BHU के कृषि स्टार्टअप कॉन्क्लेव में दिखा अनोखा इनोवेशन, किसान होंगे लाभान्वित

वाराणसी: बीएचयू में आयोजित कृषि स्टार्टअप कॉन्क्लेव इन दिनों खासा चर्चा में है. यह कॉन्क्लेव देशभर के स्टार्टअप्स, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और कृषि विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, जहां कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं और तकनीकी बदलावों पर मंथन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़, बीएचयू द्वारा किया जा रहा है, जबकि आईआईटी तकनीकी सहयोग दे रहा है.

आयोजन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना
आयोजन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना, युवाओं को स्टार्टअप की ओर प्रेरित करना और निवेश के नए अवसरों को विकसित करना है. कॉन्क्लेव के दौरान कई स्टार्टअप्स ने अपने नए-नए प्रोडक्ट्स और आइडियाज पेश किए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मशरूम से तैयार किए गए चॉकलेट बिस्किट चिप्स की रही.इस अनोखे फूड इनोवेशन ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. यह प्रोडक्ट खासतौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए विकसित किया गया है जो स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी प्राथमिकता देते हैं.

खानपान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना
मशरूम में पाए जाने वाले प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स इसे एक पोषण से भरपूर विकल्प बनाते हैं, जो पारंपरिक स्नैक्स के मुकाबले ज्यादा हेल्दी माना जा रहा है. मशरूम आधारित चॉकलेट बिस्किट चिप्स न केवल स्वाद में बेहतर बताए जा रहे हैं, बल्कि ये लो-फैट और न्यूट्रिशियस भी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रोडक्ट्स भविष्य में हेल्दी स्नैकिंग के ट्रेंड को बढ़ावा देंगे और लोगों की खानपान की आदतों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.
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इनोवेशन से किसानों को बड़ा फायदा
इस तरह के इनोवेशन से किसानों को भी बड़ा फायदा मिल सकता है. मशरूम उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों के लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे. साथ ही, कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन बढ़ने से उन्हें बेहतर बाजार और कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ेगी. यह कॉन्क्लेव न केवल इनोवेशन को प्रदर्शित करने का मंच है, बल्कि यह स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच कनेक्शन स्थापित करने का भी एक अहम जरिया बन रहा है.यहां नए आइडियाज को फंडिंग और गाइडेंस मिलने की संभावनाएं भी बन रही हैं. छात्र-छात्राओं संग किसानों को एआई तकनीक से परिचित कराया जा रहा है.

इन लक्ष्यों को किया जाएगा पूरा
इनोवेशन को कृषि के मैदान तक उतारना.
स्टार्टअप-निवेशक सहयोग को बढ़ावा देना.
सतत और जलवायु-अनुकूल कृषि को प्रोत्साहित करना.
कृषि मूल्य शृंखलाओं और ग्रामीण लोगों की आजीविका को मजबूत करना.
कृषि-उद्यमिता के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करना.



