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अमेरिका में जन्में बच्चों को मिलेगा 1,000 डॉलर, ट्रंप ने की घोषणा

अमेरिका में जन्में बच्चों को मिलेगा 1,000 डॉलर, ट्रंप ने की घोषणा
Jan 30, 2026, 09:03 AM
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Posted By Preeti Kumari

अमेरिका ने अपने विवादित बयानों के बीच एक बड़ा कदम उठाया है. जी हां, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को 1,000 डॉलर (92 हजार रुपए) देंगे. यह रकम बच्चों के नाम से खोले गए बैंक अकाउंट में जमा की जाएगी. इस योजना को ‘ट्रम्प अकाउंट’ का नाम दिया गया है. जिसकी शुरूआत पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ने की थी. जिसे अब अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियों का समर्थन भी मिलने लगा है.


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व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह योजना एक टैक्स-फ्री सेविंग अकाउंट की तरह होगा, जिसमें सरकार बच्चों के भविष्य के लिए निवेश करेगी. बता दें, ‘ट्रम्प अकाउंट’ में जमा रकम शेयर बाजार में निवेश की जाएगी. इस योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा, जो 1 जनवरी 2025 से लेकर 31 दिसंबर 2028 के बीच अमेरिका में जन्म लेंगे. इस योजना से हर साल करीब 36 लाख नवजात बच्चों को फायदा मिलेगा.


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जेपी मॉर्गन चेस ने किया ट्रंप अकाउंट का समर्थन


डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले में बैंक ऑफ अमेरिका और जेपी मॉर्गन चेस भी अपनी भागीदारी निभाएंगे, जिसे लेकर उन्होंने एक बड़ी घोषणा कर कहा कि, वे अपने कर्मचारियों के बच्चों के लिए ट्रम्प अकाउंट में हूबहू अमेरिकी सरकार की तरह 1,000 डॉलर की राशि जमा करेंगे. ताकि नवजात बच्चों का आने वाला भविष्य बहुत ही उज्जवल बन सकें. वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी की पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, "हर राष्ट्रपति ने हमारी अगली पीढ़ी को सिर्फ कर्ज दिया है, लेकिन ट्रंप सरकार हर बच्चे को असली संपत्ति और आर्थिक आजादी के साथ उसका हक का मौका देगी।" ऐसे में उन्होंने नियोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने कर्मचारियों के लिए ट्रम्प अकाउंट में योगदान जरूर करें.


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माता-पिता की इमिग्रेशन का नहीं कोई मायने


जानकारी के मुताबिक, 92 हजार केवल ट्रम्प प्रशासन के दौरान अमेरिका में जन्मे बच्चों को मिलेगा. ऐसे में इन बच्चे के माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति से ट्रंप का कोई भी लेना देना नहीं हैं. हालांकि, कोई भी पैरेंट ट्रंप अकाउंट खोल सकता है, अगर किसी माता-पिता ने बड़े बच्चों के लिए अकाउंट खोला है तो उन्हें ट्रंप की इस राशि का लाभ किसी भी हाल मे नहीं मिलेगा. क्योंकि, ये योजना सिर्फ नवजात बच्चों के लिए होगी. वहीं डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले का समर्थन करने वालों का कहना है कि, इससे ज्यादा लोग स्टॉक मार्केट से जुड़ेंगे और गरीबी में जन्मे बच्चों को भी अमेरिका की संपत्ति का हिस्सा मिलेगा, यह पूंजीवाद को बढ़ावा देगा, खासकर जब समाजवादी विचार बढ़ रहे हैं.


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इस सिलसिले में निवेशक ब्रैड गर्स्टनर ने कहा, 'सोशलिज्म का जवाब पूंजीवाद है, इससे हर बच्चा जन्म से ही कैपिटलिस्ट बन जाता है।" 2022 में केवल 58% अमेरिकी घरों के पास स्टॉक या बॉन्ड थे और सबसे अमीर 1% के पास आधे से ज्यादा मूल्य था. इससे पहले कैलिफोर्निया, कनेक्टिकट और वॉशिंगटन डीसी जैसे जगहों पर 'बेबी बॉन्ड्स' जैसे कार्यक्रम चल रहे थे, लेकिन वे सिर्फ गरीब या फोस्टर केयर बच्चों के लिए थे।'.

डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा- फोटोग्राफी में रघु राय जैसी दृष्टि जरूरी
डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा- फोटोग्राफी में रघु राय जैसी दृष्टि जरूरी
Dr. Nagendra Kumar Singh said – Photography requires a vision like Raghu Rai's.वाराणसी: फोटोग्राफी की दुनिया में रघु राय एक कुशल जौहरी की तरह थे. एक रेडियो पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या अच्छी फोटो के लिए महंगे संसाधनों और लेंस की आवश्यकता होती है? इस पर रघु राय ने उत्तर दिया—“अच्छी लिखावट के लिए जरूरी नहीं कि कलम महंगी और सुंदर हो.” ये बातें गुरुवार को महामना मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान और लाला दीनदयाल फोटो आर्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता कला विज्ञ आर. गणेशन ने कही. इस अवसर पर महान फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय और वाराणसी के फोटोग्राफर प्रदीप पांडेय ‘रवि’ को श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम की शुरुआत रघु राय और प्रदीप पांडेय ‘रवि’ के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई.रघु राय के चित्रों का एक स्लाइड शो भी प्रस्तुत बीज वक्तव्य लाला दीनदयाल फोटो आर्ट सोसायटी के अध्यक्ष विनय रावल ने दिया. इस दौरान उन्होंने रघु राय के चित्रों का एक स्लाइड शो भी प्रस्तुत किया. मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि फोटोग्राफी के लिए दृष्टि की आवश्यकता होती है. इसी दृष्टि और जुनून ने रघु राय को बुलंदी तक पहुँचाया. कार्यक्रम में मशहूर फोटोग्राफर कृष्ण देव ने कहा कि फोटोग्राफी एक एप्लाइड आर्ट है. रघु राय ने ब्लैक एंड व्हाइट माध्यम से समाज को बहुत सहजता के साथ चित्रित किया, जो सरल और प्रभावशाली हैं.इस मौके पर आनंद बरनवाल ने कहा कि फोटोग्राफर अपने विषय से भावनात्मक रूप से जुड़ा होता है. किसी भी तस्वीर को कैद करने के लिए उससे जुड़ना और उसके साथ रूबरू होना आवश्यक है. उदाती दादा ने कहा कि फोटोग्राफी का विषय समय और विचार के साथ बदलता रहता है. रघु राय ने आज़ादी की लड़ाई और उसके बाद के दौर को भी अपने लेंस में प्रभावशाली ढंग से कैद किया. वरिष्ठ पत्रकार अजय राय ने कहा कि रघु राय हर तस्वीर में एक जीवंत क्षण (मूवमेंट) को पकड़ते थे. उन्होंने कहा कि एक अच्छा फोटोग्राफर वही होता है, जो बड़ा सोचता है. रघु राय के संदर्भ में उन्होंने बताया कि वे कहा करते थे—“फोटो के लिए मैं बनारस और दिल्ली की गलियों में भटकता रहता हूँ. जो भटकता है, वही पाता है.”"बनारस बना ‘सिटी ऑफ लाइट’"उन्होंने बनारस को ‘सिटी ऑफ लाइट’ भी कहा. अजय राय ने प्रदीप पांडेय ‘रवि’ को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी संवेदनाओं को ‘ग्रे शेड’ की तरह गहन बताया. अपने उद्बोधन में गंगारविंद ने ‘रवि’ के साथ बिताए पलों को भावुक मन से याद किया. वहीं ओ.पी. चौबे ने रघु राय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे हमेशा गले में कैमरा लटकाए रखते थे और लेंस खुला रखते थे. रघु राय का मानना था कि “100 में से 90 फोटो डिलीट करना सीखिए.”Also Read: वाराणसी में होगा बुद्ध अस्थि अवशेष का दर्शन, धम्‍मयात्रा में विदेशी अनुयायी भी रहेंगे शामिलइस अवसर पर वाराणसी के नामचीन पत्रकारों और फोटोग्राफरों ने उनसे जुड़ी स्मृतियाँ साझा करते हुए फोटोग्राफी की विभिन्न विधाओं पर चर्चा की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान रंजन गौंड, डॉ जावेद और रमेश पांडेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम का संचालन गणेश राय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रभा शंकर मिश्रा ने दिया। इस मौके पर वैश्वनी शुक्ला, श्री राम त्रिपाठी, संतोष मिश्रा, रामात्मा श्रीवास्तव, डॉ जिनेश, डॉ मनोहरलाल, डॉ. शिवजी सिंह, नागेंद्र पाठक, अनिरुद्ध पांडेय आदि उपस्थित रहे.https://www.youtube.com/watch?v=NTPQeLUJ9b8&t=2s
होर्मुज बना 'Strait Of Trump'! अमेरिका की इस हरकत से छिड़ा विवाद
होर्मुज बना 'Strait Of Trump'! अमेरिका की इस हरकत से छिड़ा विवाद
Hormuz becomes the 'Strait of Trump'! This US move sparks controversyमध्य पूर्व में चल रहे ईरान और अमेरिका के तनाव के बीच कुछ ऐसा कर दिया गया है, जिसे देख हर कोई हैरान है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आज गुरुवार को अपने सोशल मीडिया ट्रूथ पर एक पोस्ट शेयर की है जो स्टेट ऑफ होर्मुज की है. जिसमें ये साफ देखा जा सकता है कि, इस तस्वीर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कर दिया गया है. जी हां, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नया नामकरण करते हुए इसे ट्रंप जलडमरूमध्य बताया है. ट्रंप ने एक पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए ये बड़ा दावा किया है्. उनके इस पोस्ट से ऐसा माना जा रहा है कि, ट्रंप एक नया विवाद छेड़ने के मूड में नजर आ रहे हैं.जानिए क्या है मामला दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ट्रंप जलडमरूमध्य कर दिया है. ऐसे में हैरानी इस बात की है कि, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट को री-पोस्ट किया, जिसमें होर्मुज की तस्वीर को ट्रंप जलडमरूमध्य दिखाया तो है, मगर जिस यूजर की पोस्ट को ट्रंप ने री-पोस्ट किया है, वह पोस्ट ही वहां से गायब है. ये काफी आश्चर्य की बात है. पश्चिम एशिया संकट के चलते पहले से ही चर्चाओं में छाया होर्मुज जलडमरूमध्य अब एक बड़ा विवाद का मुद्दा बनता नजर आ रहा है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने बीते बुधवार को ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को शानदार रणनीति बताते हुए कहा कि, तेहरान को हार माननी ही पड़ेगी. जब तक कि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं छोड़ देता, तब तक कोई समझौता नहीं हो सकता है. मालूम हो कि, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर इस समुद्री रास्ते को और भी खतरनाक बना दिया है.ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का जाने क्या है मामला जानकारी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान की खाड़ी के बीच में स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन समुद्री मार्गों में से एक है, जिसके चलते इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा माना जाता है. दुनिया का करीब 20-30 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है, मगर ईरान ने अमेरिका और इस्राइल युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई और दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आया है.Also Read: विवाद के चक्कर में युवक ने खुद को मारी गोली, तीन दिन बाद पुलिस को मिली सूचनाअब अमेरिका ने भी होर्मुज की नाकाबंदी कर दी है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इन सभी के पीछे का सबसे बड़ा राज यह है कि, अप्रैल 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज में नौसैनिक नाकाबंदी कर ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया है, इसका उद्देश्य परमाणु मुद्दों पर बातचीत के लिए ईरान को मजबूर करना, तेल निर्यात रोकना और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अमेरिकी प्रभुत्व बनाए रखना है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग है.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U
पत्‍नी से विवाद के बाद युवक ने खुद को मारी गोली, तीन दिन बाद पुलिस को मिली सूचना
पत्‍नी से विवाद के बाद युवक ने खुद को मारी गोली, तीन दिन बाद पुलिस को मिली सूचना
A young man shot himself in a dispute, police received information three days later.वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र के अखरी स्थित उपासना नगर कॉलोनी में अंशुल यादव (30 वर्ष) ने पत्नी पूनम से विवाद के बाद अवैध असलहे से खुद को सिर में गोली मार ली.द लहूलुहान युवक को गंभीर हालत में परिवार के लोगों ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजूक बनी हुई है. तीन दिन बाद अंशुल के भाई हिमांशु यादव ने रोहनिया थाने में घटना के बाबत सूचना दी है. अंशुल यादव पहले आरटीओ का वाहन चलाता था. अखरी के उपासना नगर निवासी हिमांशु यादव ने पुलिस को बताया कि उसका भाई अंशुल यादव रविवार की रात 10 बजे अपने कमरे में पहुंचा. पत्नी पूनम से किसी बात को लेकर उसकी कहासुनी हुई और गुस्से में आकर अंशुल ने रिवाल्वर से खुद को सिर में गोली मार ली.फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि अखरी चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र राजपूत और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए. अंशुल यादव के पास से बरामद अवैध रिवाल्वर को कब्जे में लिया गया है. यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध असलहा अंशुल के पास कैसे पहुंचा. परिजनों के बयान के आधार पर यह मालूम चला कि पति और पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था. रात में बाहर से पार्टी करके अंशुल घर पहुंचा तो पत्नी ने आपत्ति जताई. इसी बात को लेकर दोनों में विवाद बढ़ गया.ज्योतिषी ने फांसी लगाकर दी जान भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी में रहने वाले रविराज उपाध्याय (48 वर्ष) ने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी. गुरुवार की सुबह पत्नी रिंकी की नींद खुली तो घटना की जानकारी हुई. रिंकी ने तत्काल अपने देवर शशिराज को सूचना दी. इसके बाद परिजन फंदे से उतारकर उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृतक घोषित कर दिया. मृतक की दो बेटियां आठ साल और छह साल की हैं. रविराज उपाध्याय ज्योतिषी और पंचांग का काम करते थे. उनका परिवार से जमीन संबंधित विवाद चल रहा था, जिसको लेकर दो साल से रविराज मानसिक रूप से परेशान थे.Also Read: वाराणसी में दर्दनाक हादसा, बाइकों की जबरदस्‍त टक्‍कर में दो युवकों की मौतघटना के बाद पत्नी बच्चों का रो- रोकर बुरा हाल हो गया है. मृतक दो भाइयों में बड़े थे. मूल रूप से घोरावल सोनभद्र का रहने वाले थे. काफी समय से उसका परिवार भदैनी में रहता है. घोरावल में खेती करवाने के लिए रविराज समय- समय पर जाते थे. रविराज ने सुसाइड करने से पहले अपने सभी परिचितों को मंगलवार और बुधवार को फोन करके कुशल पूछा था.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U