वाराणसी की तीन खिलाड़ियों का एनसीओई गांधीनगर में चयन, मिलेगा उच्चस्तरीय हैंडबॉल प्रशिक्षण

वाराणसी. हौसले और मेहनत के दम पर गांव की तीन बेटियों ने वाराणसी का नाम रोशन किया है। जिले की पायल यादव, सोनाली पाल और अनैशा सिंह का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी (एनसीओई), गांधीनगर (गुजरात) के लिए हुआ है. तीनों खिलाड़ी यहां हैंडबॉल का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी.
तीनों कक्षा नौ की छात्राएं हैं। गणेशपुर निवासी गोपाल कुमार यादव की बेटी पायल यादव, पिशौर निवासी नंद लाल पाल की बेटी सोनाली पाल और परमानंदपुर निवासी रणजीत सिंह की बेटी अनैशा सिंह ने सीमित संसाधनों के बीच खेल में अपनी पहचान बनाई है. सोनाली के पिता घर-घर जाकर दूध बेचते हैं, जबकि अनैशा के परिवार की छोटी सी सब्जी की दुकान है. पायल के पिता छोटे वाहन के ड्राइवर हैं.इसके बावजूद बेटियों ने कठिन परिश्रम और नियमित अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की.
तीनों खिलाड़ी विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर में कक्षा नौ मे पढ़ती हैं और परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में डॉ. आशा सिंह की देखरेख में प्रशिक्षक प्रवीण कुमार से हैंडबॉल का प्रशिक्षण लेती हैं.
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विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने तीनों खिलाड़ियों के चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है. वहीं उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ की संयुक्त सचिव विभव सिंह और जिला हैंडबॉल संघ के सचिव डॉ. शम्स तबरेज शैंपू ने कहा कि वाराणसी की तीन खिलाड़ियों का एक साथ एनसीओई के लिए चयन होना पहली बार है. इससे जिले की बालिकाओं में हैंडबॉल के प्रति रुचि बढ़ेगी.
मेहनत बनी पहचान
ग्रामीण परिवेश और सामान्य आर्थिक परिस्थितियों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंची इन तीनों बेटियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा को सिर्फ अवसर और मेहनत की जरूरत होती है.



