श्रीमद्वल्लभाचार्य प्राकट्य महोत्सव का तीसरा दिन: काशी में भव्य शोभायात्रा और धार्मिक अनुष्ठान

वाराणसी : पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक जगद्गुरु श्रीमद्वल्लभाचार्य श्री महाप्रभु के 549वें प्राकट्य महोत्सव के चतुर्थ दिवसीय आयोजन के अंतर्गत तीसरे दिन काशी में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.श्रीमुकुन्दगोपाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में सुबह मंगला दर्शन के समय गिरिराज का दुग्धाभिषेक किया गया. इसके बाद संस्थान के सभाकक्ष में वैष्णव श्रद्धालुओं द्वारा श्री सर्वोत्म स्तोत्र, नामरत्नाख्य, वल्लभाष्टक और सप्तश्लोकी का सामूहिक पाठ किया गया. अपराह्न 4 बजे षष्ठपीठ श्रीगोपाल मंदिर से महाप्रभु जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई. शोभायात्रा में कीर्तन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन और बधाई गीतों की प्रस्तुति दी गई, वहीं विभिन्न समाजों द्वारा जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए.कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ह्रदय रंजन शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने श्रीमद्वल्लभाचार्य के जीवन और पुष्टिमार्ग की महत्ता पर विस्तृत व्याख्यान दिया.
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इस दौरान पूज्य महाराजश्री द्वारा पंचोपचार पूजन किया गया तथा वैष्णव समाज के वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित भी किया गया. कार्यक्रम में काशी राजघराने के सदस्य, साधु-संत, विद्वान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.सभा का समापन श्री यमुना महारानी की आरती के साथ हुआ. आयोजकों के अनुसार महोत्सव के अंतिम दिन 14 अप्रैल को सायं 6:30 बजे संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जोधपुर के प्रसिद्ध गायक राजेन्द्र वैष्णव प्रस्तुति देंगे.



