BHU में वासुदेव शरण अग्रवाल स्मृति व्याख्यान, भारतीय कला-संस्कृति में उनके योगदान पर हुई चर्चा

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला इतिहास विभाग में प्रो. वासुदेव शरण अग्रवाल स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया. व्याख्यान का विषय ‘भारतीय कला, संस्कृति के मर्मज्ञ वासुदेव शरण अग्रवाल और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय’ रहा. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लेखक, कलाकार एवं स्तंभकार कौशल किशोर रहे.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुरी अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. प्रभाकर सिंह तथा प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग के अध्यक्ष प्रो. महेश कुमार अहिरवार उपस्थित रहे.कार्यक्रम की अध्यक्षता कला इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्रो. एमेरिटस प्रो. मारुति नंदन प्रसाद तिवारी ने की. कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. ज्योति रोहिल्ला राणा रहीं.
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. ज्योति रोहिल्ला राणा के स्वागत उद्बोधन से हुआ. इसके बाद प्रो. प्रभाकर सिंह ने आचार्य वासुदेव शरण अग्रवाल के साहित्यिक लेखन और उनके चिंतन पर प्रकाश डाला. उन्होंने अग्रवाल के विचारों के संदर्भ में लोक और वेद के अंतर्संबंध पर विस्तार से चर्चा की.

प्रो. महेश कुमार अहिरवार ने आचार्य वासुदेव शरण अग्रवाल के कला चिंतन और भारतीय कला को समझने में उनके योगदान पर अपने विचार रखे.
मुख्य वक्ता कौशल किशोर ने आचार्य वासुदेव शरण अग्रवाल के कृतित्व के साथ उनके प्रारंभिक जीवन पर चर्चा की. उन्होंने बनारस में अग्रवाल के शुरुआती दिनों और लखनऊ में प्रो. राधाकुमुद मुखर्जी के निर्देशन में किए गए उनके शोधकार्य का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आचार्य वासुदेव शरण अग्रवाल वास्तव में ‘पृथ्वी पुत्र’ थे। उन्होंने आचार्य वासुदेव शरण अग्रवाल, कपिला वात्स्यायन और आनंद कुमार स्वामी के कला चिंतन के अंतर्संबंधों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला.
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. मारुति नंदन प्रसाद तिवारी ने आचार्य वासुदेव शरण अग्रवाल के लोक और वेद संबंधी विचारों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि लोक में ही वेद की व्याप्ति है और लोक से परे कुछ भी नहीं है.
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कार्यक्रम के अंत में कला इतिहास विभाग के आचार्य प्रो. निशांत ने सभी वक्ताओं और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर प्रो. निधि पाण्डेय, प्रो. अर्पिता चैटर्जी, प्रो. आभा मिश्रा पाठक, डॉ. सचिन तिवारी, डॉ. सैजू और डॉ. प्रियंका सिंह सहित विभाग के शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे.



