्घाटन श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने किया. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और उत्तर प्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है. प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल जापान, सिंगापुर और यूरोपीय देशों में जाकर निवेश व रोजगार की संभावनाएं तलाश रहे हैं. इस्राइल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भेजे गए 6000 से अधिक श्रमिक सालाना 1000 करोड़ रुपये का रेमिटेंस प्रदेश भेज रहे हैं और जल्द ही 1500 और युवाओं को भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

कार्यक्रम में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, उपनिदेशक सेवायोजन रवि शेखर आनंद, सहायक निदेशक मुकेश कुमार और सहायक श्रम आयुक्त अविनाश तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. उत्तर प्रदेश के साथ भारत-यूरोप अवसरों का समन्वय विषय पर आधारित इस कार्यशाला का आयोजन प्रदेश के सेवायोजन निदेशालय द्वारा विदेश मंत्रालय (भारत सरकार) और यूरोपीय संघ के सहयोग से प्रवासन एवं गतिशीलता पर संवाद के अंतर्गत किया गया.
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नौकरियों की अपार संभावनाएं
सेवायोजन निदेशालय की निदेशक नेहा प्रकाश (आईएएस) ने इस पहल को युवाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए मील का पत्थर बताया. कार्यशाला में विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव जीना उइका ने विदेशों में कार्यरत भारतीयों के कल्याण और नीतियों पर चर्चा की, जबकि भारतीय विश्व मामलों की परिषद के संयुक्त सचिव अभिजीत चक्रवर्ती ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के महत्व को बताया. यूरोपीय संघ की प्रथम सचिव वेरोनिका लिस्कोवा ने बताया कि यूरोपीय देशों में बढ़ती उम्र की आबादी के कारण हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में नौकरियों की अपार संभावनाएं हैं.
भारत और यूरोप के बीच बढ़ेगी गतिशीलता : एस. राजलिंगम
इटालियन दूतावास के काउंसलर यूजीनियो बोलूसो ने शेंगेन वीजा और यूरोपीय यूनियन ब्लू कार्ड जैसी जटिल प्रवासन नीतियों के बारे में विस्तार से बताया. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन नीति विकास केंद्र की कंट्री को-ऑर्डिनेटर डॉ. सुरभि सिंह ने शोध और क्षमता निर्माण पर जोर दिया. मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भारत और यूरोप के बीच गतिशीलता बढ़ाने वाला एक ठोस कदम बताया.



