पिछले साल से दो लाख अधिक भक्तों ने लगाई बाबा दरबार में हाजिरी, गंगा के आरपार हुजूम

वाराणसी : नए साल में महादेव की नगरी ने पिछले साल का रिकार्ड ब्रेक कर दिया. करीब सात लाख भक्तों ने पहले दिन बाबा दरबार में हाजिरी लगाई जो पिछले साल से दो लाख अधिक है. गुरुवार की शाम तक श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में छह लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन किए. वहीं काशी के अन्य मंदिरों व गंगा घाटों पर पर्यटकों की भारी भीड़ रही. नववर्ष के पहले दिन काशी में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला.
पिछले साल एक जनवरी 2025 पर करीब 5 लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. 31 दिसंबर की देर रात से ही भक्त दर्शन के लिए लाइन में लग गए. गोदौलिया चौराहे और चौक तक दर्शन की कतार लगी रही. भक्तों ने पांच द्वार से बाबा के दर्शन किए. वहीं, बाबा कालभैरव के दर्शन की भी गलियों में लगी लाइने लगी रहीं. रात 12 बजे तक करीब सवा 2 दो लाख भक्तों ने दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद लिया. विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि अभी प्रोटोकॉल दर्शन बंद है. तीन जनवरी को समीक्षा बैठक होगी. उसमें आगे की व्यवस्था पर विमर्श होगा.
धागा बंधवाने और चंदन लगवाने की होड

हाथ में धागा बंधवाने, माथे पर चंदन लगवाने के लिए भीड़ मंदिर में जुटी रही. हर किसे ललाट पर तिलक और टीका शोभा दे रहा था. कुल मिलाकर नववर्ष पर उत्सवी रंग खूब बिखरा. लोगों ने घर से मंदिर तक वर्ष की मंगल कामना की. पिकनिक स्पॉट और घाटों पर मौज-मस्ती का नजारा दिखा. दिनभर नावों से गंगा में सैर-सपाटे का दौर चलता रहा. वहीं, गंगा पार रेती खेल का मैदान बना रहा. ऊंट और घोड़े सवारी की सवारी का लोगों को खूब लुत्फ उठाया. साल की पहली तारीख पर सूरज की पहली रोशनी पड़ते ही लोगों ने खुशियों की नव अनुभूति की. साल की बधाइयों का सिलसिला रात तक चला। न चढ़ने के साथ कोई परिवार संग तो युवाओं की टोलियां नए साल की खुशियां बांटने निकल पड़े. शहर से सुदूर इलाकों के पर्यटन स्थलों पर भीड़ देर शाम तक रही. दशाश्वमेध, नमोघाट, अस्सीघाट पर खासकर युवक-युवतियों का हुजूम उमड़ा रहा.
युवाओं ने रेत पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, पहाड़, महापुरुषों की आकृतियां बनाईं. उधर, सारनाथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध स्थल सैलानियों से भरा रहा. मूलगंध कुटी विहार, बौद्ध मंदिर में भीड़ रही। चिड़िया घर और पुरातात्विक खंडहर परिसर में खूब मस्ती की गई.
भक्तों से गुलजार स्वर्वेद महामंदिर धाम

नववर्ष पर उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में आने वाले श्रद्धालुओं ने अब तक का रिकार्ड तोड़ दिया. यहां रोजाना लगभग 12-15 हजार लोग आते हैं. छुट्टियां होने पर 18-25 हजार लोग अब तक आ पाते थे, लेकिन नववर्ष पर यह रिकार्ड पूरी तरह तोड़ दिया. करीब पौने चार लाख श्रद्वालु यहां पहुंचे. लोग स्वर्वेद महामंदिर धाम में लगें स्वर्वेद के दोहे, अत्याधुनिक ढंग से बनाए गए मकराना संगमरमर से बने कलाकृतियों को भी देखा. यहां विहंगम योग संत समाज के अनुयायियों ने आये सभी आगंतुकों का सहयोग प्रदान कर उन्हें प्रसाद उपलब्ध कराया. पूरे दिन वाराणसी गाजीपुर हाइवे पर जाम की स्थिति बनी रही.
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मार्कंडेय महादेव में टूटा सावन का रिकॉर्ड
मार्कंडेय महादेव में सावन का भी रिकॉर्ड टूट गया. सावन के पहले सोमवार को यहां करीब एक लाख से डेढ़ लाख तक भक्त दर्शन करते हैं. नए साल के अवसर पर करीब ढाई लाख भक्तों ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई. भीड़ इतनी हो गई कि गाजीपुर हाईवे से कैथी जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारे लगी रहीं. इसी तरह शूलटंकेश्वर में करीब 30 हजार भक्तों ने दर्शन किए



