मकर संक्रांति के बाद होगा सियासी धमाका, प्रदेश भाजपा ने किया फैसला

मकर संक्रांति के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल के साथ ही भाजपा के प्रदेश संगठन में बदलाव देखने को मिलेगा. नगरीय निकायों, निगमों, आयोगों और बोर्डों में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के समायोजन के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश भाजपा की नई टीम का गठन 15 जनवरी से 28 फरवरी के बीच पूरा कर लिया जाएगा. इसके पीछे का कारण यह है कि, 1 मार्च से प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह चुनावी मोड में चली जाएगी. आने वाले दिनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव के और 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी के कार्यक्रम लगातार चलेंगे.

1 मार्च से चुनावों की तैयारियों में जुट जाएगी प्रदेश भाजपा
जानकारी के मुताबिक, एक मार्च से प्रदेश भाजपा की नई टीम होने वाले तीन चुनावों की तैयारियों में जुट जाएगी. बताया जाता है कि, मकर संक्रांति के बाद सबसे पहले निगमों, आयोगों और बोर्डों में सदस्यों, उपाध्यक्षों, अध्यक्षों के खाली पदों पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का समायोजन किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. सबसे पहले नगर निकायों में पार्षदों, सभासदों के मनोनयन का काम होना शुरू हो जाएगा. जिसमें प्रदेश के 2805 भाजपा कार्यकर्ता, नेता समायोजित किए जाएंगे. इसी बीच केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी आम बजट की तैयारियों की व्यस्तता के बीच ही अवध और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का दौरा समेत बैठकें भी करेंगे.

अभी तक इन क्षेत्रों से दूरियां बनाएं रखे पंकज चौधरी
बड़ी बात तो यह है कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भी पंकज चौधरी अभी तक इन दोनों क्षेत्रों में नहीं जा सके है. इसी कमी के चलते प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अपनी नई टीम का गठन करने का मन बना बैठे है. जिसके चलते कई नए चेहरों को भाजपा प्रदेश की टीम में शामिल होने का एक बेहतर मौका मिलने वाला है. प्रदेश भाजपा के सारे काम-काज फरवरी माह के बीच कंपलीट हो जाएंगे. वहीं, विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों तक भाजपा के बूथ स्तर लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारी सक्रिय नजर आएंगे.



