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वाराणसी में नारीशक्ति गुंजायमान, 1000 से अधिक खिलाड़ियों और छात्राओं ने बनाई मानव श्रृंखला

वाराणसी में नारीशक्ति गुंजायमान, 1000 से अधिक खिलाड़ियों और छात्राओं ने बनाई मानव श्रृंखला
Apr 27, 2026, 07:50 AM
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Posted By Preeti Kumari

Women's power resonates in Varanasi, over 1000 athletes and students form a human chain


वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले ही आज सोमवार को वाराणसी में नारी शक्ति असाधारण प्रदर्शन देखने को मिला. 1000 से अधिक महिला खिलाड़ियों और विकास इंटर कॉलेज की छात्राओं ने एकजुट होकर नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में विशाल मानव श्रृंखला बनाई, जिससे पूरे शहर में महिला सशक्तिकरण का संदेश फैला. भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगे. हाथों में तख्तियां और तिरंगा लिए छात्राओं और खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. मानव श्रृंखला के बाद सभी प्रतिभागियों ने विकास इंटर कॉलेज से नटनिया दाई मंदिर तक जागरूकता मार्च निकाला.


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नारी वंदन अधिनियम को लेकर दी गई जानकारी


इस दौरान राहगीरों और स्थानीय लोगों को नारी वंदन अधिनियम के लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया. इस कार्यक्रम में हैंडबॉल, रग्बी, टेबल टेनिस, जूडो और हाकी की महिला खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी रही. खिलाड़ियों ने एक स्वर में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं. उनका विश्वास है कि संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाओं की स्थिति में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी निभा सकेंगी.


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कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि उनका संस्थान हमेशा से महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहा है. उन्होंने गर्व के साथ बताया कि कॉलेज से अब तक तीन अंतरराष्ट्रीय और 22 राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी देश और शहर का नाम रोशन कर चुकी हैं. यह आयोजन न केवल एक सामाजिक जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है.


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राम मंदिर ट्रस्ट को मिल सकता है नया CEO: पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा के नाम की चर्चा...
राम मंदिर ट्रस्ट को मिल सकता है नया CEO: पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा के नाम की चर्चा...
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है...राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द नया CEO मिल सकता है. सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.योगेश्वर राम मिश्रा प्रशासनिक अनुभव के लिहाज से काफी मजबूत माने जाते हैं वे वाराणसी, अयोध्या और बाराबंकी जैसे अहम जिलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं. इसके अलावा बस्ती, विंध्याचल और देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त के तौर पर भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई है.सूत्रों के मुताबिक योगी सरकार में उनकी पकड़ मजबूत रही है और उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है. यही वजह है कि राम मंदिर ट्रस्ट जैसे संवेदनशील और अहम पद के लिए उनका नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.फिलहाल योगेश्वर राम मिश्रा उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा अधिकरण में प्रशासनिक सदस्य के रूप में कार्यरत हैं. हालांकि अभी तक राम मंदिर ट्रस्ट या सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से यह खबर तेजी से चर्चा में है.ALSO READ:बीएचयू में दूर होगी जलजमाव की समस्‍या, समन्वित कार्ययोजना तैयार...क्यों पड़ी CEO पद की जरूरत?हाल ही में राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि में गबन के आरोपों के बाद मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर पूरी तरह पेशेवर और पारदर्शी बनाने की मांग तेज हुई है. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी हाल ही में मंदिर के सुचारू संचालन के लिए एक अनुभवी और स्वतंत्र सीईओ की नियुक्ति की वकालत की थी. इसी पृष्ठभूमि में अब एक प्रशासनिक अधिकारी को कमान सौंपने की तैयारी की जा रही है.
बीएचयू में दूर होगी जलजमाव की समस्‍या, समन्वित कार्ययोजना तैयार...
बीएचयू में दूर होगी जलजमाव की समस्‍या, समन्वित कार्ययोजना तैयार...
वाराणसी : बीएचयू ने मानसून के दौरान परिसर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है. वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने वाराणसी नगर निगम और उत्तर प्रदेश जल निगम के साथ समन्वित कार्ययोजना तैयार की है. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, छह जून से शुरू हुए अभियान के तहत पूरे परिसर में वर्षा जल निकासी नेटवर्क की सफाई, नालियों से गाद हटाने और आवश्यक मरम्मत का कार्य तेज गति से चल रहा है. निर्माण विभाग, स्वच्छता एवं सहायता सेवाएं तथा बागवानी विभाग संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं.अस्‍पताल और ट्रॉमा सेंटर को प्राथमिकताALSO READ : आईआईटी बीएचयू का स्‍थापना दिवस, एक मंच पर दिखेंगे विज्ञानी, किसान और निवेशकअभियान का उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव को रोकना, परिसर में आवागमन सुचारु बनाए रखना और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने देना है. परिसर के विशाल क्षेत्रफल को देखते हुए कार्यों को अलग-अलग जोन में विभाजित कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है. सर सुंदरलाल चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर के आसपास के क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. अस्पताल, महिला महाविद्यालय और ट्रॉमा सेंटर की ओर जाने वाली कंक्रीट जलनिकासी लाइनों की सफाई जल्द शुरू होगी, ताकि एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही प्रभावित न हो.अत्यधिक वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए मुख्य परिसर और ट्रॉमा सेंटर के निचले इलाकों में उच्च क्षमता वाले जल पंप लगाए जा रहे हैं, जो अगले दो-तीन दिनों में उपलब्ध हो जाएंगे. इन पंपों की मदद से अतिरिक्त वर्षा जल को तेजी से निकालकर विश्वविद्यालय के आंतरिक जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा. इससे जलभराव कम होने के साथ जलाशयों का जलस्तर भी बेहतर होगा.वहीं, ट्रॉमा सेंटर से सामनेघाट की ओर जाने वाले नाले की सफाई का कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम और वाराणसी नगर निगम ने शुरू कर दिया है.इसके अलावा केंद्रीय परिसर, विभिन्न शैक्षणिक विभागों और छात्रावासों की खुली एवं आंतरिक जलनिकासी लाइनों की भी सफाई कराई जा रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जा रहे हैं.
आईआईटी बीएचयू का स्‍थापना दिवस, एक मंच पर दिखेंगे विज्ञानी, किसान और निवेशक...
आईआईटी बीएचयू का स्‍थापना दिवस, एक मंच पर दिखेंगे विज्ञानी, किसान और निवेशक...
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू में पहली बार 29 जून को संस्थान दिवस मनाने जा रहा है. संस्थान दिवस उत्थान में एआई गुरु, डेटा साइंटिस्ट, किसान, रक्षा वैज्ञानिक, निवेशक, युवा उद्यमी एक मंच होंगे और एक-दूसरे की जरूरतों और समस्याओं को सुनकर उनका समाधान देंगे. काशी के स्कूलों से लेकर आईआईटी के छात्र उनके सवाल पूछ सकेंगे. यहां इसरो-डीआरडीओ के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही एग्री टेक, डीप टेक, मेड टेक, बायो इनोवेशन, ई-मोबिलिटी और सस्टनेबल तकनीक, हाइड्रोजन, डिफेंस कॉरिडोर की प्रगति रिपोर्ट भी रखी जाएगी.स्वतंत्रता भवन सभागार में सुबह 9 बजे से शुरू हो रहे इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ सकते हैं, उनको निमंत्रण भेजा गया है. एक टेक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसमें 100 शोकेस में 50 तकनीक-एआई पर आधारित प्रदर्शनी होगी, बाकी कृषि, निवेशकों और स्टार्टअप्स की होगी. कार्यक्रम में 12 पुरा छात्रों को डिस्टिंग्विश्ड एलुमनस अवाॅर्ड दिया जाएगा. उन्हें उनके पेशेवर, शैक्षणिक, औद्योगिक, उद्यमिता, अनुसंधान और सार्वजनिक जीवन में बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा. ये सम्मान प्रोफेशन, इंडस्ट्री एंड एंटरप्रेन्योरशिप, एकेडमिक्स, सार्वजनिक जीवन, रिसर्च और इनोवेशन डिस्टिंग्विश सर्विसेज टू द इंस्टीट्यूट और 45 साल के कम उम्र वाले पुरा छात्रों को यंग एलुमनस अचीवर्स अवाॅर्ड दिया जाएगा.इस साल 88 पेटेंट पाने वालों का सम्‍मानALSO READ : फुटपाथ का किराया, सड़क पर कारोबार,आखिर जिम्मेदार कौन...आईआईटी बीएचयू के डीन रिसर्च प्रो. राजेश कुमार के मुताबिक संस्थान में इस साल कुल 161 पेटेंट फाइल किए गए जिसमें से रिकॉर्ड 88 पेटेंट पाने वाले 69 वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को सम्मानित किया जाएगा. ये पेटेंट एक साल का नया रिकॉर्ड है. आयोजनकर्ता और बायो मेडिकल इंजीनियरिंग के प्रो. प्रदीप पाइक ने कहा कि कई शानदार छात्र मिलते हैं. बीएचयू के अलग-अलग विभागों के साथ हम लोग लैब में एआई आधारित थेरेपी और इनोवेशन कर रहे हैं. हम लोग आग पर भी काबू करने के लिए फायर मैनेजमेंट पर भी काम करेंगे. बायो केमिकल इंजीनियरिंग और आयोजक मंडल की डॉ. आभा मिश्रा ने कहा कि हम राष्ट्रीय महत्व की चीजों को अपने रिसर्च में शामिल करने जा रहे हैं. आयोजन मंडल में शामिल डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छ तकनीक, हाईटेक कंप्यूटिंग, इंटेलीजेंट सिस्टम, रक्षा तकनीक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, निवेशकों आदि की थीमेटिक प्रदर्शनी देखेगी.चयनित स्टार्टअप्स निवेशकों और नवाचार इको सिस्टम के सामने अपने पिच डेक प्रस्तुत करेंगे. इससे उन्हें वित्तीय सहयोग मिलेगा. पिच सेशन के प्रदर्शन के आधार पर इन्क्यूबेटेड चयनित स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग दी जाएगी. विद्यार्थियों, प्रोफेसरों, पूर्व छात्रों, उद्योग और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करेगा. रिसर्च, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में संस्थान के बढ़ते योगदान को दिखाएगा. - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक