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वाराणसी के इस प्राचीन कुंड की बदलगी सूरत, भव्‍य रूप देने की शुरू कवायद

वाराणसी के इस प्राचीन कुंड की बदलगी सूरत, भव्‍य रूप देने की शुरू कवायद
Mar 16, 2026, 08:33 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: जल्‍द ही प्राचीन पिशाच मोचन कुंड की सूरत बदलने वाली है. इसके लिए व्‍यापक तैयारियां की जा रही हैं. तालाब की सफाई के साथ-साथ उसके चारों ओर बने पाथवे को और अधिक सुंदर बनाया जाएगा और श्रद्धालुओं को काशी के तालाबों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी. पाथवे के किनारे आकर्षक वाल पेंटिंग कराने और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए जगह-जगह बेंच लगाए जाएंगे. साथ ही धूप और बारिश से बचाव के लिए पाथवे के रिक्त स्थानों पर कैनोपी (शेड) बनाए जाएंगे, ताकि पूजा-पाठ करने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. बदलाव से कुंड दिव्‍य रूप में निखरेगा.


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फैंसी स्ट्रीट लाइटें कुंड की बढ़ाएंगी भव्यता


रात के समय कुंड की भव्यता बढ़ाने के लिए पूरे पाथवे पर फैंसी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी. अब नगर निगम पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले पिशाचमोचन कुंड (तालाब) के कायाकल्प की तैयारी में जुट गया है. पिशाच मोचन कुंड के समीप स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण के साथ मंदिर की ओर छठ पूजा के लिए एक विशेष और व्यवस्थित स्थल विकसित किया जाएगा. पर्व-त्योहारों के समय उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पहले से ही सुचारू व्यवस्था की जाएगी.


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पर्यटकों के लिए जगमगाएगा दशाश्वमेध मार्ग


शहर की यातायात और सौंदर्यीकरण व्यवस्था को देखते हुए दशाश्वमेध-गोदौलिया चौराहे पर लगे वाटर फव्वारों को तत्काल क्रियाशील किया जाएगा. दशाश्वमेध घाट जाने वाले मार्ग पर लगी मौजूदा सौर लाइटों के स्थान पर अधिक प्रकाश वाली फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी. इसके साथ ही, काशी विश्वनाथ मंदिर द्वार के समीप होलिका दहन स्थल पर क्षतिग्रस्त हुए पत्थरों (चौका) को तत्काल ठीक किए जाएंगे. आयुक्त हिमांशु नागपाल के साथ निरीक्षण में उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद इंद्रेश सिंह, मुख्य अभियंता आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, मार्ग प्रकाश व जलकल विभाग के अवर अभियंता तथा सफाई निरीक्षक उपस्थित रहे.

मंडलायुक्त ने कमिश्नरी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ, सकारात्‍मक सहयोग की अपील की
मंडलायुक्त ने कमिश्नरी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ, सकारात्‍मक सहयोग की अपील की
वाराणसी: कमिश्नरी सभागार में सोमवार को आयोजित एक समारोह में मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. कार्यक्रम में कमिश्‍नरी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष लालचंद चौबे, महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया और अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया.न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका इस अवसर पर मंडलायुक्त ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ न्यायिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में सकारात्मक सहयोग प्रदान करेंगे. मंडलायुक्त ने स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं के रोल को रेखांकित करते हुए कहा गया कि देश की आजादी के बाद महत्वपूर्ण पदों पर भी अधिवक्ताओं को जिम्मेदारी दी गई. उन्होंने केशवानंद भारती समेत देश की न्यायव्यवस्था में पीआईएल की शुरुआत पर भी प्रकाश डालते हुए अधिवक्ताओं के रोल को रेखांकित किया.यह भी पढ़ें: SI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द से जुड़े सवाल पर बवाल, वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शनअपर आयुक्त विवेक कुमार द्वारा कार्यक्रम में निर्वाचित सभी लोगों को बधाई देते हुए विधि सम्मत कार्य में सभी को सहयोग करने हेतु कहा. उन्होंने वादकारियों को सुगम न्याय दिलाने में सभी के सहयोग की अपेक्षा की. उन्होंने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम में उपायुक्त खाद्य ओमप्रकाश पटेल, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सहित बार एसोसिएशन के सदस्य, अधिवक्ता गण तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे. समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
SI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द से जुड़े सवाल पर बवाल, वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
SI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द से जुड़े सवाल पर बवाल, वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
वाराणसी: यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द से जुड़े सवाल पर बवाल मचा हुआ है. इसी क्रम में साेमवार को जिला मुख्‍यालय पर जुलूस निकालकर अधिवक्‍ताओं ने पुलिस भर्ती बोर्ड का पुतला फूंकने की कोशिश की. इस दौरान गहमागहमी के बीच कैंट थाने की पुलिस ने पुतला छीन लिया. वहीं विरोध करने वालों ने कहा कि भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए .वकीलों ने कहा कि ये जानबूझकर बनाया हुआ सियासी मुद्दा है, ब्राह्मणों का लगातार अपमान किया जा रहा है. सवाल में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के तौर पर दिए जाने पर वकीलों और ब्राह्मण संगठनों ने नाराजगी जताई. विरोध कर रहे लोगों ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की.कैंट पुलिस को दी तहरीरउत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पंडित शब्द को कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में शामिल किए जाने के विरोध में समाज के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैंट थाने में तहरीर दी. कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने उच्चाधिकारियों के आदेश के क्रम में कार्रवाई का भरोसा दिलाया.यह भी पढ़ें: आसाराम बापू के काशी प्रवास पर चर्चाओं को लगे पंख, खातिरदारी पर उठने लगे सवालप्रतिनिधिमंडल में शामिल शशांक शेखर त्रिपाठी और राजेश त्रिवेदी ने कहा कि पंडित शब्द भारतीय समाज में परंपरागत रूप से विद्वानों व ब्राह्मण समाज के लिए प्रयुक्त होने वाला एक सम्मानसूचक संबोधन है, जो ज्ञान, विद्वता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है. ऐसे सम्मानित शब्द को नकारात्मक अर्थ वाले शब्द के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जाना समाज के एक बड़े वर्ग की सामाजिक प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है.FIR दर्ज कर की जाए कठोर कार्रवाईप्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए जिम्मेदार अधिकारियों, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों, मॉडरेशन समिति के सदस्यों व परीक्षा आयोजन से संबंधित एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए. प्रतिनिधि मंडल में अरुण कुमार मिश्रा, आशुतोष शुक्ला, नीरज चौबे (सोनू), उपेंद्र निगम, शिवेंद्र कुमार दुबे मौजूद रहे.
आसाराम बापू के काशी प्रवास पर चर्चाओं को लगे पंख, खातिरदारी पर उठने लगे सवाल
आसाराम बापू के काशी प्रवास पर चर्चाओं को लगे पंख, खातिरदारी पर उठने लगे सवाल
वाराणसी: दुष्‍कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा के बीच आसाराम बापू के काशी प्रवास पर चर्चाओं का बाजार गर्म है. छह माह की अंतरिम जमानत म‍िलने के बाद वह फ‍िलहाल बाहर हैं और रविवार को वाराणसी पहुंचे. उनके बाबा दरबार में दर्शन पूजन और वीआइपी ट्रीटमेंट द‍िए जाने की खबर अब सोशल मीड‍िया में सुर्खियां बटोर रही है. लोग उनकी खातिरदारी पर सवाल खडे कर रहे हैं. बाबा दरबार के वीआइपी गेट नंबर चार से उनकी एंट्री और पुल‍िस की सुरक्षा अभ‍िरक्षा में गेट के पास तक उनकी गाड़ी जाने के साथ ही उनको अलग से दर्शन कराने को लेकर चर्चाओं को पंख लग गए हैं. लोगों का एक ही सवाल है क‍ि आख‍िर इतनी वीआइपी खात‍िरदारी किस लिए.आसाराम बापू के दर्शनों के लिए लोगों की उमड़ी भीड़. दरअसल, उनके अयोध्‍या से न‍िकलने के बाद से ही काशी आने की चर्चा बनी हुई थी. वह हरहुआ में फूलपुर थाना क्षेत्र के अनौरा स्थित संत आशाराम बापू आश्रम में लंबे समय बाद पहुंचे तो उनके समर्थकों की भी खूब जुटान हुई. आसाराम बापू के आगमन की सूचना मिलते ही पूर्वांचल और बिहार से हजारों अनुयायी दर्शन के लिए उमड़ पड़े. लगभग 12 वर्षों के सन्नाटे के बाद, 2013 से पहले जैसी हलचल एक बार फिर देखने को मिली. जौनपुर, भदोही, मीरजापुर, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली और पड़ोसी राज्य बिहार के अनुयायी भी यहां उपस्थित थे. मगर उनसे म‍िलने के पूर्व चर्चा है क‍ि मोबाइल प्रत‍िबंध‍ित कर द‍िया गया था. ल‍िहाजा उनकी तस्‍वीरें क‍िसी तरह से ही सामने आ सकी.आसाराम बापू दुष्कर्म मामले में काट रहे सजा सूत्रों के अनुसार, नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आशाराम इस समय जमानत पर बाहर हैं और बनारस के आश्रम में ठहरे हुए हैं. रविवार को उन्होंने व्यास पीठ से अपने अनुयायियों को संबोधित भी किया. आश्रम प्रशासन ने परिसर के भीतर सुरक्षा और गोपनीयता के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए थे. सत्संग हॉल में प्रवेश करने वाले हर श्रद्धालु का पहचान पत्र लेकर मोबाइल फोन मुख्य द्वार पर जमा कराया जा रहा था.यह भी पढ़ें; BBA छात्र की गोली मारकर हत्या, शोक में काशीवासीआश्रम के सेवादारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि भीतर की कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद न हो. यदि कोई व्यक्ति छिपकर वीडियो बनाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत डिलीट करवाया जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस आश्रम में डेढ़ दशक से सन्नाटा था, वहां अब लग्जरी गाड़ियों के काफिले और समर्थकों के हुजूम से गांव का माहौल बदल गया है. रविवार दोपहर करीब दो बजे आशाराम का काफिला अनौरा आश्रम से अलईपुरा शहर आश्रम के लिए रवाना हुआ. चर्चा रही कि वह गंगा नदी के किनारे किसी शांत स्थान पर समय बिताने गए हैं.