कुर्सी पर बैठकर नहीं चलेगी पुलिसिंग, हर मोर्चे पर देनी होगी जवाबदेही...

वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों की चुडी कसी है. राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक में जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, यातायात व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए. कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों पैदल कर दिए जाएंगे.
जनता की शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
पुलिस कमिश्नर ने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहने और फरियादियों की शिकायतें गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनने के निर्देश दिए. आईजीआरएस, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया.

हर थाने से 25 प्रतिशत पुलिस बल रात में निकलेगा गश्त पर
अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कमिश्नर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक थाने में उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से रात्रि गश्त पर निकलेगा. शाम के समय प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया.
चेन स्नेचिंग, छेड़खानी और चोरी पर विशेष नजर
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. आदतन और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया.
जाम और अतिक्रमण पर भी पुलिस का फोकस
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए. यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया.
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60 और 90 दिनों में निपटानी होंगी लंबित विवेचनाएं
लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर ने विवेचनाओं का निर्धारित 60 एवं 90 दिनों की समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साक्ष्य संकलन और कानूनी औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी नहीं करने तथा विवेचकों के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया.
बैठक में भूमि विवादों और स्थानीय संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर संभावित विवादों की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए.



