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वाराणसी: काशी विद्यापीठ में 10 से 12 जनवरी तक एईएसआई का राष्ट्रीय अधिवेशन

वाराणसी: काशी विद्यापीठ में 10 से 12 जनवरी तक एईएसआई का राष्ट्रीय अधिवेशन
Jan 09, 2026, 01:31 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एसोसिएशन फॉर इंग्लिश स्टडीज ऑफ इंडिया (एईएसआई) के तत्वावधान में 68वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 10 से 12 जनवरी, 2026 तक गांधी अध्ययन पीठ आयोजित किया जाएगा.इस राष्ट्रीय अधिवेशन के कार्यान्वयन, रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर चर्चा के लिए एईएसआई की लोकल सेक्रेटरी प्रो. निशा सिंह एवं जनरल सेक्रेटरी प्रो. विकास शर्मा ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता को संबोधित किया.


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उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से अंग्रेज़ी विषय के प्रोफेसर, शोधार्थी, विद्वान एवं छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग करेंगे. अधिवेशन के दौरान 400 से अधिक शोध पत्रों की प्रस्तुति के साथ अंग्रेज़ी विषय की गुणवत्तापरक शिक्षा पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा .

लोकल सेक्रेटरी प्रो. निशा सिंह ने बताया कि अधिवेशन का शुभारंभ 10 जनवरी को प्रातः 10 बजे होगा. साथ ही प्रतिदिन सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा.


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जनरल सेक्रेटरी प्रो. विकास शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अधिवेशन में प्रो. मकरंद परांजपे जैसे प्रख्यात विद्वानों को सुनने का अवसर सहभागियों को प्राप्त होगा। शोध पत्रों की प्रस्तुति के लिए लगातार टेक्निकल सेशन आयोजित किए जाएंगे.प्रो. निशा सिंह ने बताया कि सभी आगंतुक अतिथियों के स्वागत एवं आवास की समुचित व्यवस्था की गई है, राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन 12 जनवरी 2026 को मध्याह्न में होगा.

नौतपा से भक्‍तों को मिलेगी राहत, काशी विश्‍वनाथ मंदिर न्‍यास ने सहूलियत के लिए किए उपाय
नौतपा से भक्‍तों को मिलेगी राहत, काशी विश्‍वनाथ मंदिर न्‍यास ने सहूलियत के लिए किए उपाय
Devotees will get relief from Nautapa, Kashi Vishwanath Temple Trust has taken measures for their convenience.वाराणसी: भीषण गर्मी और नौतपा काल (25 मई से 02 जून) को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने धाम में दर्शनार्थ आने वाले भक्‍तों की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संरक्षण के लिए व्यापक उपाय किए हैं. मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए धाम परिसर एवं कतार मार्ग के विभिन्न स्थलों पर जर्मन हैंगर एवं कैनोपी की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही, जर्मन हैंगर तथा टेंसाइल स्ट्रक्चर के भीतर मिस्ट फैन स्थापित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को शीतल वातावरण मिल सके.बच्चों के लिए बिस्कुट वितरण की व्यवस्थान्यास ने विशेष रूप से छोटे बच्चों और परिवार सहित आने वाले श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए बच्चों के लिए बिस्कुट वितरण की व्यवस्था की है. इसके अलावा, श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु विभिन्न स्थानों पर ओआरएस, ग्लूकोज एवं गुड़ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, ताकि गर्मी एवं निर्जलीकरण से बचाव किया जा सके. धाम परिसर में कुल 19 स्थानों पर शुद्ध एवं शीतल पेयजल के वाटर कूलर एवं 10 स्थानों पर पोर्टेबल वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है.कतार में दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले जूट मैट बिछाए गए हैं, जिससे उन्हें गर्म फर्श से राहत मिल सके.इसके अतिरिक्त, संपूर्ण धाम क्षेत्र में निरंतर स्वच्छता बनाए रखने हेतु सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है और नियमित साफ-सफाई एवं सैनिटाइजेशन का कार्य लगातार किया जा रहा है.जूस एवं शीतल पेय से बाबा का भोगनौतपा काल, जो 25 मई 2026 से प्रारंभ होकर आगामी अवधि तक रहेगा, के दौरान भगवान श्री काशी विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार एवं अभिषेक विभिन्न फलों के रस एवं शीतल पेय पदार्थों से संपन्न किया जाएगा. यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं सनातन परंपरा के अनुरूप संपन्न होगा. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है क‍ि धाम में दर्शन के दौरान प्रशासन एवं मंदिर कर्मियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा संयम एवं श्रद्धा के साथ दर्शन करें.Also Read: BHU के मधुबन पोखरे में गंदगी का अंबार, छात्रों ने चलाया स्‍वच्‍छता अभियान
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BHU के मधुबन पोखरे में गंदगी का अंबार, छात्रों ने चलाया स्‍वच्‍छता अभियान
Piles of garbage in BHU's Madhuban pond, students launched a cleanliness driveवाराणसी: मिशन मधुबन और Sunday for BHU अभियान के अंतर्गत स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (SFD), काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई द्वारा मधुबन स्थित पोखरे में विशेष स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान SFD के कार्यकर्ता स्वयं पोखरे में उतरकर उसकी चौतरफा सफाई करते दिखाई दिए. कार्यकर्ताओं ने पोखरे में जमा कचरा, प्लास्टिक एवं गंदगी को हटाकर जल स्रोत को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने का प्रयास किया. अभियान के दौरान मधुबन परिसर के आसपास भी साफ-सफाई की गई तथा विद्यार्थियों के बीच जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ परिसर के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया.मिशन मधुबन अभियान बता दें कि SFD के कार्यकर्ता पिछले महीने भर से मधुबन के संरक्षण हेतु स्वयं अपना सर्वस्व लगाकर लगातार कार्य कर रहे हैं, किंतु चिंता का विषय यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के कानों पर इस विषय को लेकर जू तक नहीं रेंग रही है. एसएफडी इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि “मिशन मधुबन अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मधुबन को पुनः उसकी पुरानी गरिमा, स्वच्छता एवं सुंदरता प्रदान करना है. यह अभियान छात्रों के भीतर अपने विश्वविद्यालय एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी प्रयास है. मधुबन की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और इसे संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है.”कार्यकर्ताओं ने पोखरे में उतरकर की सफाई वहीं संयोजक मोहित राज गुप्ता ने कहा कि “आज कार्यकर्ताओं ने स्वयं पोखरे में उतरकर सफाई की, जिससे यह संदेश जाए कि समाज एवं परिसर की जिम्मेदारी हम सभी की है. मधुबन का संरक्षण जल, पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण से भी जुड़ा हुआ विषय है. ‘Sunday for BHU’ के माध्यम से हम विश्वविद्यालय परिसर में सकारात्मक परिवर्तन एवं जनभागीदारी का वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं व आने वाले समय में SFD द्वारा मधुबन में नियमित स्वच्छता अभियान, पौधारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि यह स्थान विद्यार्थियों के लिए एक स्वच्छ, हरित एवं प्रेरणादायी वातावरण के रूप में विकसित हो सके.”Also Read: कुंजी टोला में आग लगने से तीन गाड़ियां और घरेलू सामान जलकर राख, सामने आई यह वजहअभियान के दौरान मधुबन क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक सुविधाओं एवं वॉशरूम की स्थिति को बेहतर बनाने तथा पूरे क्षेत्र को स्वच्छ, हरित एवं आकर्षक स्वरूप देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई. विद्यार्थियों ने नियमित रूप से मिशन मधुबन अभियान से जुड़कर परिसर संरक्षण हेतु कार्य करने का संकल्प लिया.
कुंजी टोला में आग लगने से तीन गाड़ियां और घरेलू सामान जलकर राख, सामने आई यह वजह
कुंजी टोला में आग लगने से तीन गाड़ियां और घरेलू सामान जलकर राख, सामने आई यह वजह
Three vehicles and household goods were destroyed in a fire in Kunji Tola, the reason behind it being revealed.वाराणसी: चौक थाना क्षेत्र में घुघरानी गली के कुंजी टोला में एक मकान के बाहर से गुजर रहे बिजली के तार में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई. यह आग इतनी भयानक थी कि घर के बाहर खड़ी इंफील्ड बुलेट, यामाहा और टीवीएस बाइक के साथ-साथ घर में मौजूद डीप फ्रीजर, इन्वर्टर और अन्य कई घरेलू सामान जलकर राख हो गए. सोमवार की सुबह आग लगने की इस घटना से क्षेत्र में अफरा तफरी की स्थिति बनी रही. इस दौरान धुएं के कारण एक वृद्ध महिला अचेत हो गई. सूचना के बाद पहुंचे दमकल कर्मियों ने मशक्‍कत के बाद आग बुझाई.आग लगने से लाखों का नुकसानस्‍थानीय लोगों के अनुसार घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है. मकान नंबर CK 39/49 के मालिक पंकज कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके घर के बाहर से निजी कंपनी द्वारा लगाए गए बिजली के तार की लापरवाही के कारण यह घटना हुई. आग ने धीरे-धीरे भयानक रूप ले लिया था. इसकी वजह से लाखों का नुकसान हो गया है. आग के कारण घर में मौजूद 70 वर्षीय चमेली देवी धुएँ के कारण बेहोश हो गईं, जिन्हें तुरंत मण्डलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में भर्ती कराया गया. उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.दमकल गाड़ियों ने आग पर पाया काबूबता दें, स्थानीय लोगों ने पहले आग पर काबू पाने के लिए फायर सिलेंडर का उपयोग किया, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो फायर डिपार्टमेंट को सूचित किया गया. दमकल की दो गाड़ियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया. आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय थाने के लोग और शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की और घटना की जानकारी ली.Also Read: आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरीइस घटना ने स्थानीय निवासियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है. पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि आग लगने के समय वह घर में नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने घटना की जानकारी ली, तो उन्हें बहुत चिंता हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के तारों की स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वे इस मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें.