वाराणसी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, शिकायतकर्ताओं के खातों में 6.40 लाख कराए वापस

वाराणसी : लालपुर पाण्डेयपुर पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल टीम की सजगता व त्वरित कार्रवाई से साइबर फ्राड हुए कुल 6,40000 रुपये को होल्ड कराते हुए शिकायतकर्ताओं के खातों में वापस कराए गए. आनलाइन धोखाधड़ी के शिकार केरल, थाना जैतपुरा व थाना लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र के रहने वाले शिकायतकर्ताओं ने घटना के संबंध में गुहार लगाई थी.
केस 1
23 जनवरी 2026 को पीडित केरल निवासी मो अदनान द्वारा साइबर हेल्प लाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई कि वह वाराणसी घूमने आये थे. उसी दौरान होटल, गाड़ी बुक कराने के नाम पर लिंक भेजकर साइबर फ्राड कर मेरे 4,15000 रुपये ले ले लिए गए. जिस पर थाना लालपुर पाण्डेयपुर साइबर नोडल द्वारा तत्काल बैंक से समन्वय स्थापित कर शिकायतकर्ता का पैसा पंजाब एण्ड सिन्ध बैंक के खाते में होल्ड करा दिया गया. इसके बाद न्यायालय के आदेशानुसार होल्ड कराये गये कुल 4,15000 रुपये को शिकायकर्ता के खाते में वापस कराए गए.
केस 2
15 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता छोटेलाल खरवार निवासी हुकुलगंज ने साइबर हेल्प लाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई कि इन्श्योरेंस पालिसी अपडेट कराने के नाम पर साइबर फ्राड कर 75000 रुपये ले लिए गए. इस पर थाना लालपुर पाण्डेयपुर साइबर नोडल द्वारा तत्काल बैंक से समन्वय स्थापित कर शिकायतकर्ता का पैसा बैंक आफ बडौदा में होल्ड करा दिया गया. न्यायालय के आदेशानुसार होल्ड कराये गये कुल 75000 रुपये को शिकायतकर्ता के खाते में वापस कराया गया.
केस 3
06 मार्च 2026 को शिकायतकर्ता के फोन पर काल आती है जो खुद को लाइफ इंश्योरेन्स कन्ज्यूमर कोर्ट, मुम्बई का वकील सुमित बताता है और इश्योरेन्स के फायदे बताकर पीडिता के खाते से 1,50000 रुपये का फ्राड कर लेता है. पीडिता ने तत्काल साइबर सेल से सम्पर्क कर NCRP/1930 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. जिसके उपरान्त साइबर सेल द्वारा इन्श्योरेन्स कम्पनी से प्रभावी पत्राचार व टेलिफोनिक वार्तालाप कर सम्पूर्ण धनराशि को आवेदिका के खाता मे वापस कराया गया.
साइबर फ्राड से बचाव-
1. डिजिटल अरेस्ट व पुलिस/सीबीआई/नारकोटिक्स/कस्टम विभागों के नाम से आने वाले ब्लैकमेलिंग कॉल या मैसेज से सावधान रहें.
2. मेल या मैसेज के माध्यम से आने वाले किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक ना करें और ना ही अपने मोबाइल में कोई भी एपीके फाइल डाउनलोड ना करें.
3. गूगल सर्च पर कस्टमर केयर के नाम से उपलब्ध नम्बरों पर बिना जाँचे-परखे विश्वास न करें.
4. किसी भी डर या लालच में ना आएँ क्योंकि यहीं से साइबर अपराध की शुरुआत होती है.
5. किसी भी डर या लालच में ना आएँ क्योंकि यहीं से साइबर अपराध की शुरुआत होती है.
6. सोशल मीडिया के विभिन्न सेफ्टी फीचर्स जैसे टू स्टेप वेरीफिकेशन व प्राइवेसी ऑन पोस्ट का ध्यान रखें.
7. सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से मित्रता ना करें ना ही किसी से अपने व्यक्तिगत जानकारी शेयर करें.
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साइबर फ्राड होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर या www.cybercrime.gov.in पर या अपने नजदीकी थाने के साइबर हेल्प डेस्क या साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराएँ.



