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वाराणसी में गोलियां की तड़तड़ाहट से गूंजा काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र, तीन लोग घायल...

वाराणसी में गोलियां की तड़तड़ाहट से गूंजा काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र, तीन लोग घायल...
Jul 04, 2026, 09:57 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र शनिवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. नंदू फरिया लेन स्थित मंदिर के प्रवेश द्वार के पास तैनात पीएसी के जवान की कार्बाइन से गोली चल गई. इस घटना में तीन लोग घायल हो गए. आनन-फानन में उन्हें कबीर चौरा स्थित मंडलीय अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज किया गया.


रोज की तरह शनिवार की सुबह भी काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. आम श्रद्धालुओं के मंदिर परिसर में जाने के लिए नंदू फारिया लेन पर बनाए गए प्रवेश द्वार पर भी भारी भीड़ थी। इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 48वीं वाहिनी पीएसी का जवान अमरनाथ चौहान हाथ में कार्बाइन लिए मौजूद था. इसी दौरान अचानक उसके कार्बाइन से गोली चल गई. गोली की चलते ही अफरा-तफरी की स्थिति हो गई. वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे. घटना में तीन लोग घायल हो गए. उनकी पहचान विकास, निक्की और राम बाबू के रूप में हुई है। तीनों को मामूली चोटें आईं और उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल भेजा गया.


पुलिस अधिकारियों के बयान को गलत साबित कर रहे वीडियो


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी. संबंधित सिपाही को पूछताछ के लिए चौक थाने लाया गया. घटना के बाबत एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरि मीणा का कहना है कि गोली दुर्घटनावश चली जिसकी वजह से सड़क की गिट्टी छिटककर तीन लोगों को लगी. गोली की चपेट में कोई नहीं आया. डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल का कहना है कि पीएसी जवान के कंधे से कार्बाइन सरक कर जमीन पर गिर गई और उसका लाक खुल गया जिससे दो राउंड गोली चल गई. घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में नजर आ रहा है कि सिपाही कार्बाइन हाथ में लेकर टहल रहा था तभी उससे गोली चल गई.


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जमीन की तरफ था कार्बाइन का बैरल


गनीमत रही कि घटना के समय पीएसी जवान के हाथ में मौजूद कार्बाइन का बैरल जमीन की तरफ था. इसलिए गोली जमीन पर ही लगी और उसकी वजह से छिटकी गिट्टी वहां मौजूद पूर्व पार्षद दिलीप यादव की माला-फूल की दुकान पर काम करने वाले रामबाबू गोड़, विकास यादव, निखिल गुप्ता को जा लगी. इस पूरी घटना में पीएसी जवान की लापरवाही साफ नजर आ रही है. उसने कार्बाइन को लापरवाही से अपने हाथों में लिया था. उसका लाक भी खुला था जिसकी वजह से ट्रिगर पर उंगली पहुंचते ही गोली चल गई.



सौ मीटर तक मार कर सकती है कार्बाइन


पीएसी के जवानों को सुरक्षा और गश्त के लिए मुख्य रूप से 9 एमएम कार्बाइन दी जाती है. यह एक हल्का, स्वचालित और छोटे आकार का हथियार माना जाता है, जिसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों या संकरे स्थानों में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.

इसकी मानक प्रभावी रेंज लगभग 100 मीटर और वजन लगभग ढाई से तीन किलोग्राम के बीच होता है. इस हथियार की कुछ कमजोरियां भी हैं जि‍समें हैंग फायर और अर्ली इग्निशन है. गनीमत रही कि घटना के दौरान कार्बाइन की बैरल जमीन की तरफ थी यदि सामने की ओर होती तो सौ मीटर तक खड़े लोगों के बदन को भेद देती.


बेहद संवेदनशील है परीक्षेत्र, तीन स्तर पर होती है सुरक्षा


ज्ञानवापी की वजह से काशी विश्वनाथ परीक्षेत्र बेहद संवेदनशील है. इसकी सुरक्षा केंद्रीय सुरक्षा बल, पीएसी के साथ स्थानीय पुलिस करती है. सुरक्षा के लिहाज से इसे तीन मुख्य जोन में बांटा गया है. रेड जोन यह मंदिर और ज्ञानवापी का सबसे संवेदनशील भीतरी घेरा है. इसकी सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पास होता है. येलो जोन पूरे काशी विश्वनाथ धाम के विस्तार वाले क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण स्थानीय पुलिस और पीएसी द्वारा किया जाता है. इसके साथ ग्रीन जोन बाहरी सुरक्षा घेरा है, जिसके अंतर्गत बाहरी मार्गों पर पुलिस की निगरानी रहती है.


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सीआईएसएफ ने खींचा सुरक्षा का खाका


गृह मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने काशी विश्वनाथ मंदिर और धाम कारिडोर के लिए एक विस्तृत सुरक्षा खाका और परामर्श योजना तैयार की है. सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए इस खाके की मुख्य बातें हैं कि मंदिर परिसर को चार परतों में बांटा गया है. आंतरिक सुरक्षा और 'रेड ज़ोन' केंद्रीय बलों के हाथ में होगा, जबकि बाहरी व्यवस्था में सिविल पुलिस तैनात रहेगी. भारी भीड़ को देखते हुए पूरे परिसर में हाई-डेफिनेशन (HD) सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन तकनीक, और वीडियो एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा. भीड़ प्रबंधन श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए भैरव गेट और एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के पास स्लाइडिंग गेट लगाने और वैकल्पिक मार्ग बनाने की व्यवस्था शामिल है.



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हर दिन आते हैं एक लाख से अधिक श्रद्धालु


विश्वनाथ कारिडोर के रिलिजियस टूरिज्म का एक नया दौर शुरू हो गया. इसके तहत बड़ी संख्या में लोग बनारस आने लगे. आंकड़े देखे तो चार साल में 30 करोड़ भक्तों ने बाबा का दर्शन किया है. हर दिन लगभग 1.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु काशी जाकर बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करते हैं और वीकेंड में संख्या 2 से 3 लाख तक पहुंच जाती है. काशी आने वाले श्रद्धालु बाबा के दरबार से बनारस के घाटों का भ्रमण करते हैं. यहां के जायकों का स्वाद लेते हैं. यहां के हस्तशिल्प कला को देखते हैं जिसका परिणाम है कि काशी के लोगों को बड़ी संख्या में कारोबार भी मिल रहा है.


पहले भी हुए हादसे


काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही की वजह से पहले भी हादसे हुए हैं. कुछ साल पहले मंदिर की सुरक्षा के लिए बस से आ रहे पीएसी के जवान के बंदूक से गोली चल गई थी. इसमें कुछ जवान घायल हुए थे. वहीं ज्ञानवापी सुरक्षा से लौट रहे जवान के बंदूक से गोली चल गई थी. गेदौलिया पर हुई इस घटना में पान दुकानदार घायल हुए था.

सारनाथ में पुलिसिंग का रियलिटी चेक, विवेचना से साइबर सुरक्षा तक परखी तैयारी
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वाराणसी: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मंगलवार 22 सितंबर को थाना सारनाथ का निरीक्षण कर सर्किल सारनाथ के अंतर्गत आने वाले थानों की पुलिसिंग, लंबित एवं कालबाधित विवेचनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर पुलिसिंग और जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. लंबित और कालबाधित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन, प्रभावी पर्यवेक्षण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया.‘थाना गोद लेने’ की पहल के तहत संबंधित अधिकारियों को थानों की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए. निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों से साइबर सुरक्षा, प्रतिबिम्ब एप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईडीपीआर से जुड़े विषयों की जानकारी ली गई. पुलिस आयुक्त ने तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया.मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मियों को विद्यालयों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिलाओं और छात्राओं से संवाद बढ़ाने को कहा गया. इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच, महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई और 1090, 112 व 1930 हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए.रिक्रूट बने सवालों के ‘स्मार्ट’ जवाबपुलिस आयुक्त ने नए रिक्रूट आरक्षियों से साइबर अपराध, नए कानून, सीसीटीएनएस और फॉरेंसिक सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए. बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 रिक्रूट आरक्षियों को ₹500-₹500 का नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया. इनमें अनुप्रिया पटेल — थाना चोलापुर, पूनम देवी — थाना चौबेपुर, प्रियांशु दूबे — थाना चौबेपुर, रजत शाही — थाना सारनाथ, प्रियंका देवी — थाना सारनाथ और गार्गी सिंह — थाना सारनाथ शामिल हैं.पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने, जाम की स्थिति रोकने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए. थाना परिसर में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, आगंतुकों के लिए बेहतर व्यवस्था, महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग शौचालय और पुलिस मेस में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. निरीक्षण के दौरान डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नगायच सहित संबंधित एसीपी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे.
बीएचयू केंद्रीय कार्यालय का घेराव, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की उठाई मांग, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
बीएचयू केंद्रीय कार्यालय का घेराव, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की उठाई मांग, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
वाराणसी : बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ छात्र लामबंद हो गए हैं. इसी क्रम में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया. छात्रों के केंद्रीय कार्यालय की ओर बढ़ने की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंच गई और छात्रों को रोकने का प्रयास किया. इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने की मांग की. अपनी मांगों को लेकर परिसर में दीवार लेखन का भी सहारा लिया. हालांकि कई स्‍थानों पर लेखने को मिटाने का प्रयास भी किया गया.छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर छात्र संगठनों में नाराजगी है. आरोप है कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ जांच कमेटियां गठित की जाती हैं और उन्हें कार्यालय बुलाकर पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता है.छात्र पल्लव ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर के निर्देश पर कई मामलों में छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं. उनका कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने वाले छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है. इसी को लेकर एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रॉक्टोरियल व्यवस्था में तत्काल बदलाव की मांग की है.छात्रों ने रखीं नौ प्रमुख मांगें• चीफ प्रॉक्टर व प्रोक्टोरियल बोर्ड को तत्काल बर्खास्त किया जाए.• छात्रों पर दर्ज मुकदमे व दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाए.• छात्रों के उत्पीड़न व अभद्रता पर तत्काल रोक लगे.• 12 सितंबर की प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो.• विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगे.• संवेदनशील स्थानों पर CCTV व डार्क स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट लगे.• मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थलों की निगरानी बढ़े; नशाखोरी पर रोक लगे.• खाद्य दुकानों पर CCTV व अनिवार्य रेट लिस्ट हो.• सुरक्षाकर्मियों के वेतन-सेवा शर्तों में समानता व उत्पीड़न पर रोक सुनिश्चित हो.
पिशाच मोचन कुंड में डूबकर युवक की मौत, अस्पताल से शव लेकर भागे परिजन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
पिशाच मोचन कुंड में डूबकर युवक की मौत, अस्पताल से शव लेकर भागे परिजन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
वाराणसी : पिशाच मोचन कुंड में बुधवार को मलदहिया मलिन बस्ती के रहने वाले एक युवक की डूबने से मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही सिगरा थाने की पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और मशक्‍कत के बाद युवक के शव को कुंड से बाहर निकाला गया. इस दौरान पुलिसकर्मी शव को लेकर कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां से पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के दौरान परिजनों से पुलिसकर्मियों की बहस हो गई और परिजन युवक के शव को लेकर भाग निकले. हालांकि, बाद में पुलिसकर्मियों ने दौडधूप कर शव को वापस बरामद किया. इस दौरान गहमागहमी का माहौल बना रहा.जानकारी के मुताबिक, सिगरा थाना क्षेत्र के मलदहिया का रहने वाला राजू अपने दो दोस्तों के साथ पिशाच मोचन कुंड के पास गया था. सूत्रों के मुताबिक, तीनों ने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन किया था. इसी दौरान राजू का पैर फिसल गया और वह कुंड में डूब गया. घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर अफरा तफरी मची रही. वहीं, इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर राजू के शव को खोजने लगी.थोड़ी ही देर में एनडीआरएफ की टीम ने राजू के शव को कुंड से बाहर निकाला. इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को शव सुपुर्द किया गया और वे शव को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद राजू को मृत घोषित कर दिया. राजू को मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिसकर्मी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अग्रिम कार्रवाई में जुट गए. इसी दौरान परिजन भी वहां पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई. बताया जा रहा है कि परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे. स्ट्रेचर पर पड़े शव को उठाकर परिजन भागने लगे. इस दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का काफी प्रयास किया.ALSO READ : बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मानपुलिस ने दौड़कर पकड़ाइसी बीच परिजन ई-रिक्शा में शव को लादकर अस्पताल परिसर से भाग निकले. अस्पताल परिसर में हुई इस घटना के बाद अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया. ई-रिक्शा से भाग रहे परिजनों के पीछे पुलिस भी दौड़ी और कुछ दूरी पर जाकर सड़क पर पुलिस कर्मियों ने ई-रिक्शा को रोक दिया और शव को कब्जे में ले लिया.सिगरा थाना अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि पिशाच मोचन कुंड में एक युवक के डूबने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और युवक के शव को लेकर कबीरचौरा गई. वहीं, परिजन पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की कर शव को लेकर भागने लगे. इसके बाद कुछ ही दूरी पर जाने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया और फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.