वाराणसी को मिलेगा इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस, 25 एकड़ जमीन पर बनेगी देश की मॉडल कचहरी...

वाराणसी : लंबे समय से अपनी मांग के लिए लड़ रहेअधिवक्ताओं के लिए खुशखबरी और राहत भरी खबर है. जिले के वकीलों की लंबे समय से चली आ रही जगह की किल्लत और आधुनिक सुविधाओं की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी मुहर लगा दी है. अब वाराणसी में सेंट्रल जेल की 25 एकड़ खाली जमीन पर इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस (Integrated Court Campus) आकार लेगा, जहां दीवानी और फौजदारी दोनों न्यायालय एक ही बाउंड्री वॉल के भीतर संचालित होंगे. इस संबंध में द सेंट्रल बार एसोसिएशन बनारस के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम के नेतृत्व में पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद सीएम ने मौके पर ही जिलाधिकारी को जमीन के रिकॉर्ड शासन को भेजने के कड़े निर्देश जारी किए.
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने बताया, "बनारस की कचहरी करीब 100 साल पहले बनी थी. उस समय वकीलों की संख्या बेहद कम थी, लेकिन आज संख्या इतनी बढ़ गई है कि नए और युवा वकीलों को टेंट में, सड़कों पर या खुले आसमान के नीचे बैठकर काम करना पड़ता है. जून महीने में ही करीब 750 नए अधिवक्ताओं का नामांकन सेंट्रल बार में हुआ है. 45 डिग्री तापमान और बरसात में वकीलों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है. "उन्होंने बताया कि सरकार प्रदेश के अन्य जिलों (जैसे चंदौली) की तरह वाराणसी में भी इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस की मुहिम पर काम कर रही थी. इसके लिए सेंट्रल बार ने प्रस्ताव पास कर जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा था.
कलेक्ट्री और दीवानी कोर्ट एक ही जगह, वकीलों का संशय दूर
अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि कुछ लोग अधिवक्ताओं के बीच यह भ्रम फैला रहे थे कि कलेक्ट्रेट कोर्ट पुरानी जगह पर ही रहेगा और केवल दीवानी न्यायालय शिफ्ट होगा, जिससे 20 से 25% वकीलों को दोनों जगह भागदौड़ करने में दिक्कत होगी. मुलाकात के दौरान जब यह बात मुख्यमंत्री के सामने रखी गई, तो सीएम ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की. मुख्यमंत्री ने कहा कि "चूंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए यहाँ देश का सबसे बेहतरीन मॉडल कचहरी परिसर बनना चाहिए."
सीएम योगी ने तुरंत उसी कक्ष में जिलाधिकारी को बुलाया और निर्देश दिए कि कलेक्ट्रेट न्यायालय के बाबत भी सभी औपचारिकताएं पूरी कर सेंट्रल जेल की 25 एकड़ जमीन का पूरा रिकॉर्ड शासन को भेजा जाए. शासन के पास फंड की कोई कमी नहीं है और इस काम को तुरंत रफ्तार दी जाएगी.
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सेंट्रल बार एसोसिएशन के अनुसार, सेंट्रल जेल की 25 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह कैंपस पूरी तरह हाईटेक और विश्वस्तरीय होगा, जिसमें कई सुविधाएं मिलेंगी. अधिवक्ताओं के बैठने के चैंबर और सभी अदालतें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी. परिसर के भीतर ही वकीलों और वादकारियों के लिए एक आधुनिक अस्पताल और बेहतरीन कैंटीन की व्यवस्था होगी. दीवानी न्यायालय और कलेक्ट्रेट कोर्ट दोनों एक ही बाउंड्री वॉल के भीतर होंगे, जिससे वकीलों और जनता की भागदौड़ पूरी तरह खत्म हो जाएगी.



