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पिछले साल से दो लाख अधिक भक्‍तों ने लगाई बाबा दरबार में हाजिरी, गंगा के आरपार हुजूम

पिछले साल से दो लाख अधिक भक्‍तों ने लगाई बाबा दरबार में हाजिरी, गंगा के आरपार हुजूम
Jan 02, 2026, 07:53 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : नए साल में महादेव की नगरी ने पिछले साल का रिकार्ड ब्रेक कर दिया. करीब सात लाख भक्‍तों ने पहले दिन बाबा दरबार में हाजिरी लगाई जो पिछले साल से दो लाख अधिक है. गुरुवार की शाम तक श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में छह लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन किए. वहीं काशी के अन्य मंदिरों व गंगा घाटों पर पर्यटकों की भारी भीड़ रही. नववर्ष के पहले दिन काशी में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला.

पिछले साल एक जनवरी 2025 पर करीब 5 लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. 31 दिसंबर की देर रात से ही भक्त दर्शन के लिए लाइन में लग गए. गोदौलिया चौराहे और चौक तक दर्शन की कतार लगी रही. भक्तों ने पांच द्वार से बाबा के दर्शन किए. वहीं, बाबा कालभैरव के दर्शन की भी गलियों में लगी लाइने लगी रहीं. रात 12 बजे तक करीब सवा 2 दो लाख भक्तों ने दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद लिया. विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि अभी प्रोटोकॉल दर्शन बंद है. तीन जनवरी को समीक्षा बैठक होगी. उसमें आगे की व्यवस्था पर विमर्श होगा.



धागा बंधवाने और चंदन लगवाने की होड


kashi vishwanath mandir


हाथ में धागा बंधवाने, माथे पर चंदन लगवाने के लिए भीड़ मंदिर में जुटी रही. हर किसे ललाट पर तिलक और टीका शोभा दे रहा था. कुल मिलाकर नववर्ष पर उत्सवी रंग खूब बिखरा. लोगों ने घर से मंदिर तक वर्ष की मंगल कामना की. पिकनिक स्पॉट और घाटों पर मौज-मस्ती का नजारा दिखा. दिनभर नावों से गंगा में सैर-सपाटे का दौर चलता रहा. वहीं, गंगा पार रेती खेल का मैदान बना रहा. ऊंट और घोड़े सवारी की सवारी का लोगों को खूब लुत्फ उठाया. साल की पहली तारीख पर सूरज की पहली रोशनी पड़ते ही लोगों ने खुशियों की नव अनुभूति की. साल की बधाइयों का सिलसिला रात तक चला। न चढ़ने के साथ कोई परिवार संग तो युवाओं की टोलियां नए साल की खुशियां बांटने निकल पड़े. शहर से सुदूर इलाकों के पर्यटन स्थलों पर भीड़ देर शाम तक रही. दशाश्वमेध, नमोघाट, अस्सीघाट पर खासकर युवक-युवतियों का हुजूम उमड़ा रहा.


युवाओं ने रेत पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, पहाड़, महापुरुषों की आकृतियां बनाईं. उधर, सारनाथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध स्थल सैलानियों से भरा रहा. मूलगंध कुटी विहार, बौद्ध मंदिर में भीड़ रही। चिड़िया घर और पुरातात्विक खंडहर परिसर में खूब मस्ती की गई.


भक्‍तों से गुलजार स्वर्वेद महामंदिर धाम


kashi vishwanath mandir


नववर्ष पर उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में आने वाले श्रद्धालुओं ने अब तक का रिकार्ड तोड़ दिया. यहां रोजाना लगभग 12-15 हजार लोग आते हैं. छुट्टियां होने पर 18-25 हजार लोग अब तक आ पाते थे, लेकिन नववर्ष पर यह रिकार्ड पूरी तरह तोड़ दिया. करीब पौने चार लाख श्रद्वालु यहां पहुंचे. लोग स्वर्वेद महामंदिर धाम में लगें स्वर्वेद के दोहे, अत्याधुनिक ढंग से बनाए गए मकराना संगमरमर से बने कलाकृतियों को भी देखा. यहां विहंगम योग संत समाज के अनुयायियों ने आये सभी आगंतुकों का सहयोग प्रदान कर उन्हें प्रसाद उपलब्ध कराया. पूरे दिन वाराणसी गाजीपुर हाइवे पर जाम की स्थिति बनी रही.


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sarved mandir


मार्कंडेय महादेव में टूटा सावन का रिकॉर्ड


मार्कंडेय महादेव में सावन का भी रिकॉर्ड टूट गया. सावन के पहले सोमवार को यहां करीब एक लाख से डेढ़ लाख तक भक्त दर्शन करते हैं. नए साल के अवसर पर करीब ढाई लाख भक्तों ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई. भीड़ इतनी हो गई कि गाजीपुर हाईवे से कैथी जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारे लगी रहीं. इसी तरह शूलटंकेश्वर में करीब 30 हजार भक्तों ने दर्शन किए

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।