अपराध का यह पैटर्न बना रहा कंगाल, वाराणसी मे दो मामले आए सामने

वाराणसी- शहर में अपराध का यह पैटर्न लोगों को कंगाल बना रहा है. इसे सामन्य तौर पर साइबर ठगी कहा जा रहा है. जिसमें लालच और अज्ञानता लोगों की गाढी कमाई पर डाका डाला जा रहा है. वाराणसी मे ऐसे ही दो बड़े मामले सामने आए हैं. महमूरगंज के एक कारोबारी को क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सवा करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई. वहीं शिवपुर क्षेत्र में एक महिला के खाते से लिंक क्लिक करते ही 5.68 लाख रुपये पार हो गए. दोनों मामलों में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

इंस्टाग्राम से शुरू हुआ सवा करोड़ का खेल
महमूरगंज के झूलेलाल नगर निवासी कारोबारी रोहित डोडवानी ने पुलिस को बताया कि 14 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर माहिका आरुषि शर्मा नामक यूजर से संपर्क हुआ. बातचीत के दौरान उसने क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश कर कई गुना मुनाफा कमाने का दावा किया. आरोपी ने वाट्सएप नंबर साझा कर एक लिंक भेजा, जिसके जरिए लॉग इन कर ट्रेडिंग शुरू कराई गई. 19 दिसंबर से 9 फरवरी के बीच रोहित ने कुल सवा करोड़ रुपये निवेश कर Tether (USDT) खरीदा. जब रकम निकालने की कोशिश की गई तो निकासी असफल रही.

ठगों ने पैसे निकालने के नाम पर अतिरिक्त 1.25 लाख रुपये और जमा करा लिए.
इसके बावजूद रकम वापस नहीं मिली. बाद में अधिक निवेश करने का दबाव बनाया गया. जब पूंजी समाप्त हो गई तो दोस्तों से चर्चा के बाद ठगी का एहसास हुआ. इस बीच इंस्टाग्राम आईडी और वाट्सएप नंबर बंद हो चुका था. पुलिस ट्रांजेक्शन आईडी और मोबाइल नंबर के आधार पर जांच में जुटी है.

लिंक पर क्लिक करते ही महिला के खाते से उड़ गए 5.68 लाख
दूसरा मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के दांदूपुर का है. यहां शिल्पा सिंह नामक महिला फेसबुक अकाउंट सेट कर रही थीं. 13 फरवरी को एक संदिग्ध लिंक सामने आया. उस पर क्लिक करते ही फोन की स्क्रीन काली हो गई. फोन दोबारा चालू करने पर बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे. देखते ही देखते कुल 5,68,997 रुपये दस ट्रांजेक्शन में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो चुके थे. पुलिस का कहना है कि लोग प्रलोभन के झांसे में फंस रहे हैं. बचाव के लिए अनजान लिंक पर जाने से बचें.



