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वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरण

वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरण
May 27, 2026, 11:35 AM
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Posted By Preeti Kumari

Heritage traffic booth built at Mint House in Varanasi, intersections being beautified


वाराणसी: काशी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है. शहर के व्यस्त मिंट हाउस चौराहे पर हेरिटेज स्टाइल ट्रैफिक बूथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. यह बूथ न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक होगा, बल्कि बनारस की प्राचीन वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत करेगा. इसमें एक घडी भी लगाई गई है.


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आकर्षण का केंद्र बनेगी घड़ी


जानकारी के अनुसार, इस ट्रैफिक बूथ को वाराणसी के पुराने मंदिरों, घाटों और ऐतिहासिक इमारतों की शैली में डिजाइन किया जा रहा है. निर्माण में पारंपरिक नक्काशी, लकड़ी और पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है ताकि यह बूथ शहर की ऐतिहासिक छवि के अनुरूप दिखाई दे. चौराहे पर एक बड़ी हेरिटेज शैली की घड़ी भी स्थापित की जा रही है, जो आकर्षण का केंद्र बनेगी.


काशी की विरासत का अनुभव


मिंट हाउस चौराहा नदेसर, ताज होटल और कचहरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है, जिसके चलते यहां दिनभर भारी यातायात बना रहता है. ऐसे में इस बूथ के निर्माण से ट्रैफिक पुलिस को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और यातायात संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा. साथ ही, शहर आने वाले पर्यटकों को भी काशी की विरासत का अनुभव होगा.


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यह परियोजना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से तैयार की जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख चौराहों को आधुनिक सुविधाओं के साथ हेरिटेज स्वरूप देना है, ताकि स्मार्ट सिटी के साथ-साथ काशी की ऐतिहासिक पहचान भी बनी रहे. स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि यदि शहर के सार्वजनिक ढांचे भी बनारस की पारंपरिक शैली में विकसित किए जाएं, तो इससे शहर की सुंदरता और पहचान दोनों मजबूत होंगी.


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काशी को विश्वस्तरीय हेरिटेज शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे पहले भी शहर में हेरिटेज वॉक, भित्ति चित्रों और पुराने भवनों के सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य किए जा चुके हैं. अब मिंट हाउस का यह हेरिटेज ट्रैफिक बूथ भी उसी श्रृंखला की नई कड़ी बनने जा रहा है.

गोरक्षा एवं सम्‍मान यात्रा निकालकर जिला मुख्‍यालय पहुंचे साधु-संत, सौंपा ज्ञापन...
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वाराणसी : गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर चलाए जा रहे गो सम्मान आह्वान अभियान का दूसरा चरण सोमवार 27 जुलाई को देशभर में एक साथ आयोजित किया गया. काशी में इस अभियान के तहत साधु संताें एवं गोभक्‍तों की सहभागिता से बुलडोज़र के साथ गो-सम्मान एवं गोरक्षा पदयात्रा निकाली गई. यात्रा के समापन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया. इस दौरान डीएम कार्यालय के पोर्टिको में प्रदर्शन किया और अपनी मांग उठाई.काशी में अभियान की शुरुआत शिवपुर मिनी स्टेडियम से गो-संकीर्तन यात्रा के साथ हुई. यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे. कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं "श्री राम जय राम जय जय राम" विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुजा. इसके उपरांत गोभक्त झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे.प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया. तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा.इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है. कहा कि यह अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी होगा. इस अवसर पर जिले के संत-महात्मा दिभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गोभक्त उपस्थित रहे.पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने बताया कि यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. यात्रा गोमाता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन का संदेश देते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंची. उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार से गोहत्या निषेध के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग की गई. साथ ही गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने सहित कुल 36 मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया.ALSO READ:दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि इन मांगों के समर्थन में देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है. अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में गो-संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकार तक जनभावनाएं पहुंचाई जाएंगी. काशी में यात्रा के दौरान गोमाता के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी दिलाया गया. उन्होंने कहा कि अभियान का अगला चरण अक्टूबर माह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे.अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देशभर की 5000 तहसीलों में पांच करोड़ से अधिक लोगों ने गोमाता के संरक्षण के समर्थन में हस्ताक्षर कर केंद्र और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा था. बालक देवाचार्य ने बताया कि प्रथम चरण के दौरान उठाई गई मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, इसलिए अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है.
दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...
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वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र में स्‍तब्‍ध करने वाला एक मामला सामने आया है. रविवार की शाम नेहिया बाजार में उस समय लोग दंग रह गए जब एक ऑटो चालक तीन बच्चों को एक दुकान पर छोड़कर फरार हो गया. दुकानदार ने जब ऑटो चालक से बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उनकी मां पीछे खड़ी हैं और जल्द आ जाएंगी. इतना कहने के बाद वह मौके से निकल गया.काफी देर इंतजार के बाद जब कोई महिला बच्चों को लेने नहीं पहुंची तो दुकानदार ने उनसे पूछताछ की. बच्चों ने अपना नाम राकेश (7), छोटी (6) और चंचल (5) बताया, लेकिन वे अपना घर या परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके. बच्चों की स्थिति देखकर दुकानदार ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन वे केवल अपना नाम ही बता पाए. इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू की.चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश सिंह ने बताया कि नेहिया बाजार स्थित एक चाय की दुकान के पास ऑटो पहुंचा था. उसमें बैठे व्यक्ति ने तीनों बच्चों को नीचे उतारा और चला गया. दुकानदार ऑटो का नंबर नोट नहीं कर सका, जिसके कारण चालक की पहचान में परेशानी हो रही है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि ऑटो और उसमें सवार लोगों की पहचान की जा सके.ALSO READ:वाराणसी मंडल के रेलकर्मियों ने लौटाया यात्री का खोया पर्स,नकदी समेत सभी दस्तावेज मिले सुरक्षित...पुलिस ने फिलहाल तीनों बच्चों को बाल गृह भेज दिया है. उनके परिजनों का पता लगाने के लिए वाराणसी जिले के सभी थानों को सूचना दी गई है. इसके अलावा आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया गया है. दुकानदार ने आशंका जताई कि ऑटो में सवार लोग संदिग्ध लग रहे थे. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है.
वाराणसी मंडल के रेलकर्मियों ने लौटाया यात्री का खोया पर्स,नकदी समेत सभी दस्तावेज मिले सुरक्षित...
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वाराणसी: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के वाणिज्य कर्मचारियों ने ईमानदारी और तत्परता का परिचय देते हुए एक यात्री का खोया हुआ पर्स सुरक्षित लौटाकर मिसाल पेश की है। पर्स में ₹5,000 नकद के साथ एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड सुरक्षित रखे गए थे.मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मयोगी मॉड्यूल से प्रशिक्षित वाणिज्य कर्मचारी यात्रियों को बेहतर और संवेदनशील सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं.रेलवे के अनुसार, 23 जुलाई को बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-8 पर स्थित स्टॉल संख्या-1819 के पास एक यात्री का पर्स मिला था. कर्मचारियों ने पर्स को सुरक्षित रखते हुए उसके वास्तविक स्वामी की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की.रविवार को संबंधित यात्री के बनारस स्टेशन पहुंचने पर उसने अपना यात्रा टिकट और पहचान पत्र प्रस्तुत किया. सत्यापन के बाद सीनियर टीई अमृत राय ने यात्री को उसका पर्स सकुशल सौंप दिया। पर्स में मौजूद नकद सहित सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित मिले.also read:काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन.अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर यात्री ने वाराणसी मंडल के वाणिज्य कर्मचारियों की ईमानदारी, त्वरित कार्रवाई और यात्री सेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया.