स्टेशन पर भटक रहीं तीन नाबालिग बहनों को 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत सुरक्षित बचाया गया

वाराणसी: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत रविवार को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर भटक रही तीन नाबालिग बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ कार्यालय से हेड कांस्टेबल उपेन्द्र कुशवाहा एवं महिला कांस्टेबल प्रीति मंडल स्टेशन क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 6 एवं 7 पर तीन नाबालिग बच्चियां परेशान हालत में इधर-उधर घूमती हुई दिखाई दीं।
पूछताछ में बच्चियों ने अपनी पहचान शिवानी (7 वर्ष), निधि (6 वर्ष) और पायल (14 वर्ष) के रूप में बताई। तीनों जौनपुर जनपद के सिंधौरा थाना क्षेत्र के अमाऊ गांव की निवासी हैं। बच्चियों ने बताया कि वे बिना किसी को बताए घर से घूमने के लिए वाराणसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं।
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बच्चियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरपीएफ टीम उन्हें अपने संरक्षण में लेकर पोस्ट वाराणसी लाई। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर प्राची जायसवाल एवं केस वर्कर सतीश कुमार को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया, ताकि आवश्यक काउंसलिंग और परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सुरक्षित घर भेजा जा सके।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर भटके, लापता अथवा संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराना और उनके परिजनों से मिलाना है। इस अभियान के तहत आरपीएफ लगातार स्टेशन परिसरों में सतर्क निगरानी बनाए हुए है।



