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शेयर ट्रेडिंग के बहाने जाल में फंसाया, की 54 लाख की ठगी

शेयर ट्रेडिंग के बहाने जाल में फंसाया, की 54 लाख की ठगी
Dec 05, 2025, 10:17 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. आए दिन लोग इससे पीडित हो रहे हैं. इसी क्रम में शेयर ट्रेडिंग के बहाने साइबर ठगों ने जैतपुरा थाना क्षेत्र के संजय अपार्टमेंट कॉटन मिल निवासी गुलशन ओबेराय को अपने जाल में फंसाया और 54 लाख रुपये की ठगी की. इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है.


पीडित ने पुलिस को बताया कि यूट्यूब पर मेहता बैंक के नाम से दिखाए जाने वाले चैनल पर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करके अच्छी कमाई की जानकारी दी जा रही थी. इस पर भरोसा करके दिए गए लिंक के माध्यम से एक वाट्सप ग्रुप से जुड़े. ग्रुप एडमिन और सलाहकार के बताने पर निवेश के कुछ रुपये उसके बताए बैंक खातों में भेजे. शुरू में उसका लाभ भी मिला. जिसके बाद उसे और अधिक धनराशि निवेश करने के लिए कहा गया. ग्रुप से जुड़े अन्य लोग निवेश के बाद अपने फायदों की जानकारी देते थे. इसे देखकर ग्रुप एडमिन व निवेश सलाहकार के कहने पर उनके बताए बैंक खातों में 54 लाख रुपये कई बार में दे दिए. इसके बाद उसके कोई रुपये नहीं मिले. गुलशन के साथ ठगी करने वालों ने जिस नाम से उनसे संपर्क किया उनके नाम से मुकदमा दर्ज कराया गया है.

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डिजिटल अरेस्‍ट के नाम पर 10 लाख ठग लिए


एक अन्‍य मामले में साइबर ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर संजय अपार्टमेंट, काटन मिल की रहने वाली डा. अल्पना राय चौधरी को डिजिटल अरेस्ट करके दस लाख की साइबर ठगी की. इस मामले में जैतपुरा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बीते एक नवंबर को उनके मोबाइल पर वीडियो काल आई. काल करने वाला पुलिस की वर्दी पहने था और खुद को लखनऊ का एटीएस इंस्पेक्टर रंजीत बताया. कहा कि अल्पना का नाम कश्मीर के पुलवामा हुए आंतकी हमले के मनी लाड्रिंग में आया है. उनके बैंक खाते में सात करोड़ रुपये आए जिनमें से 70 लाख रुपये उन्होंने लिए हैं.



यह मामला देशद्रोह का जिसमें उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. धमकी दिया कि यह बात किसी को नहीं बताएं नहीं तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा. काल करने वाले ने हर आधे घंटे में खुद के सुरक्षित होने का मैसेज उसके मोबाइल पर करने को कहा. इसके बाद अगले दो दिनों तक अलग-अलग नाम से पुलिस अधिकारी बनकर काल किया.

अल्पना से उनके बैंक खातों की जानकारी लेकर उनमें मौजूद रुपयों की जांच की बात कही. इसके लिए खुद के संचालित बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करने के कहा. डरी हुई अल्पना ने पांच हजार रुपये ट्रांसफर किए. चार नवंबर को फिर साइबर ठगों ने उनको काल करके रुपये ट्रांसफर करने को कहा.

उन्होंने दस लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया. साइबर ठगों ने और रुपयों की मांग किया तो डा. अल्पना ने पूरे मामले की जानकारी स्वजन को दी. स्वजन ने उनके साथ साइबर ठगी के बारे में बताया और आनलाइन साइबर क्राइम पोटर्ल पर शिकायत दर्ज की.


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ऑटो चालक के बेटे अभय ने हांगकांग में रचा इतिहास, जीता कांस्य पदक
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Auto driver's son Abhay creates history in Hong Kong, wins bronze medalवाराणसी: संकल्प, संघर्ष और मेहनत के दम पर वाराणसी के अभय कुमार दुबे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहरा दिया, ऑटो चालक पिता के बेटे अभय कुमार दुबे ने रविवार को हांगकांग (चीन) में चल रही एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप अंडर-20 में चार गुणों चार सौ मीटर रिले रेस में कांस्य पदक जीतकर पूरे पूर्वांचल को गौरवान्वित कर दिया. भारतीय पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम में शामिल अभय कुमार दुबे ने अपने साथियों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 3.05.54 का समय निकाला और भारत को कांस्य पदक दिलाया.उपलब्धि से शहर में खुशी की लहर दौड़ीवाराणसी के विकास इंटर कॉलेज के छात्र अभय कुमार दुबे की इस उपलब्धि से शहर में खुशी की लहर दौड़ा दी है। एथलेटिक्स में लंबे समय बाद वाराणसी के किसी खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीता है. अभय की सफलता के पीछे उसके परिवार का संघर्ष भी उतना ही बड़ा है.Also Read: काशी में बढ़ रही नावों की संख्या, नहीं मिला किसी को भी लाइसेंसकॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि अभय के ऑटो चालक पिता प्रेम चंद्र दुबे सीमित संसाधनों के बावजूद अभय ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया. इसी के आगे उन्होंने कहा कि अभय की इस सफलता से जिले के अन्य खिलाड़ियों का भी मनोबल बढ़ेगा, हांगकांग से लौटने पर अभय का भव्य स्वागत किया जाएगा.बड़ा लालपुर स्टेडियम में तैयार हुआ चैंपियनअभय कुमार दुबे पिछले चार वर्षों से डॉ. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल, बड़ा लालपुर में क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मंजूर आलम अंसारी से प्रशिक्षण ले रहा है। उसकी मेहनत और अनुशासन ने आज उसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
काशी में बढ़ रही नावों की संख्या, नहीं मिला किसी को भी लाइसेंस
काशी में बढ़ रही नावों की संख्या, नहीं मिला किसी को भी लाइसेंस
The number of boats is increasing in Kashi, but no one has got a license.Varanasi News: वाराणसी में नावों के पंजीकरण की प्रक्रिया एक वर्ष से चल रही है, लेकिन अब तक एक भी नाव का पंजीकरण नहीं हो सका है. गंगा में नावों की संख्या लगातार बढ़ रही है. प्रशासन एक लाइसेंस पर 10 नावों के संचालन की व्यवस्था लागू करने के साथ 100 इलेक्ट्रिक और मोटरबोट को सीएनजी में परिवर्तित कर चलाने की योजना बना रहा है.एक साल से चल रही प्रक्रिया, फिर भी नहीं मिला लाइसेंस गंगा में चल रही नावों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया एक साल से चल रही है, लेकिन एक भी नाव को लाइसेंस नहीं मिला है. पुराने एक नाव के लाइसेंस पर नाविक 5 से 10 नाव चला रहे हैं. इस कारण गंगा में ट्रैफिक भी बढ़ा है. स्थानीय पुलिस इनकी नाव जब्त भी नहीं कर पा रही है. गंगा में बेलगाम नावों की संख्या से आए दिन घटनाएं और मारपीट किसी भी दिन बड़े हादसे का रूप ले सकती है, नौका विहार में बंपर कमाई के चलते कई नई बड़ी नावें गंगा में उतरने के लिए लाइन में हैं. नगर निगम की ओर से महज 1217 नावों को ही लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि संचालन 4000 से अधिक नावों का हो रहा है.नावों का चालान हुआ है पहचानना मुश्किलदरअसल, लाइसेंस देने का अधिकार पहले नगर निगम को था. डेढ़ साल से आरटीओ और आईडब्ल्यूएआई को जिम्मेदारी दी गई है, जब से काम इन दो विभागों को मिला है तभी से लाइसेंस की प्रक्रिया शिथिल पड़ गई है, हालांकि, नाविकों की मनमानी पर कार्रवाई में जल पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही. आए दिन नावों का चालान किया जा रहा है. पुलिस को यह समस्या हो रही है कि नावों को जब्त करने की कोई जगह नहीं है. नाविक सभी नावों को एक जैसा रंग दे रहे हैं जिससे किस नाव का चालान हुआ है पहचानना मुश्किल हो जा रहा है.नाव की संख्या बढ़ने से गंगा में बढ़ा ट्रैफिक गंगा में नावों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक बढ़ गया है, इस समय मौसम सामान्य न होने से बहुत नावें नहीं दिख रही हैं. ट्रैफिक और सवारियों की ओवरलोडिंग के कारण आए दिन घटनाएं हो रही हैं. इस साल की शुरुआत से अब तक तीन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. 100 इलेक्ट्रिक और सीएनजी बोट चलाने की सरकारी योजना के तहत गंगा में आने वाले समय में 100 इलेक्ट्रिक नावों को लांच किया जाएगा. मोटरबोट को सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा. इसे माझी व नाविक समाज के लोगों की सहभागिता से योजना से जोड़ा जाएगा, इसके लिए बीते दिनों मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक भी हुई है.मोटर बोट का हल नहींगंगा में लाख प्रयासों के बाद भी प्रशासन और अन्य विभागों को मोटर बोट का विकल्प नहीं मिल पाया है. इसके लिए पिछले 10 वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं, वर्ष 2017 में नावों पर सोलर सिस्टम और 2021 से 2023 तक सीएनजी इंजन लगाए गए, लेकिन इनमें से कोई भी प्रयोग सफल नहीं हो सका. मौजूदा समय में गंगा में डीजल वाली मोटर बोट ही संचालित हो रही हैं, जिनसे होने वाले प्रदूषण का अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं निकल पाया है. वर्ष 2017 में टाटा की एसोसिएट कंपनी टेरा की ओर से 40 नावों का चयन कर उन पर सोलर पैनल लगाए गए थे, इसमें प्रति नाव करीब सात लाख रुपये खर्च हुए.Also Read: क्वींस कॉलेज में प्रधानाचार्य का तबादला, चित्रकूट से आएंगे नए प्राचार्य
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Principal of Queens College transferred, new principal will come from Chitrakootवाराणसी: उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने प्रशासनिक आधार पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्यों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं.इसी क्रम में वाराणसी के ऐतिहासिक क्वींस कॉलेज (राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज) के प्रधानाचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव का तबादला चित्रकूट मंडल स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, हरदौली कला में कर दिया गया है.वहीं, चित्रकूट में कार्यरत प्रधानाचार्य विशेष्वर सिंह को स्थानांतरित कर क्वींस कॉलेज वाराणसी का नया प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है.शिक्षा निदेशालय ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं. क्वींस कॉलेज में अपने कार्यकाल के दौरान सुमित कुमार श्रीवास्तव ने शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई प्रयास किए.Also Read: वाराणसी में सेवा निवृत्त हो रहे पुलिस कर्मियों को दी गई भावभीनी विदाईउनकी कार्यशैली और सक्रियता को लेकर विद्यालय से जुड़े लोगों और छात्रों के बीच सकारात्मक छवि बनी रही.स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद विद्यालय परिसर और स्थानीय शिक्षा जगत में उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. शिक्षा विभाग की ओर से जारी इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब क्वींस कॉलेज को नए नेतृत्व के रूप में विशेष्वर सिंह मिलेंगे, जिनसे विद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक विकास को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है.