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वाराणसी कफ सिरप तस्करी केस सरगना भगोड़ा घोषित

वाराणसी कफ सिरप तस्करी केस सरगना भगोड़ा घोषित
Apr 05, 2026, 07:01 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: करीब ₹2000 करोड़ के कफ सिरप तस्करी मामले में न्यायालय ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है. यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत द्वारा जारी किया गया.कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने अब आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, यदि शुभम जायसवाल जल्द गिरफ्त में नहीं आता, तो न्यायालय से अनुमति लेकर कुर्की की कार्रवाई और तेज की जाएगी.


पुलिस की रणनीति के तहत इस पूरे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है ताकि सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके.

सूत्रों के मुताबिक, मामले का सरगना इस समय दुबई में छिपा हुआ है उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है और उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है.


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गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत 15 नवंबर 2025 को हुई थी, जब औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने प्रह्लादघाट निवासी शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 28 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.

जांच में सामने आया कि कफ सिरप का बड़े पैमाने पर गैर-चिकित्सकीय उपयोग के लिए अवैध रूप से कारोबार किया जा रहा था.फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.

हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...
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वाराणसी: कमिश्नरेट की भेलूपुर पुलिस ने एटीएम में तकनीकी जुगाड़ के जरिए लोगों के रुपये पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी एटीएम के कैश आउटलेट पर लोहे की प्लेट लगाकर रुपये बाहर निकलने से रोक देते थे और ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद फंसे हुए कैश को निकालकर फरार हो जाते थे. पैसे की निकासी हो जाने से पीडित खुद को ठगा महसूस करते थे. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी फतेहपुर जनपद के रहने वाले हैं और पिछले कुछ समय से वाराणसी में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि हिताची पेमेंट सर्विसेज के चैनल एग्जीक्यूटिव सत्येंद्र शर्मा की शिकायत पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. 23 जुलाई की रात ककरमत्ता स्थित एसबीआई एटीएम में संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं. जांच में सामने आया कि कैश मशीन में फंसा नहीं था, बल्कि सुनियोजित तरीके से चोरी किया गया था.पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर बीएचयू कॉलोनी, बैजनत्था-बिरदोपुर क्षेत्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु सिंह, आदर्श कुमार, सचिन कुमार, अभय राजपूत, राजकुमार और प्रिंस कुमार के रूप में हुई है. सभी की उम्र 18 से 24 वर्ष के बीच बताई गई है.also read:गोरक्षा एवं सम्‍मान यात्रा निकालकर जिला मुख्‍यालय पहुंचे साधु-संत, सौंपा ज्ञापन...जुगाड़ से देते थे घटना को अंजामपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एटीएम के कैश आउटलेट पर लोहे की प्लेट लगाकर उसके ऊपर मोटा कागज और टेप चिपका देते थे. इससे मशीन से निकलने वाला कैश बाहर आने के बजाय प्लेट पर ही फंस जाता था. ग्राहक जब पैसे न निकलने की सोचकर वहां से चला जाता था, तब आरोपी प्लेट हटाकर कैश निकाल लेते थे. गिरोह आमतौर पर रात के समय सुनसान इलाकों में स्थित एटीएम को निशाना बनाता था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹39,800 नकद, 4 लोहे की प्लेटें, 1 सफेद टेप और 1 काले रंग का मोटा कागज बरामद किया है. मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
गोरक्षा एवं सम्‍मान यात्रा निकालकर जिला मुख्‍यालय पहुंचे साधु-संत, सौंपा ज्ञापन...
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वाराणसी : गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर चलाए जा रहे गो सम्मान आह्वान अभियान का दूसरा चरण सोमवार 27 जुलाई को देशभर में एक साथ आयोजित किया गया. काशी में इस अभियान के तहत साधु संताें एवं गोभक्‍तों की सहभागिता से बुलडोज़र के साथ गो-सम्मान एवं गोरक्षा पदयात्रा निकाली गई. यात्रा के समापन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया. इस दौरान डीएम कार्यालय के पोर्टिको में प्रदर्शन किया और अपनी मांग उठाई.काशी में अभियान की शुरुआत शिवपुर मिनी स्टेडियम से गो-संकीर्तन यात्रा के साथ हुई. यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे. कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं "श्री राम जय राम जय जय राम" विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुजा. इसके उपरांत गोभक्त झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे.प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया. तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा.इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है. कहा कि यह अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी होगा. इस अवसर पर जिले के संत-महात्मा दिभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गोभक्त उपस्थित रहे.पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने बताया कि यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. यात्रा गोमाता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन का संदेश देते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंची. उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार से गोहत्या निषेध के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग की गई. साथ ही गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने सहित कुल 36 मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया.ALSO READ:दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि इन मांगों के समर्थन में देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है. अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में गो-संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकार तक जनभावनाएं पहुंचाई जाएंगी. काशी में यात्रा के दौरान गोमाता के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी दिलाया गया. उन्होंने कहा कि अभियान का अगला चरण अक्टूबर माह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे.अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देशभर की 5000 तहसीलों में पांच करोड़ से अधिक लोगों ने गोमाता के संरक्षण के समर्थन में हस्ताक्षर कर केंद्र और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा था. बालक देवाचार्य ने बताया कि प्रथम चरण के दौरान उठाई गई मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, इसलिए अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है.
दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...
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वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र में स्‍तब्‍ध करने वाला एक मामला सामने आया है. रविवार की शाम नेहिया बाजार में उस समय लोग दंग रह गए जब एक ऑटो चालक तीन बच्चों को एक दुकान पर छोड़कर फरार हो गया. दुकानदार ने जब ऑटो चालक से बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उनकी मां पीछे खड़ी हैं और जल्द आ जाएंगी. इतना कहने के बाद वह मौके से निकल गया.काफी देर इंतजार के बाद जब कोई महिला बच्चों को लेने नहीं पहुंची तो दुकानदार ने उनसे पूछताछ की. बच्चों ने अपना नाम राकेश (7), छोटी (6) और चंचल (5) बताया, लेकिन वे अपना घर या परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके. बच्चों की स्थिति देखकर दुकानदार ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन वे केवल अपना नाम ही बता पाए. इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू की.चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश सिंह ने बताया कि नेहिया बाजार स्थित एक चाय की दुकान के पास ऑटो पहुंचा था. उसमें बैठे व्यक्ति ने तीनों बच्चों को नीचे उतारा और चला गया. दुकानदार ऑटो का नंबर नोट नहीं कर सका, जिसके कारण चालक की पहचान में परेशानी हो रही है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि ऑटो और उसमें सवार लोगों की पहचान की जा सके.ALSO READ:वाराणसी मंडल के रेलकर्मियों ने लौटाया यात्री का खोया पर्स,नकदी समेत सभी दस्तावेज मिले सुरक्षित...पुलिस ने फिलहाल तीनों बच्चों को बाल गृह भेज दिया है. उनके परिजनों का पता लगाने के लिए वाराणसी जिले के सभी थानों को सूचना दी गई है. इसके अलावा आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया गया है. दुकानदार ने आशंका जताई कि ऑटो में सवार लोग संदिग्ध लग रहे थे. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है.