वाराणसी में केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान की प्रेस कांफ्रेंस में हंगामा, काशी द्वार योजना रद करने की मांग

वाराणसी : केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान की प्रेस कांफ्रेंस में शनिवार को उस समय हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई जब कुछ लोग हंगामा करने लगे. नारेबाजी के बीच ये लोग पिंडरा में काशी द्वार योजना को रद करने की मांग कर रहे थे. लगभग आठ से दस की संख्या में लोग सर्किट हाउस के सभागार में पहुंचे और प्लेकार्ड दिखाने लगे. इसके बाद सभी ने डायस पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया. मंत्री ने उनकी बात सुनने के लिए पत्रक लिया और उचित मंच पर अपनी बात रखने का आश्वासन दिया, लेकिन विरोध प्रदर्शन करने वाले नारेबाजी करते रहे. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने काशी द्वार योजना में 10 गाँव के प्रभावित होने का आरोप लगाया. मंत्री (ने किसानों से ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया. वहीं पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. विरोध करने वाले कांग्रेस से जुडे बताए जा रहे हैं.

वहीं केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान शनिवार को बजट को लेकर मीडिया से रूबरू थे. उन्होंने कहा कि बजट में मनरेगा के बकाए भुगतान के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इसके लिए 30000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही, 70000 करोड़ रुपये का प्रावधान विकसित भारत के लिए किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास को गति मिलेगी.
मंत्री ने उत्तर प्रदेश में मनरेगा के 3600 करोड़ रुपये के बकाए और गांवों के विकास में रुकावट के संबंध में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया. उन्होंने कहा कि यह बजट केवल एक वर्ष के लिए नहीं है, बल्कि 2047 के विकसित भारत का बजट है. यह बजट इज ऑफ डूइंग बिजनेस, रेल, स्वास्थ्य, युवा, कृषि, हवाई सेवा, गांव गरीब, किसान आदि सभी क्षेत्रों को गति देगा. केंद्रीय बजट 2026–27 को उन्होंने विकसित भारत के सपनों को साकार करने वाला बताया.
कमलेश पासवान ने कहा कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ भविष्य की एआई की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है. इसके लिए 40000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में मोबाइल बैटरी और अन्य चीजों के लिए आवश्यक दुर्लभ मिनरल की खोज को तेज करने की व्यवस्था की गई है.
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केंद्रीय मंत्री ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है और इससे लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. पहली बार ऐसा बजट आया है जो आने वाले कल को सोचकर लाया गया है.



