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घाट वॉक के जरिए क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार के प्रति किया जागरूक, हिंसा के खिलाफ उठी आवाज

घाट वॉक के जरिए क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार के प्रति किया जागरूक, हिंसा के खिलाफ उठी आवाज
Mar 16, 2026, 08:15 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: प्रिजमैटिक फाउंडेशन की ओर से बीते रविवार की शाम राजेंद्र प्रसाद घाट से अस्सी घाट तक क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार, लैंगिक समानता और विविध लैंगिक, यौनिक पहचानों के सम्मान के उद्देश्य से एक विशेष घाट वॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में युवाओं, समुदाय के सदस्यों और सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत राजेंद्र प्रसाद घाट पर सभी के स्वागत के साथ हुई. इसके बाद कार्यक्रम के उद्देश्य साझा किए गए, जिनमें समाज में महिलाओं और LGBTQIA+ समुदाय के प्रति सम्मान, समानता और हिंसा के खिलाफ जागरूकता यात्रा की शुरुआत हुई.


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सामाजिक मुद्दों पर हुआ संवाद


पहले पड़ाव में प्रतिभागियों के साथ “सांप-सीढ़ी” खेल के माध्यम से महिला हिंसा और उससे जुड़े सामाजिक मुद्दों पर संवाद किया गया. इस गतिविधि के जरिए लोगों ने खेल-खेल में यह समझने की कोशिश की कि समाज में मौजूद चुनौतियाँ किस प्रकार महिलाओं के जीवन को प्रभावित करती हैं.

इसके बाद प्रतिभागियों ने घाट वॉक करते हुए नारे, गीत और संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. दूसरे पड़ाव चौकी घाट पर एक खुला संवाद आयोजित किया गया, जिसमें LGBTQIA+ समुदाय की विभिन्न पहचानों से जुड़े लोगों ने प्लेकार्ड्स के माध्यम से अपनी बात रखी और उपस्थित लोगों ने भी अपने अनुभव को साझा किया. इस दौरान लोगों ने अपने विचार स्टिकी नोट्स पर लिखकर भी साझा किए.


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तीसरे पड़ाव भदैनी घाट पर नुक्कड़ नाटक (टोटो) के माध्यम से ट्रांस महिलाओं के अधिकार, भेदभाव और हिंसा को प्रदर्शित करते हुए सामाजिक समानता लाने का संदेश दिया गया. इस प्रस्तुति में विभिन्न किरदारों के माध्यम से समाज में मौजूद भेदभाव और चुनौतियों को सामने लाने की कोशिश की गई.


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कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव पर संगीत और समापन सभा आयोजित की गई, जिसमें प्रिजमैटिक फाउंडेशन के टैन ने कहा कि अक्सर हम बात करते है कि किस तरह से ब्रिटिश राज ने डिवाइड और रुल की पॉलिसी को अपनाकर 300 साल तक हमारे देश पर राज किया था. आज हमारे ही अपने लोग, ये ब्राउन साहब इसी पॉलिसी का इस्तेमाल कर रहे है. चाहे वो रोजगार के मामले में हो जो उन्होंने मनरेगा के साथ किया, चाहे वो कॉलेज जाने वाले बच्चों के मानसिक, आर्थिक और शारीरिक सुरक्षा के मामलें में हो जैसे उन्होंने यूजीसी एक्ट के साथ किया या अब हमारी ट्रांस कम्युनिटी के साथ हो जो वो इस ट्रांस अमेंडमेंट बिल 2026 के द्वारा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस सरकार ने हर वंचित समुदाय के बीच में फूट डालने का काम किया है और वो फूट इसलिए डाल रही है क्योंकि जब तक हम आपस में लड़ते रहेंगे तब तक वो जीतते रहेंगे.


अतिथि के रूप में ऐपवा संगठन से आई कुसुम दी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा की अगर हमें अपने अधिकार चाहिए, अगर हम जितना चाहते है, अगर हम गरिमापूर्ण जीवन चाहते है तो हमें विभाजित होने से अपने आपको रोकना पड़ेगा. हमें साथ आना पड़ेगा और एक ही आवाज़ में गुहार लगानी पड़ेगी. चाहे वो मनरेगा के मजदूर हो या हमारे दलित, बहुजन, आदिवासी भाई बहन या साथी हो या वो ट्रांस महिला ही क्यों न हो. हम सबको एकत्रित होकर अपनी सांझा लड़ाई लड़नी पड़ेगी ताकि हम एक गरिमापूर्ण जीवन जी सकें.


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इटली से आई अतिथि पैनलॉक ने संगीत के माध्यम से अपनी पहचान और भावनाओं को प्रकट किया . सिस्टर फ़्लोरिन द्वारा क्वीयर ट्रांस महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हम सब एक साथ आना होगा हिंसा को समाप्त करना होगा. इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता को मजबूत करना तथा क्वीयर ट्रांस महिला अधिकार और विविध लैंगिक पहचानों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. कार्यक्रम का संचालन नीति, यात्रा का संचालन हेतवी और आरोही द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से रूमान, कृष्णा, अनामिका, राधा, श्रेया, सैम, धनंजय, नैविश, सुजाता, रेनू देवी समीक्षा झा, नैंसी, अक्षता, अंकु आदि शामिल हुए.

वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.