भारत-अमेरिका के बीच नहीं होगी ट्रेड डील, लटनिक ने किया बड़ा खुलासा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चल रहे मतभेद को लेकर अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने एक बड़ा खुलासा किया है. जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है. जी हां, उन्होंने अपने दावे में ये कहा कि, अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील आज तक इसलिए फाइनल नहीं पाई, क्योंकि ट्रेड डील के अटकने की वजह कोई नीतिगत मतभेद नहीं, बल्कि पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कॉल नहीं करने की वजह हैं. हालांकि, यह ट्रंप की डील थी. वही सौदा भी पक्का करते हैं.

इस ट्रेड डील के लिए सब कुछ पहले से ही तैयार था, सिर्फ इंतजार था तो पीएम मोदी के एक फोन कॉल का, जो ट्रंप की बेचैनी का कारण बन बैठी हैं. इसलिए ट्रेड डील के अटकने की वजह कोई नीतिगत मतभेद नहीं, बल्कि पीएम मोदी का ट्रंप को सीधे फोन न करना. लेकिन भारतीय पीएम के कॉल का काफी समय तक इतंजार करने के बाद से हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ समझौते कर लिए और कई डील की घोषणा भी कर दी है.

जाने ट्रंप की सख्त बयानबाजी का राज
अमेरिकी वाणिज्य सचिव के इस बयान ने ये साफ कर दिया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर सख्त बयानबाजी व्यापार या फिर नीतियों की वजह से नहीं, बल्कि यह उनके अहंकार से जुड़ा है जिसे ठेस लग गई है. ये सच है कि प्रधानमंत्री मोदी के फोन ना करने से ट्रंप काफी हर्ट हो गये है, इन्हीं कारणों के चलते भारत को 50 प्रतिशत तक के भारी-भरकम टैरिफ के रूप में चुकाना पड़ रहा हैं. हैरानी इस बात की है कि ट्रंप अब भारत के खिलाफ और अधिक टैरिफ बढ़ाने का भी ऐलान कर चुके हैं.

अधूरी रह गई ट्रेड डील की इच्छा
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल जनवरी 2025 में सत्ता में आने के बाद से दुनिया के देशों पर टैरिफ की घोषणा कर दी. जिसमें उन्होंने भारत पर 25% टैरिफ लगाया. लेकिन इस कार्रवाई के बाद से फरवरी माह में पीएम मोदी और ट्रंप की इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर वार्ता हुई. पर अफसोस की रूस से पीएम मोदी द्वारा तेल की खरीदारी से नाराज हुए ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया. क्योंकि ट्रंप ये चाहते थे कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दें,

लेकिन भारत उनकी इस धमकियों से डरने वाला नहीं है, कुछ भी हो जाए भारत किसी भी हाल में अमेरिका के आगे झुकने वाला नहीं हैं. वहीं माना ये भी जा रहा कि अगर ट्रेड डील हो जाती है तो भारत को टैरिफ में राहत मिलेगी. इस ट्रेड डील के तहत द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. भारत-अमेरिका के बीच फिलहाल 191 अरब डॉलर का व्यापार होता है.



