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यूपी पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, योगी सरकार के फैसले के बाद तस्‍वीर साफ

यूपी पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, योगी सरकार के फैसले के बाद तस्‍वीर साफ
May 18, 2026, 12:38 PM
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Posted By Preeti Kumari

The path for UP Panchayat elections is clear, with the Yogi government's decision making the picture clear.


उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कराने का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट आज पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन पर बड़ा फैसला ले सकती है. जी हां, होने वाली कैबिनेट मीटिंग में नए ओबीसी आयोग को मंजूरी मिलना काफी हद तक तय माना जा रहा है. चुनाव आयोग ही पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करेगा. हालांकि, अब 26 मई तक पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं लग रहा है. ऐसे में चुनाव बरसात बाद अक्टूबर-नवंबर या फिर मार्च में विधानसभा चुनाव के बाद ही कराया जा सकता है.


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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव


बता दें, ओबीसी आयोग सभी 75 जिलों में बैठक करने के बाद ही जातिवार और आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा कर आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. इसमें 4-5 महीनों का समय लग सकता है. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव आरक्षण की जो सिफारिशें आएंगी, उस पर फिर राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों से आपत्तियां मांगी जाएगी, जिनके निस्तारण करने में भी एक महीने का वक्त लग सकता है.


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पार्टी संगठनों पर बुरा असर पड़


ऐसे में पंचायत चुनाव हाल फिलहाल होना मुश्किल लग रहा है. क्योकि, मॉनसून में बारिश के दौरान और धान जैसी खरीफ फसलों की बुवाई को देखते हुए भी पंचायत चुनाव होना काफी मुश्किल लग रहा हैं. लेकिन अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव को देखते हुए चार महीने पहले पंचायत चुनाव कराना सरकार के लिए राजनीतिक जोखिम भरा फैसला हो सकता है. पंचायत चुनाव में अक्सर गुटबाजी, वर्चस्व और राजनीतिक टकराव देखा जाता है. दलीय मर्यादाएं तार-तार हो जाती हैं.इसका पार्टी संगठनों पर बुरा असर पड़ सकता है.


ओबीसी आयोग के गठन का आदेश


यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव, क्षेत्र पंचायत चुनाव और जिला पंचायत चुनाव का मामला काफी समय से लटका हुआ है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को ओबीसी आयोग के गठन का आदेश दिया है. हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाकर्ता ने समय से पंचायत चुनाव कराने की मांग वाली याचिका दाखिल की थी. याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव टालना और ग्राम प्रधान की जगह प्रशासकों को जिम्मेदारी देना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है.


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बात करें, वर्ष 2021 की तो इस साल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल में चार चरणों में कराए गए थे, दो मई को मतों की गिनती हुई थी।26 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई थी, जबकि जुलाई में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों की पहली बैठकें हुई थीं. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक पंचायत चुनाव से पूर्व ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाना जरूरी है, जिसे सोमवार को कैबिनेट से स्वीकृति मिली.


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काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ  प्रदर्शन.
काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को शैक्षणिक और रचनात्मक उपलब्धियों का विशेष आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह द्वारा सम्पादित 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण किया. इसके साथ ही उनके निर्देशन में निर्मित 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का प्रथम प्रदर्शन भी किया गया.डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. त्यागी ने पत्रिका और डॉक्यूमेंट्री से जुड़े सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि ये दोनों कृतियां विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगी. उन्होंने कहा कि 'शैक्षणिक प्रवास' केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, अनुभव और सीख का सजीव दस्तावेज है. वहीं 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत, राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है.पत्रिका के सम्पादक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इसमें महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, पर्यटन अध्ययन संस्थान, मनोविज्ञान विभाग तथा समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण, अध्ययन यात्राओं और व्यावहारिक अनुभवों को संकलित किया गया है. उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी मीडिया संस्थानों, संसद, न्यायालय, ऐतिहासिक स्थलों और समाज के बीच जाकर सीखते हैं, तब कक्षा की शिक्षा वास्तविक जीवन के अनुभव में बदल जाती है.कार्यक्रम में बताया गया कि डॉक्यूमेंट्री के लेखक डॉ. नागेन्द्र पाठक, डॉ. शिवजी सिंह और डॉ. अजय वर्मा हैं, जबकि वॉयस ओवर अनिरुद्ध पाण्डेय ने दिया है. इसमें पुलकित जायसवाल और समर प्रताप सिंह का भी सहयोग रहा.ALSO READ:राज्यपाल के वाराणसी दौरे को लेकर 27 से 29 जुलाई तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध...कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया. इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे.
राज्यपाल के वाराणसी दौरे को लेकर 27 से 29 जुलाई तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध...
राज्यपाल के वाराणसी दौरे को लेकर 27 से 29 जुलाई तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध...
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के वाराणसी आगमन एवं भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए यातायात पुलिस कमिश्नरेट ने 27 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक विशेष यातायात डायवर्जन और प्रतिबंध लागू करने की एडवाइजरी जारी की है. वीवीआईपी के आगमन और प्रस्थान के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन अस्थायी रूप से रोका जाएगा तथा वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित किया जाएगा.यातायात पुलिस के अनुसार बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर हरहुआ, तरना, गिलट बाजार, भोजूबीर, गोलघर, पुलिस लाइन, चौकाघाट, तेलियाबाग, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, साजन तिराहा, सिगरा, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, राजघाट, पड़ाव, रामनगर, आशियाना, मिंट हाउस, इंडिया होटल और नदेसर समेत विभिन्न प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात प्रतिबंधित रहेगा.एडवाइजरी के अनुसार गिलट बाजार, भोजूबीर, पुलिस लाइन, ताड़ीखाना, चौकाघाट, मलदहिया, सिगरा, राजघाट और रामनगर क्षेत्र में वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा. वहीं सूजाबाद पुलिस चौकी क्षेत्र से वीवीआईपी मूवमेंट से तीन घंटे पहले सभी मालवाहक वाहनों का संचालन भी बंद रहेगा.ALSO READ:कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशलयातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही वीवीआईपी रूट पर यात्रा करें तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करते हुए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और कार्यक्रम सकुशल संपन्न हो सके.सहायता के लिए संपर्क:ट्रैफिक कंट्रोल रूम: +91 78398 56994ट्रैफिक हेल्पलाइन: +91 73172 02020
कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
वाराणसीः सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय खेलकूद कैरम प्रतियोगिता का आयोजन विलियम हेनरी रिमब्ध मेमोरियल स्कूल के सिसिलिया रोज सभागार में हुआ. इसमें उत्तर प्रदेश के 19 टीमों के 236 विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे.प्रतियोगिता के एकल मुकाबले के 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक वर्ग में अदीब असजद विजेता रहे. बालिका वर्ग में शैली रानी को जीत मिली. 17 वर्ष बालक वर्ग में मोहम्मद अहाब और बालिका वर्ग में आराध्या वर्मा विजेता रहे. 19 वर्ष आयु वर्ग में बालक वर्ग में सार्थक कुमार और बालिका वर्ग में आद्रिका अग्रहरि सेठ विजेता रहे. युगल मुकाबले के 14 वर्ष बालक वर्ग में अर्णव सिंह व विवान पवार की जोड़ी को जीत मिली. बालिका वर्ग में काव्या चौरसिया व श्रीतिजा गुप्ता की जोड़ी विजेता रही. 17 वर्ष बालक वर्ग में हमजा सदाब और एबाद इलाही की जोड़ी जीती. बालिका वर्ग में अनुष्का गुप्ता और आराध्या की जोड़ी ने जीत हासिल की.ALSO READ : सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...19 वर्ष बालक वर्ग में इम्माद खान और शर्जील सिद्दीकी की जोड़ी ने जीत हासिल की. बालिका वर्ग में नवी वर्मा और वैष्णवी वर्मा की जोड़ी विजेता बनी. प्रतियोगिता का शुभारम्भ मुख्य सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के खेलकूद समन्वयक डेविड जार्ज सीरील ने किया. समापन सत्र के मुख्य अतिथि उप्र कैरम एशोसिएशन के अध्यक्ष बैजनाथ सिंह और उपाध्यक्ष सरदार रणवीर सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया. इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. अनीता पालीन के उप-प्रधानाचार्य प्रत्याशा मेरी रहीं. कार्यक्रम को सफलता बनाने में खेलकूद शिक्षक मो. इशरार व नार्चिता साहू का प्रयास सफल रहा.