वाराणसी कफ सिरप तस्करी केस सरगना भगोड़ा घोषित

वाराणसी: करीब ₹2000 करोड़ के कफ सिरप तस्करी मामले में न्यायालय ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है. यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत द्वारा जारी किया गया.कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने अब आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, यदि शुभम जायसवाल जल्द गिरफ्त में नहीं आता, तो न्यायालय से अनुमति लेकर कुर्की की कार्रवाई और तेज की जाएगी.
पुलिस की रणनीति के तहत इस पूरे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है ताकि सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके.
सूत्रों के मुताबिक, मामले का सरगना इस समय दुबई में छिपा हुआ है उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है और उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है.
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गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत 15 नवंबर 2025 को हुई थी, जब औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने प्रह्लादघाट निवासी शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 28 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.
जांच में सामने आया कि कफ सिरप का बड़े पैमाने पर गैर-चिकित्सकीय उपयोग के लिए अवैध रूप से कारोबार किया जा रहा था.फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.



