Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

जाम से मिलेगी निजात, राजघाट पुल पर सुबह तीन और शाम दो घंटे मालवाहक प्रतिबंधित

जाम से मिलेगी निजात, राजघाट पुल पर सुबह तीन और शाम दो घंटे मालवाहक प्रतिबंधित
Oct 11, 2025, 11:12 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी: शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं. इसी क्रम में एक और खबर निकल कर आई है जिसमें राजघाट पुल पर जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस द्वारा निर्णय लिया गया है कि समस्त मालवाहक वाहनों का आवागमन सुबह 8 बजे से 11 और शाम 5 बजे से 7 बजे तक बंद रहेगा. इसके अतिरिक्त काफी माल वाहक ऐसे हैं जिनका फिटनेस समाप्त हो गया है, इनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई यातायात पुलिस द्वारा की जा रही है और निरंतर की जाएगी. ऐसे मालवाहक, जो ओवरलोड होते हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई किए जाने के साथ आरटीओ को भी पत्र प्रेषित किया गया है.


दुर्गाकुंड क्षेत्र में एकल मार्ग व्यवस्था लागू


अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा ने बताया कि दुर्गाकुंड क्षेत्र में यातायात अधिक होने के कारण एवं दयाल टावर से लेकर रविदास गेट तक यातायात दोनों तरफ चलने के कारण काफी जाम की स्थिति रहती है. जिससे स्थानीय नागरिकों को समस्या होती है एवं सीएचसी दुर्गाकुंड तथा सीएमओ ऑफिस जाने वाले और बीमार व्यक्तियों को भी लगातार समस्या होने की खबरें आती रहती हैं. इसी क्रम में यातायात पुलिस द्वारा दुर्गाकुंड एवं संकटमोचन आवागमन वाले यातायात को एकल मार्ग अर्थात लूप वे में चलाने का निर्णय लिया गया है. इस व्यवस्था के अंतर्गत जो वहां गुरुधाम एवं दयाल टावर होते हुए आते हैं उन्हें सीधे रविदास गेट से बाहर निकलना होगा तथा कबीर नगर एवं संकटमोचन की तरफ से आने वाला ट्रैफिक अपने दाहिनी अर्थात रविदास गेट की तरफ मुड़ेगा और यहां से निकलेगा.


FILE IMG


ALSO READ : वाराणसी के लोगों के लिए बड़ी राहत, ESIC में आमजन का भी निःशुल्क उपचार


डायवर्जन की व्यवस्था


इसके अलावा मालवीय चौराहे से आने वाला ट्रैफिक संकट मोचन की तरफ नहीं मुड़ेगा बल्कि आगे बढ़कर पद्मश्री चौराहा से बायें मुड़कर दयाल टावर होकर दुर्गाकुंड, संकट मोचन एवं कबीर नगर जाने की सुविधा होगी. आगे पद्मश्री पर एक हाइटगेट बैरियर लगाया जाएगा जिससे कोई भी स्कूली बस पद्मश्री से दयाल टावर की तरफ ना जाए बल्कि यह गुरूधाम होकर बायें मुड़कर दयाल टावर होते हुए दुर्गाकुंड की तरफ जाएंगे. दुर्गाकुंड से कोई भी ट्रैफिक पद्मश्री की तरफ नहीं जाएगा. इस प्रकार यह लोग दयाल टावर से दुर्गाकुंड मंदिर के सामने होते हुए सीधे रविदास गेट से वाएं मुड़कर सीधे आगे बढ़ते हुए पद्मश्री से दयाल टावर की तरफ प्रवेश करेंगे एवं स्कूल बस एवं ट्रैवलर जैसे वाहन आगे बढ़ते हुए रविंद्रपुरी से बाएं मुड़कर गुरुधाम से पुनः बायें मुड़कर दुर्गाकुंड जाएंगे. इस प्रकार यह एकल मार्ग एवं लूप वे काम करेगा.

IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमति
IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमति
वाराणसी: गहमागहमी के बीच बीएचयू में इस साल की पहली एकेडमिक काउंसिल की बैठक बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई. देर रात तक चली इस बैठक में कोर्स और नियमों को लेकर खूब बहस और तर्क प्रस्तुत किए गए. आईएमएस बीएचयू के सदस्यों ने अपने 90 फीसदी प्रस्तावों को पारित करा लिया. वहीं, क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी को सहमति बन गई है लेकिन आयुर्वेद की ओर से अभी इसे स्वीकार नहीं किया गया है.एलोपेथी में खोली जाएगी क्लीनिकल ऐसे में एलोपेथी में ही क्लीनिकल ट्रायल रिसर्च यूनिट खोली जाएगी. जबकि आयुर्वेद के डीन बाद में चर्चा कर फिर से प्रस्ताव भेजेंगे. दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल मानवों पर होगा. वहीं, इंटेसिव मैनेजमेंट केयर विभाग बनाया जाएगा. वहीं कई विभागों के एमडी और डीएम कोर्स में 5-6 सीटें बढ़ाई जाएंगी. मेडिकल में ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर खोला जाएगा.34 प्रस्तावों को किया पारित बीएचयू के महामना हॉल में दोपहर तीन बजे से शुरू हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में 21 नए एजेंडे रखे गए. कुलपति ने एक और कुलसचिव ने तीन प्रस्ताव रखे. अपर परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह 2025-26 सत्र में पीएचडी प्रवेश के लिए प्रस्ताव रखा. वहीं एनईपी के चेयरपर्सन ने तीन एजेंडा प्रस्तावित किया. वहीं 27 सितंबर 2025 को हुई एकेडमिक काउंसिल के 34 प्रस्तावों को पारित किया गया.पीएचडी कराने के प्रस्ताव को नहीं माना गया भारत अध्ययन केंद्र में न्यूमेरी सीट पर हिंदू अध्ययन में पीएचडी कराने के प्रस्ताव को नहीं माना गया है. इससे एंडजंक्ट फैकल्टी यानी कि दूसरे विभाग के प्रोफेसर को हिंदू अध्ययन से पीएचडी कराने के लिए अलग से सीट नहीं मिलेगी. परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अधिकारियों ने सुपर न्यूमेरी सीट को नियम के विरूद्ध बताया तो कुलपति ने इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई.पीएचडी ऑर्डिनेंस में होगा सुधारएकेडमिक काउंसिल की ओर से फैसला लिया गया है कि पीएचडी ऑर्डिनेंस में सुधार किया जाएगा. खामियों को खत्म किया जाएगा. प्रोग्रेस रिपोर्ट और निकासी को लेकर कई नियम बदले जाएंगे. वसंता राजघाट में चार वर्ष के शिक्षा में बीए और बीएड कोर्स चलेगा. पर्यटन से एमए कोर्स को मंजूरी नहीं मिल पाई. दरअसल इसमें ग्रुप डिस्कसन और पर्सनल इंटरव्यू (जीडीपीआई) हटाने का प्रस्ताव था लेकिन एकेडमिक काउंसिल के अधिकारियों ने इसे भी नियम के खिलाफ बताया.
वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, सड़क जाम होने पर लान संचालक के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, सड़क जाम होने पर लान संचालक के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी: सड़क को वाहन पार्किंग के रूप में उपयोग करने से उत्पन्न जाम की समस्या के खिलाफ कमिश्‍नरेट पुलिस ने कड़ा एक्‍शन लिया है. इस मामले में टंडन लान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. हाल ही में वैवाहिक लान के सामने बरात लगने के दौरान भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे पुलिस को जाम को हटाने में काफी मेहनत करनी पड़ी. पुलिस के प्रयासों के बावजूद यातायात को सामान्य करने में रात के 12 बजे तक का समय लग गया.वैवाहिक लानों में वाहन पार्किंग की नहीं कोई व्यवस्था सारनाथ क्षेत्र में अधिकांश वैवाहिक लानों में वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है. बुधवार को तेज लगन के कारण बरातों का आगमन शुरू होते ही जाम लगना प्रारंभ हो गया. सड़क के किनारे बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों के खड़े होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई. जाम की सूचना मिलते ही सारनाथ पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और जाम को हटाने में जुट गईं. हालांकि, लोगों को जाम से राहत मिली, लेकिन ट्रैफिक को पूरी तरह से सुचारु करने में मध्य रात्रि हो गई.संचालक के खिलाफ मामला दर्जउपनिरीक्षक राहल कुमार यादव ने सारनाथ थाना में टंडन लान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया. तहरीर में बताया गया कि सुहेलदेव पार्क और रंगोली तिराहा के पास सार्वजनिक मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए गए थे. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि निकटवर्ती टंडन लान के संचालक ने सड़क और फुटपाथ पर वाहनों की पार्किंग कराई थी. सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सभी लान संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा, जिनके यहां वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है.यह भी पढ़ें: IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहारयातायात प्रबंधन की गंभीरता हुआ उजागरइस घटना ने सारनाथ क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की गंभीरता को उजागर किया है. पुलिस प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है. यह आवश्यक है कि सभी लान संचालक अपने परिसर में वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था करें, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े. पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें.
IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO,  गंगा में किया नौका विहार
IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहार
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स के 87वें संस्करण का शुक्रवार को शुभांरभ हो गया. टेक्‍नेक्‍स में शामिल होने के लिए फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना वाराणसी पहुंचे. यहां पहुंचते ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद बेनेडेटो विग्ना ने नाव पर बैठकर गंगा घाट का भ्रमण किया.आर्मी के जवान के संग खिंचाई फोटो वहीं टेक्नेक्स में यूनिट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” कहा. इस पल ने आयोजन को और रोमांच और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश भर दिया. इंजीनियरिंग और डिजाइन को करीब से देखने और समझने का मौका.डांसिंग रोबोट, फेरारी कार और डिफेंस समेत अन्‍य प्रदर्शनी के बीच तीन दिन तक फेस्ट चलेगा. इसमें छात्रों और तकनीक प्रेमियों के लिए नए-नए डेमो और प्रदर्शनी तैयार की गई हैं. टेक्नेक्स के पहले दिन ऑटो एक्सपो और डिफेंस प्रदर्शनी लगी. ऑटो एक्सपो में फेरारी सहित कई लग्जरी कारों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें लोग इंजीनियरिंग और डिजाइन के सभी पहलुओं को करीब से देख और समझ सके.यह भी पढ़ें: स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्तडिफेंस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के गढ़वाल राइफल्स, ड्रोन, नाइट-विजन उपकरण, डिफेंस वाहन और आधुनिक हथियारों को देखने और उठाने का मौका मिला। छात्रों के लिए हैकाथॉन और वर्कशॉप भी आयोजित की गईं.रोबोटिक और तकनीकी डेमो स्वतंत्रता भवन सभागार में ओपनिंग सेरेमनी में यूनीट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट का डांस प्रदर्शन हुआ. इसके साथ ही क्वाड्रुपेड रोबोट और न्यूरो-हेल्थ डिवाइस का लाइव डेमो भी दिखाया गया. जापान की टीम ने 3डी मैपिंग और होलोग्राफिक तकनीक की प्रस्तुति दी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्केल्टन डांस ने भी दर्शकों का मन मोह लिया.फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’फेस्ट में थिंक टॉक लेक्चर सीरीज में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना छात्रों के साथ लग्जरी इंजीनियरिंग पर संवाद करेंगे. इसके अलावा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी बीएम करियप्पा, पूर्व स्पेशल फोर्सेस सुशांत सिंह और आईपीएस अमित लोढ़ा भी छात्रों से राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व और पब्लिक सर्विस के अनुभव साझा करेंगे. थिंक टॉक के पहले सत्र में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि यह उनका 50वां मौका है, जब वे काशी आए हैं. यह शहर उन्हें बेहद पसंद है. बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’ रखा गया है. इसका अर्थ है ‘रोशनी’, और काशी का भी अर्थ ‘रोशनी का शहर’ है. उन्होंने बातचीत के दौरान फेरारी कारों में इस्तेमाल हो रही तकनीक के बारे में भी जानकारी दी.सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने कहा- फेरारी का अस्तित्व केवल ‘संभावनाओं की सीमाओं को साहसपूर्वक पुनर्परिभाषित करने’ से ही संभव है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें अपनी विरासत के प्रति सम्मान और भविष्य के लिए साहस दोनों की समान आवश्यकता होती है.रोबोट ने जवान से कहा जय हिन्‍दयूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” बोलकर खुशी जताई. इस मजेदार और रोमांचक पल ने उपस्थित सभी छात्रों और आगंतुकों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश बढ़ा दिया. उद्घाटन के दौरान छात्र यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य रोबोटिक्स डेमो के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए. छात्रों ने रोबोट के साथ सेल्फी और ग्रुप फोटो खिंचाई, जिससे कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का माहौल बन गया.टेक्नेक्स एडिशन में 1500 IIT छात्र पहुंचेटेक्नेक्स के इस एडिशन में देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं. इसमें ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचवाई. रोबोट को चलाने वाले जवान ने बताया- इसमें 5 कैमरे लगे हैं. यह फायर भी कर सकता है.फेस्ट में आर्मी के जवान त्रिनेत्र ड्रोन और ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम भी लेकर आए हैं. त्रिनेत्र ड्रोन भारत में ही बनाया गया है. इसकी लागत 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर दूर तक जा सकता है. यह दुश्मन के ठिकानों का पता लगाता है. वहीं, ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम की कीमत 12 लाख रुपये है. यह 16.5 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर वार कर सकता है. आर्मी का डॉग रोबोट सुल्तान पहुंचा. छात्रों ने रोबोट के साथ फोटो खिंचवाई और रोबोट ने करतब भी दिखाए.‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन: 10 किमी दूर तक दुश्मन पर रखेगा नजर‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन किया गया. इस ड्रोन की कीमत करीब 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. भारत में ही बने इस ड्रोन की मदद से दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. भारतीय सेना अब सीमा पर दुश्मन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इसमें सबसे ज्यादा उपयोग ड्रोन का हो रहा है. तीन प्रकार के ड्रोन लाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये तक है. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों का आसानी से पता लगाने में मदद करते हैं. ये सभी ड्रोन दिल्ली में बनाए गए हैं और डिफेंस सेक्टर में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. इन ड्रोन को एक बार में करीब 2 से 3 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है.