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वाराणसी के लोगों के लिए बड़ी राहत, ESIC में आमजन का भी निःशुल्क उपचार

वाराणसी के लोगों के लिए बड़ी राहत, ESIC में आमजन का भी निःशुल्क उपचार
Oct 11, 2025, 10:06 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: अब कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पाण्डेयपुर में उपचार की सभी सुविधाएँ सामान्य नागरिकों (गैर-बीमित व्यक्तियों) के लिए भी निःशुल्क उपलब्ध होंगी. ईएसआईसी, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ईएसआईसी अस्पताल में अब प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की सभी स्वास्थ्य सेवाएँ आम जनता के लिए खोली गई हैं.


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मुख्य प्रावधान


1. निःशुल्क उपचार: प्राथमिक एवं माध्यमिक उपचार सुविधाएँ अब गैर-बीमित व्यक्तियों को भी NIL User Charges पर मिलेंगी.

2. दवाइयाँ एवं उपभोग्य सामग्री: ईएसआईसी रेट कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत उपलब्ध दवाइयाँ, ड्रेसिंग आदि सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी.

3. रेट कॉन्ट्रैक्ट से बाहर की वस्तुएँ: यदि किसी विशेष उपचार हेतु रेट कॉन्ट्रैक्ट से बाहर की वस्तु की आवश्यकता होगी, तो वह मरीज अपने स्तर पर क्रय कर सकेगा.

4. शटल सेवा: मरीजों की सुविधा हेतु शहर और कस्बे से अस्पताल तक आने-जाने के लिए शटल सेवा की भी व्यवस्था की जाएगी.


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मार्च 2026 तक सुविधा रहेगी प्रभावी


यह व्यवस्था प्रारंभिक रूप से 31 मार्च, 2026 तक के लिए प्रभावी रहेगी. तीन माह के उपरांत इसकी समीक्षा एवं पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा. इस निर्णय से वाराणसी क्षेत्र के आम नागरिकों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त होंगी. इस राहत भरी खबर की स्थासनीय लोगों ने सराहना की है.

गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
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वाराणसी: शहर को जाम के जंजाल से मुक्त कराने के लिए नगर निगम पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है. इस क्रम में 12 मार्च गुरुवार को स्मार्ट सिटी बैठक सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति की अहम बैठक हुई. बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए निजी और सार्वजनिक पार्किंग संचालकों को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया गया. इसके लिए निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से एक सप्ताह के भीतर अपने यहां पार्क होने वाले वाहनों की औसत संख्या, उपलब्ध खाली स्पेस और संचालन पर होने वाले खर्च का विस्तृत विवरण तलब किया है.दरअसल, पार्किंग शुल्क को लेकर लगातार आपत्तियां मिल रही थीं. इन आपत्तियों के तार्किक निस्तारण के लिए निगम ने यह डेटा मांगा है ताकि शुल्क का निर्धारण सही ढंग से किया जा सके. वहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम को देखते हुए निगम ने पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था पर बल दिया है. नगर आयुक्त द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा के लिए ऐसे स्थल चिह्नित करने के सुझाव मांगे गए हैं जहां चालक सिर्फ सवारी उतारेंगे और तुरंत वहां से निकल जाएंगे. इन स्थलों पर ऑटो खड़ा करने की सख्त मनाही होगी.यह भी पढ़ें: मजबूत इच्छाशक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम- प्रो. मंगला कपूरइस नई व्यवस्था पर विचार करने के लिए ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों ने निगम से 15 दिन का समय मांगा है. ​बैठक में मुख्य रूप से सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, निजी पार्किंग संचालक, सार्वजनिक पार्किंग के ठेकेदार और ऑटो यूनियन के पदाधिकारी शामिल रहे. नगर आयुक्त ने दो-टूक कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी पक्षों का सहयोग अनिवार्य है.