वाराणसी के इस प्राचीन कुंड की बदलगी सूरत, भव्य रूप देने की शुरू कवायद

वाराणसी: जल्द ही प्राचीन पिशाच मोचन कुंड की सूरत बदलने वाली है. इसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. तालाब की सफाई के साथ-साथ उसके चारों ओर बने पाथवे को और अधिक सुंदर बनाया जाएगा और श्रद्धालुओं को काशी के तालाबों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी. पाथवे के किनारे आकर्षक वाल पेंटिंग कराने और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए जगह-जगह बेंच लगाए जाएंगे. साथ ही धूप और बारिश से बचाव के लिए पाथवे के रिक्त स्थानों पर कैनोपी (शेड) बनाए जाएंगे, ताकि पूजा-पाठ करने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. बदलाव से कुंड दिव्य रूप में निखरेगा.

फैंसी स्ट्रीट लाइटें कुंड की बढ़ाएंगी भव्यता
रात के समय कुंड की भव्यता बढ़ाने के लिए पूरे पाथवे पर फैंसी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी. अब नगर निगम पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले पिशाचमोचन कुंड (तालाब) के कायाकल्प की तैयारी में जुट गया है. पिशाच मोचन कुंड के समीप स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण के साथ मंदिर की ओर छठ पूजा के लिए एक विशेष और व्यवस्थित स्थल विकसित किया जाएगा. पर्व-त्योहारों के समय उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पहले से ही सुचारू व्यवस्था की जाएगी.

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पर्यटकों के लिए जगमगाएगा दशाश्वमेध मार्ग
शहर की यातायात और सौंदर्यीकरण व्यवस्था को देखते हुए दशाश्वमेध-गोदौलिया चौराहे पर लगे वाटर फव्वारों को तत्काल क्रियाशील किया जाएगा. दशाश्वमेध घाट जाने वाले मार्ग पर लगी मौजूदा सौर लाइटों के स्थान पर अधिक प्रकाश वाली फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी. इसके साथ ही, काशी विश्वनाथ मंदिर द्वार के समीप होलिका दहन स्थल पर क्षतिग्रस्त हुए पत्थरों (चौका) को तत्काल ठीक किए जाएंगे. आयुक्त हिमांशु नागपाल के साथ निरीक्षण में उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद इंद्रेश सिंह, मुख्य अभियंता आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, मार्ग प्रकाश व जलकल विभाग के अवर अभियंता तथा सफाई निरीक्षक उपस्थित रहे.



