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वाराणसी कोतवाली से फरार आरोपी गिरफ्तार, अमित बनकर हिंदू युवती से रचाई थी शादी

वाराणसी कोतवाली से फरार आरोपी गिरफ्तार, अमित बनकर हिंदू युवती से रचाई थी शादी
May 05, 2026, 08:30 AM
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Posted By Preeti Kumari

The absconding accused from Varanasi Kotwali was arrested; he had married a Hindu girl posing as Amit.


वाराणसी: कोतवाली थाने से 24 अप्रैल को चकमा देकर भागे रसूलपुर-हरहुआ, बडागांव निवासी आफताब अंसारी को पुलिस ने सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ धर्म छिपाकर हिंदू युवती से शादी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है. पुलिस आफताब के पीछे प्रयागराज, दिल्ली के बाद मुंबई पहुंच घेराबंदी की तो वह छिपते-छिपाते भागकर बनारस पहुंचा, लेकिन दूसरी बार पुलिस का चकमा देने में नाकाम रहा. आफताब से पूछताछ कर रही पुलिस उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगी. एसीपी विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमें साए की तरह अनवरत फरार आरोपित के पीछे पड़ी थी.


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यह था पूरा मामला


आफताब शादी में भोजन बनाने का ठेका लेता था. एक शादी समाराेह में उसकी पहचान एक युवती से हुई. उसने युवती को दूसरी शादियों में काम दिलाने के बहाने से दोस्ती की और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाते हुए अमित बनकर युवती से शादी कर ली. शादी के बाद उसे अपने घर न ले जाकर नई बस्ती, लहरतारा में किराए का कमरा लेकर रहने लगा. युवक के रहन-सहन से जब उसके मुस्लिम होने की जानकारी हुई और उसने विरोध किया तो आफताब ने कहा कि अब तुम्हें धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा.



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युवती के साथ प्रताड़ना बढ़ी तो वह भागकर अपने घर पहुंची. परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दी. कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी हुई तो पुलिस ने आफताब उर्फ अमित, उसके पिता नबी रसूल, गंगाजलि व मिट्ठू अंसारी के खिलाफ केस दर्ज कर आफताब को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन वह कोतवाली से पुलिस वालों को चकमा देेकर भाग निकला. इसके बाद पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू की तो वह पुलिस के हत्‍थे चढ गया. पुलिस आरोपी की मां और पिता को भी पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है.


बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...
बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...
वाराणसी : बीएचयू स्थित आईएमएस के आयुर्वेद संकाय में संचालित डीएसीपी (डिस्टिंग्विश्ड स्पेशलिटी क्लिनिकल प्रोफेसर) योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है.आयोग का आरोप है कि डीएससीपी योजना को लागू करने में उसके निर्धारित नियमों और विनियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. एनसीआइएसएम द्वारा 23 जून को जारी पत्र में कहा गया कि योजना के तहत नियुक्त किए गए चिकित्सकों और शिक्षकों को कई तरह के अनुचित लाभ दिए गए हैं. आयोग का मानना है कि योजना लागू करने से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं और मानकों का पालन किया जाना चाहिए था.नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोग ने पहले भी 10 जून को बीएचयू को पत्र भेजकर डीएसीपी योजना से संबंधित विज्ञापन वापस लेने और योजना पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था. हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा योजना को जारी रखा गया, जिसके बाद आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है.एनसीआइएसएम ने बीएचयू प्रशासन को निर्देश दिया है कि डीएसीपी योजना से जुड़े सभी दस्तावेज, विज्ञापन और नियुक्ति प्रक्रिया का पूरा विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों के विपरीत किसी प्रकार की नियुक्ति या पदोन्नति पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक, शिक्षक कोड और संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.ALSO READ : ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव में विरासत को संजोने के साथ ही सतत भविष्य के निर्माण पर होगा मंथन...आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संस्थानों में किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन अनिवार्य है. मामले की सुनवाई के लिए बीएचयू के कुलपति अथवा कुलसचिव को 25 जून को आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है. इस नोटिस के बाद आयुर्वेद संकाय की डीएसीपी योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय के जवाब तथा आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं.
ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव में विरासत को संजोने के साथ ही सतत भविष्य के निर्माण पर होगा मंथन...
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वाराणसी : शहर में व‍िरासत सहेजने और सतत भविष्‍य के ल‍िए नए स‍िरे से प्रयास के क्रम में ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन आगामी सात अगस्‍त को क‍िया जा रहा है. इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) "ग्रीन वाराणसी: विरासत को बचाना, टिकाऊ भविष्य बनाना" थीम के साथ ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन कर रहा है.यह कॉन्क्लेव नीति-निर्माताओं, उद्योग के नेताओं, डेवलपर्स, आर्किटेक्ट्स, हॉस्पिटैलिटी से जुड़े व्यक्तियों और सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वाराणसी को एक मॉडल ग्रीन सिटी में परिवर्तित करने के तरीकों पर चर्चा करना है, साथ ही शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और आर्किटेक्चरल विरासत को सुरक्षित रखना भी है. इस कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी वाराणसी की ग्रीन सिटी पहल को साकार करने के लिए अपने विचार साझा करेंगे. IGBC, जो कि Confederation of Indian Industry का हिस्सा है, भारत में ग्रीन बिल्डिंग मूवमेंट का नेतृत्व करता है और ग्रीन सर्टिफ‍िकेशन के लिए प्रमुख संस्था है.यह कॉन्क्लेव न केवल वाराणसी के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा कि कैसे एक शहर अपनी विरासत को संरक्षित करते हुए टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ सकता है. कॉन्क्लेव में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ अपने अनुभव और ज्ञान साझा करेंगे. इसके अलावा, वाराणसी की विशेषताओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी. यह आयोजन न केवल वाराणसी के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह टिकाऊ विकास के सिद्धांतों को लागू करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है.ALSO READ : वाराणसी में डीआरएम कार्यालय के पास ट्रेन चालकों ने किया धरना प्रदर्शन, जताया आक्रोश...इस कॉन्क्लेव के माध्यम से, IGBC और अन्य भागीदार मिलकर वाराणसी को एक ऐसा शहर बनाने का प्रयास करेंगे, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हो, बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोए रखे. यह आयोजन वाराणसी के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगा और इसे एक मॉडल ग्रीन सिटी के रूप में स्थापित करेगा. ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव 2026 एक महत्वपूर्ण मंच होगा, जहां विचारों का आदान-प्रदान होगा और वाराणसी के विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.
वाराणसी में डीआरएम कार्यालय के पास ट्रेन चालकों ने किया धरना प्रदर्शन, जताया आक्रोश...
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वाराणसी : माल गाड़ियों में पुनः ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी लगाने सहित अन्य छह सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रेन चालकों ने गुरुवार को लहरतारा स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधन कार्यालय के समक्ष धरना दिया. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित गेट मिटिंग के दौरान रेलकर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद की.इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि विगत एक वर्ष से सामान्य परिस्थितियों में भी बिना ट्रेन मैनेजर के माल गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है. इस असुरक्षित व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाकर ट्रेन मैनेजर के साथ सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जाए.प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है, इसके सापेक्ष रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए. रेलकर्मियों ने नारेबाजी करते हुए रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. प्रदर्शन में आल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष लालजी यादव एवं मंडल मंत्री केपी यादव सहित अन्य रेलकर्मी मौजूद रहे. प्रदर्शन के दौरान, रेलकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और रेलवे प्रशासन से उचित कार्रवाई की अपेक्षा की. उन्होंने कहा कि बिना ट्रेन मैनेजर के माल गाड़ियों का संचालन न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह रेलकर्मियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है. वक्ताओं ने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष से यह स्थिति बनी हुई है, जिससे न केवल रेलकर्मियों को बल्कि यात्रियों को भी खतरा हो सकता है.ALSO READ : निर्जला एकादशी पर काशी में बही भक्ति की धारा, कलश यात्रा निकालकर बाबा का जलाभिषेक...रेलकर्मियों ने मांग की कि रेलवे प्रशासन को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और तत्काल कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे. प्रदर्शन के दौरान, रेलकर्मियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए नारेबाजी की और अपनी आवाज को मजबूती से उठाया.