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वाराणसी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्‍ती, जान लें यातयात की बदली व्‍यवस्‍था...

वाराणसी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्‍ती, जान लें यातयात की बदली व्‍यवस्‍था...
Jul 20, 2026, 09:05 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : सवान माह के मद्देनजर शहर में यातयात व्‍यवस्‍था बदली जा रही है. शहर में नो एंट्री के समय बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन वाहनों को हाईवे और रिंग रोड पर ही सख्ती से रोका जाएगा. कालोनी समेत अन्य मार्गों से शहर के अंदर आने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा. ऐसे मार्गों को चिह्नित किया जाएगा, जहां से कोई वाहन प्रवेश करते हैं. केवल उन वाहनों को शहर के अंदर आने की अनुमति होगी, जिनके पास विशेष अनुमति होगी. उन्हें रात में बड़े वाहन लाने और नो एंट्री से पहले शहर से बाहर निकलने की आवश्यकता होगी. एडीसीपी ट्रैफिक ने सभी यातायात निरीक्षकों, उप निरीक्षकों, दीवान और सिपाहियों को सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.


शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भोर में पांच से रात 11 बजे तक नो एंट्री लागू रहेगी. रात 11 बजे से भोर पांच बजे तक बड़े वाहनों के आने पर छूट रहेगी. इस दौरान ट्रक, डंपर, ट्रेलर समेत अन्य भारी माल वाहनों को शहर में आने की अनुमति होगी. आवश्यक सेवाओं के वाहनों को निर्धारित शर्तों पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वाहन खराब होने पर होने वाली परेशानी को देखते हुए, रात में छूट के समय वाहन नो एंट्री खुलने से पहले चालक को लेकर बाहर निकलना होगा. शहर के अंदर आए वाहन यदि खराब होते हैं, तो यातायात बाधित होता है. बड़े वाहनों को तत्काल सड़क से हटाना चुनौतीपूर्ण होता है. ऐसे में यदि उनके वाहन खराब होते हैं, तो तत्काल हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.


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शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. बाहरी जिलों से आने वाले भारी वाहनों को पहले से ही वैकल्पिक मार्गों की जानकारी देकर रूट डायवर्ट किया जाएगा. फिर भी चोरी-छिपे प्रवेश करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिए मानीटरिंग की जाएगी. एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र के अनुसार आगामी त्योहार के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं या पर्यटकों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए योजना बनाई गई है. सभी यातायात निरीक्षकों को कार्रवाई करने और निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. नो एंट्री के समय बड़े वाहन शहर के अंदर आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.


-विशेष ट्रेनें चलाने की कवायद


30 जुलाई से 28 अगस्त तक सावन माह में वाराणसी जंक्शन पर भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिसके चलते विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी. वाराणसी स्टेशन प्रशासन द्वारा सावन माह के दौरान ट्रेन रैक अलर्ट मोड में रखे जाएंगे. सफाई, खानपान और जलापूर्ति की व्यवस्था के निर्देश दिए गए. होल्डिंग एरिया की सुविधा की भी तैयारी रखने को कहा गया. जंक्शन और सर्कुलेटिंग एरिया को बेसहारा पशु, कुत्ते आदि से मुक्त रखा जाएगा.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।